Delhi CM @ArvindKejriwal launches AAP’s manifesto for MCD. अब हम करेंगे स्वच्छ दिल्ली !

अब हम करेंगे स्वच्छ दिल्ली-  MCD चुनाव के लिए AAP का घोषणापत्र जारी

 

राजधानी में आवासीय हाउस टैक्स करेंगे माफ़, 1 साल में दिल्ली को चमका कर दिखाएंगेअरविंद केजरीवाल

 

सफ़ाई कर्मचारियों को हर महीने की 7 तारीख़ को दी जाएगी तनख्वाह, और सफ़ाईकर्मियों की होगी भर्तीअरविंद केजरीवाल

 

तीन साल में दिल्ली को डेंगू-चिकनगुनिया से दिलाएंगे मुक्तिअरविंद केजरीवाल

 

 

बुधवार को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली नगर निगम चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी का घोषणापत्र जारी किया। जिसमें मुख्यत: राजधानी में आवासीय हाउस टैक्स माफ़ करने, 1 साल में दिल्ली को साफ़-स्वच्छ बनाने और सभी सफ़ाई कर्मचारियों को हर महीने की 7 तारीख़ को वेतन देने के वादे मौजूद हैं। घोषणापत्र जारी करने के इस मौके पर पार्टी के वरिष्ठ नेता एंव दिल्ली सरकार में उपमुख्यमंत्री श्री मनीष सिसोदिया, पार्टी के वरिष्ठ नेता एंव राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष, दिल्ली प्रभारी आशीष तलवार, पार्टी के दिल्ली संयोजक दिलीप पांडे, पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी दीपक वाजपेई एंव चांदनी चौक से विधायक अल्का लाम्बा मौजूद रहीं।

 

‘आप’ संयोजक एंव दिल्ली के मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल ने पार्टी का घोषणापत्र जारी करते हुए दिल्ली की जनता को विश्वास दिलाया कि दिल्लीवासियों को दिल्ली नगर निगम में एक बेहतर और ईमानदार शासन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ‘पिछले 10 साल से दिल्ली नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी का कुशासन है और बीजेपी ने नगर निगम को भ्रष्टाचार का अड्डा और दिल्ली को कचरे का डिब्बा बनाकर रखा हुआ है। आम आदमी पार्टी जब नगर निगम की सत्ता में आएगी तो निगम से ना केवल भ्रष्टाचार ख़त्म करेगी बल्कि दिल्ली शहर को 1 साल में चमकाने का काम भी करेगी।‘

 

आप संयोजक और दिल्ली सीएम श्री अरविंद केजरीवाल द्वारा जारी किए गए AAP के घोषणापत्र में पार्टी के वादों के कुछ प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं-

–          दिल्ली में आवासीय हाउस टैक्स ख़त्म किया जाएगा और पिछला बकाया भी माफ़ किया जाएगा

–          दिल्ली को अगले एक साल में साफ़-स्वच्छ बनाएंगे और राजधानी को चमका कर दिखाएंगे

–          3 साल में राजधानी दिल्ली को डेंगू-चिकनगुनिया जैसी बीमारियों से मुक्ति दिलाएंगे

–          दिल्ली नगर निगम में काफ़ी सारे काम और सर्टिफ़िकेट की सेवाओं को ऑनलाइन किया जाएगा ताकि इससे भ्रष्टाचार को ख़त्म किया जा सके और जनता को सहूलियत हो सके

–          सफ़ाईकर्मियों को समय पर तनख्वाह देते हुए हर महीने की 7 तारीख़ को सीधा उनके बैंक खातों में पैसे भेजेंगे

–          ज़रुरत के मुताबिक और सफ़ाईकर्मियों की भर्ती की जाएगी

–          सफ़ाईकर्मियों को शहर की साफ़-सफ़ाई करने के लिए नई और अत्याधुनिक मशीनें मुहैय्या कराएंगे

–          सफ़ाईकर्मियों को कैशलेस कार्ड देंगे और साथ ही उनकी बेटी के नाम एक फ़िक्स-डिपॉज़िट और कर्मियों को जीवन बीमा दिया जाएगा

–          दिल्ली में मकानों के नक्शे पास कराने की प्रक्रिया को ऑनलाइन और बेहद ही आसान किया जाएगा, दिल्लीवासियों को निगम ऑफ़िस जाकर रिश्वत देकर काम कराने से मुक्ति दिलाई जाएगी

–          रहड़ी-पटरी वालों के लिए टाउन-वेंडिंग कमेटी का गठन किया जाएगा और सभी वेंडर्स को रजिस्ट्रेशन का सर्टिफ़िकेट दिया जाएगा

–          दिल्ली में डंप-ज़ोन के सारे कचरे को हटाया जाएगा और लैंडफ़िल की ऊंचाई को धीरे-धीरे कम करते हुए ख़त्म किया जाएगा जिसमें अत्याधुनिक तकनीक की मदद ली जाएगी

–          RWA की निगरानी में मोहल्ले और गलियों के काम कराए जाएंगे, जनता के कहने के मुताब़िक होंगे काम, RWA या मोहल्ला सभा के कहने पर ही काम करने की एवज में ठेकेदार का बिल पास किया जाएगा

–          पार्कों के रख-रखाव में RWA की सक्रिय भूमिका को और बढ़ाया जाएगा।

–          नगर निगम में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद अनाधिकृत कॉलोनियों को पक्का और नियमित करने के काम में तेज़ी आएगी क्योंकि आप की दिल्ली सरकार पहले ही इन कॉलोनियों को नियमित करने की फ़ाइल को आगे बढ़ा चुकी है।

–          दिल्ली में सभी निगम डिस्पेंसरी और अस्पतालों का कायाकल्प किया जाएगा और उनमें भी मोहल्ला क्लीनिक की तरह सभी दवाइयां और टेस्ट फ्री किए जाएंगे

–          दिल्ली नगर निगम के अंतर्गत आने वाले सभी प्राथमिक विद्यालयों की खराब हालत को सुधारने के लिए उनका कायाकल्प दिल्ली सरकार के स्कूलों की तर्ज़ पर किया जाएगा और शिक्षा के स्तर को बेहतर किया जाएगा

–          ज़रुरत के मुताबिक और प्राइमरी शिक्षकों की भर्ती की जाएगी

–          दिल्ली की सड़कों पर वॉटर-ड्रेनेज सिस्टम को ठीक किया जाएगा ताकि बरसात के मौसम में सड़कों पर पानी ना भरे

–          भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन के साथ दिल्ली नगर निगम को घाटे से बाहर निकाला जाएगा

 

‘इसके अलावा और भी कई वादे हैं जो आम आदमी पार्टी ने अपने घोषणापत्र में किए हैं और इसमें कोई दोराय नहीं कि आम आदमी पार्टी जो कहती है वो करती भी है। दिल्ली सरकार में पिछले 2 साल में आम आदमी पार्टी ने बिजली-पानी समेत अनेक वो वादे पूरे किए हैं जो पार्टी ने दिल्ली की जनता से विधानसभा चुनाव से पहले किए थे और बचे तीन साल में अपने एक-एक वादे को पूरा करेगी और ठीक ऐसे ही दिल्ली नगर निगम में भी उसी ईमानदारी से काम किया जाएगा और एक भ्रष्टाचार मुक्त और जनहितकारी प्रशासन दिल्ली की जनता को नगर निगम के माध्यम आम आदमी पार्टी देगी।‘

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AAP MCD Manifesto (English).pdf-5

AAP MCD Manifesto (Hindi).pdf-1

Dy CM @msisodia exposes Rs. 1000 Crore Scam in BJP led MCD

Date 18 April 2017

How BJP has presided over a systematic loot and bankruptcy of MCDs

  • Manish Sisodia exposes Rs 1,000 crore scam in MCDs as shown in audit reports

Delhi Deputy Chief Minister and senior AAP leader Manish Sisodia on Tuesday exposed the systematic loot by the BJP in its ruled three MCDs since a decade.

Sisodia gave pointwise details of the financial irregularities in which the three MCDs have indulged running into hundreds of crores of rupees.

The audit reports are attached below.

Point 1 –Every statutory audit of MCD has revealed large scams. The last audit conducted by its own Chief Auditor in 2011-12, showed financial irregularities adding to Rs 244 Crore (audit is conducted on specific issues and if seen in totality this scam is not less than Rs 1,000 crore), which hasn’t even been denied by MCDs. Essentially, an open loot.

The 2011-12 Chief Auditor report assessed financial irregularities adding up to Rs 244 crore for the three MCDs with the following breakdown, along with major sources of irregularities:

North MCD – Rs 115 crore (highlights are as follows)

  • Rs 55.8 Cr – “The department is yet to recover dues amounting to Rs 55.8 crores in respect of 71 cheques tendered towards payment of Advertisement &Theatre tax which were dishonoured” (Auditor’s comment). This is for the period June 2008-Feb 2011.
  • Rs 4 Cr – Loss due to non/short deposit of property tax on one commercial property (Unitech Amusement Park Ltd., Rohini)
  • Rs 4.6 Cr – Financial irregularities in construction of road under bridge (RUB) RUB at G.T. Road Industrial Area approaching towards Sawan Park (on Delhi-Ambala Line)
  • Rs 1.3 lakhs – Bogus issue of text books. 4720 text books were shown to have been issued to Municipal Primary School, Azadpur Village –II from Main Store, MeethaKuan, SabziMandi, Delhi, but these books were not found entered in the Stock book of recipient School.

East MCD – Rs 83 crores(highlights are as follows)

  • Temporary advances amounting to Rs 54.5 Cr drawn by the drawing &disbursing officers of different departments of the Zones during the years 1988-89 to 2011-12 have not been adjusted so far
  • Undue benefit to property owners/builders due to non-taking of demolition action on unauthorized constructions
  • 2.913 acre of Municipal land in various Municipal Parks has been encroached upon

South MCD – Rs 50 crores(highlights are as follows)

  • Rs 22.6 Cr – Temporary advances drawn by the drawing & disbursing officers of different departments of the zones during the years 1998-99 to 2011-12 have not been adjusted so far
  • Rs 1 Cr – Loss due to non-allotment of rights for display of advertisements through kiosks
  • Rs 1 Cr – Loss  due to non-recovery of dues against dishonoured cheques for property tax

Similar damning stuff can also be found in the 2010-11 audit report of North DMC which states:

  • Rs 46 Cr – I.C.D.S. Programme was being funded by Delhi Government through Grants-in-aid. Delhi Government released the Grants-in-aid regularly till 1997 and partially till 2001 and thereafter stopped it with the result a huge amount of Rs 46 Cr had been accumulated as arrears upto 31.3.2011. But the Health department did not surrender the posts created for this project or utilize the services of the staff in other M.C.D. hospitals/dispensaries/M&CW Centers etc. Continuation of 198 No. of posts for such a long time (10 years) through its own resources is irregular.

In each of the above cases, the Chief Auditor’s report mentions multiple times when such irregularities were brought to the notice of MCD and it didn’t even receive a response. For example, in the case of ICDS project, the report says “The irregularity was brought to the notice of the department in June, 2009 and March, 2012, but no reply has been received (January, 2013).

Point 2 – Complete breakdown of internal or external accountability mechanisms in MCDs. Fair to say that MCDs have gone rogue and have shown zero commitment to accountability.

Following evidence backs this claim:

  • The 2011-12 Auditor’s report gives a tally of total 7,252 audit objections (North DMC – 3615, South DMC – 2399, East DMC – 1238) raised by successive Chief Auditors since 1967 (50 years!) but every single of them is lying unaddressed. The Auditor’s common complaint is:

…the departments concerned have not been following the instructions regarding

prompt and proper disposal of audit objections and queries. They are required

to furnish the necessary explanation, information, documents, records and other

particulars, as the case may be within a week of the receipt of communication

from Audit but Audit Inspection Reports are being treated in a very casual

manner by the Municipal Officers who neither reply promptly to the Audit

Objections nor discuss the circumstances in which the irregularities etc. have

been allowed to continue.

  • The 2011-12 Chief Auditor’s report also gives damning details of how the united MCD had not bothered to submit either their Monthly or Annual Account to the Chief Auditor’s office for the period 2004-05 to 2011-12. This is a mandatory requirement under Section 205 and 206 the DMC Act.

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EDMC 2011-12

NDMC 2011-12

SDMC 2011-12

Dy CM @msisodia exposes how BJP-led MCDs have converted Delhi into a big dustbin

Date 18 April 2017

BJP created a sanitation mess in Delhi for a decade by its corruption & inefficiency

  • BJP-led MCDs have converted Delhi into a garbage dump and a national shame

Delhi Deputy Chief Minister and senior AAP leader Manish Sisodia on Tuesday exposed how the BJP-led MCDs have converted the national capital into a garbage dump and a national shame.

Sisodia showed documents of Union Ministry of Urban Development to expose the MCDs failure in doing their basic and mandatory job of keeping Delhi clean.

Given below are the details of points raised by Manish Sisodia :

Point 1: MCDs have undertaken no effort to improve sanitation in Delhi despite making two tall promises in sanitation in their manifesto for 2012 MCD elections. These were:

  • Promise#1 – Door-to-door garbage collection and waste segregation to be extended across the city.
  • Promise#2 – Public toilets to be built at busy spots, particularly for women.

Independent surveys conducted by Ministry of Urban Development (MoUD) show that Delhi (MCD areas) is among the poorest performing cities nationally from 2010 up to 2016. So essentially zero improvement.

 

  • In 2009-10, MoUD carried out a survey to rank 423 Indian cities on cleanliness and sanitation. The national capital got a rank of 168th.
  • In a 2015 survey, MoUD ranked Delhi at 398 out of 476 cities. Lucknow was ranked at 220, and Etawah was at 85.
  • In 2016, under Swach Bharat Mission, MoUD carried out a “SwachhSarvekshan survey” for 73 cities in India through Quality Council for India in which all the 3 corporations under MCD were ranked in the bottom half. The overall rank of SDMC was 39, North DMC was at 43, and EDMC at 52. Mysore and Chandigarh were the top two ranked Indian cities. T
  • This survey asked citizen feedback on important sanitation questions, including those that clearly defy the two election promises of BJP during 2012 MCD elections. Results are summarized below:

 

Citizen Feedback of MCD services in 2016 SwachhSarvekshan Survey by MoUD

 

Links:

https://gramener.com/swachhbharat/

 

Point 2: Even the few toilets that are being operated by MCDs are in a complete mess. They are filthy, unsafe and inaccessible for women, and use the abhorrent practice of manual scavenging to clean septic tanks

 

In November 2016, the NGO Action Aid carried out a survey of 229 public toilets in Delhi (all managed by MCDs or NDMC) which revealed the following:

  • 70% toilets were not clean, 65% had no flush facility, 50% had no water supply, 61% toilets did not have soap to use
  • Over 72% toilets lacked visible signages
  • 76% had no ramp facility and were not disabled friendly
  • Widespread prevalence of manual scavenging practice as septic tanks of nearly 38% of the toilets are cleaned manually

 

Toilets were unsafe for women in several ways:

  • 35% toilets had no separate section for women. Even those toilets that have this were being used by men due to absence of any upkeep
  • 28% toilets did not have doors, while 45% toilets did not have mechanism to lock from inside
  • Over half of them did not have lights neither inside the toilet nor in outer premises
  • 46% of toilets are unguarded

 

Links:

http://www.governancenow.com/news/regular-story/few-public-ilet-women-in-delhi-survey#sthash.vCwNGEPi.dpuf

http://timesofindia.indiatimes.com/city/delhi/Womens-toilets-need-mess-men-flushed-out/articleshow/55643054.cms

 

Point 3: MCDs have failed the citizens of Delhi in responding to any complaints related to sanitation. In MoUD’sSwacchata App for grievance redressal of urban sanitation issues, MCDs are among the worst performing agencies nationally.

 

 

Link: http://swachh.city/analytics

AAP exposes BJP’s Rs. 1.31 Crore Scam of not regularizing street vendors in Delhi

Date 16 April 2017

BJP ने रहड़ी-पटरी वालों को नियमित करने का झांसा देकर लूटा, 1 करोड़ 31 लाख रुपए ग़रीब रहड़ी वालों की जेब से निकाले, किया कुछ नहीं

 

निगम की सत्ता में आकर AAP करेगी रहड़ी-पटरी वालों को जल्द से जल्द नियमित, ठोस योजना के साथ किया जाएगा काम  

 

 

पार्टी कार्यालय में आयोजित हुई प्रेस कॉंफ्रेंस में बोलते हुए पार्टी के दिल्ली संयोजक और राष्ट्रीय प्रवक्ता दिलीप पांडे ने कहा कि “भारतीय जनता पार्टी ने साल 2007 में यह दिल्ली के रहड़ी-पटरी वालों को यह वादा किया था उन्हें सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के आधार पर नियमित किया जा रहा है जिसकी एवज में बीजेपी ने दिल्ली के 1,31,807 रहड़ी-पटरी वालों से 100-100 रुपए लेकर फॉर्म भरवाए गए, जिसका पहला सरकारी नोटिफ़िकेशन 17-08-2007 को आया, दूसरा नोटिफ़िकेशन आया 01-11-2007 को यानि उसके तीन महीने बाद और उसमें कहा गया कि तीन तरह के फॉर्म भरने होंगे जिसमें फॉर्म ‘ए’ नए स्ट्रीट वेंडर के लिए होगा, फ़ॉर्म ‘बी’ साप्ताहिक बाज़ार के दुकानदारों के लिए होगा और तीसरा फ़ॉर्म ‘सी’ जो नियमित तयबाज़ारी के तहत दुकान लगाते हैं उनके लिए होगा। इन सबसे भाजपा ने 100-100 रुपए का शुल्क लिया था लेकिन उसके बाद किया कुछ नहीं। आज इन स्ट्रीट वेंडर्स की संख्या दोगुनी हो चुकी है लेकिन आज तक इनमें से एक को भी नियमित नहीं किया गया है। ये एक आर्थिक भ्रष्टाचार का मामला भी बनता है क्योंकि वो 1 करोड़ 31 लाख रुपए कहां गए? इस सवाल का जवाब एमसीडी में बैठी भाजपा को देना होगा।“

 

‘इसके अलावा भाजपा यहां तक ही नहीं रुकी, हम पब्लिक डोमेन में ये सब दस्तावेज़ भी रख रहे हैं जिसके तहत एक फॉर्म है जो उन ग़रीब रहड़ी-पटरी वालों से भरवाया गया और वो पर्ची जो ज़ोन ऑफ़िस ने 100 रुपए के बदले काटकर दी। लेकिन यहां भी भारतीय जनता पार्टी के दलालों ने रहड़ी-पटरी वाले ग़रीब भाईयों के साथ लूट का गंदा खेल खेला, ज़्यादातर रहड़ी-पटरी वाले भाई अक्षिशित हैं और उनका फ़ायदा उठाकर किसी से 500 रुपए तो किसी से 1000 तक बीजेपी के दलालों ने ज़ोन ऑफ़िस के बाहर खड़े होकर इन ग़रीब रहड़ी-पटरी वालों से लूट लिए।‘

 

‘इन सबमें कांग्रेस भी कहीं पीछे नहीं है, इससे पहले जब कांग्रेस पार्टी निगम की सत्ता में थी तो कांग्रेस ने भी इसी तरह का एक फ़ॉर्म रहड़ी-पटरी वालों से भरवाया था जिसकी एवज में 10-10 रुपए लिए गए थे लेकिन कांग्रेस ने भी किया कुछ नहीं। आज कांग्रेस के दिल्ली में पहली कतार के नेता रहड़ी-पटरी वालों के साथ बैठ कर उन्हें बरगलाने का काम करते हैं और उन्हें धोखे में रखते हैं।‘

 

‘आज की तारीख़ में आम आदमी पार्टी शासित दिल्ली सरकार द्वारा बनाई गई टाउन वेंडिंग पॉलिसी सबसे बेहतरीन है और हम अपने रहड़ी-पटरी वाले भाईयों को भरोसा देते हैं कि निगम की सत्ता में ईमानदार आम आदमी पार्टी के आने के बाद हम सालों से अटके रहड़ी-पटरी वालों के नियमितकरण के काम को जल्दी से जल्दी और बेहतरीन योजना के साथ पूरा करेंगे।‘

AAP exposes BJP’s rumour mongering on AAP’s promise of #HouseTaxMaaf

Date 16 April 20117

2007 के निगम चुनाव में BJP ने भी अपने घोषणा पत्र में किया था हाउस टैक्स माफ़ी का वादा, 10 साल तक निगम की सत्ता में रही बीजेपी, नहीं किया माफ़

 

आम आदमी पार्टी ने जब हाउस टैक्स माफ़ी की घोषणा की तो बीजेपी संसद की मजबूरी बताने लगी, जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है बीजेपीदिलीप पांडे

 

 

पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉंफ्रेंस में बोलते हुए पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पार्टी के दिल्ली संयोजक दिलीप पांडे ने कहा कि ‘जब से आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल ने यह वादा किया है कि अगर आम आदमी पार्टी निगम की सत्ता में आती है तो पूरे देश में दिल्ली ऐसा पहला शहर होगा जहां हाउस टैक्स माफ़ किया जाएगा। उसके बाद से भारतीय जनता पार्टी के नेता बौखला गए हैं और हाउस टैक्स माफ़ी को लेकर संसद की मजबूरी गिनाने लगे हैं। हम यह बताना चाहेंगे कि साल 2007 के निगम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में बिंदु संख्या 9 में हू-बू-बू यही वादा किया था, बीजेपी ने 2007 में खुद यह वादा किया था कि भारतीय जनता पार्टी अगर निगम की सत्ता में आएगी तो दिल्ली में हाउस टैक्स माफ़ किया जाएगा लेकिन आज 10 साल हो गए हैं और इन 10 साल तक बीजेपी ने दिल्ली की जनता को धोखे में रखा और अपना वादा पूरा नहीं किया बल्कि उपर से दिल्ली के लोगों के पीछे हाउस टैक्स के दलाल छोड़ रखे हैं जो वक्त-वक्त पर दिल्ली के लोगों की जेब काटने के लिए उनके घर जाकर उन्हें हाउस टैक्स के नाम पर डराकर उनसे पैसे ऐंठते हैं। और अब आम आदमी पार्टी दिल्ली के लोगों को बीजेपी के इन हाउस टैक्स दलालों के चंगुल से बाहर निकालने का वादा कर रही है तो भारतीय जनता पार्टी के लोग संसद की मजबूरी गिनाने रहे हैं ताकि जनता को फिर से धोखे में रखा जा सके।‘

 

प्रेस कॉंफ्रेस में उपस्थित आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश प्रवक्ता हरीश अवस्थी ने कहा कि ‘हाउस टैक्स के मुद्दे पर भाजपा दिल्ली के लोगों को बरगलाने और भ्रमित करने का काम कर रही है। दिल्ली में कुल 50 लाख प्रॉपर्टी हाउस टैक्स के लिए रजिस्टर्ड हैं लेकिन हाउस टैक्स सिर्फ़ 11 लाख प्रॉपर्टी से ही लिया जाता है। या तो निगम में बैठे भाजपा और कांग्रेस के लोग निक्कमे हैं या फिर बाकि बची 39 लाख़ प्रॉपर्टी के माध्यम से इन दोनो पार्टियों का हाउस टैक्स के नाम पर दलाली और उगाही का धंधा चलता है। और जब आम आदमी पार्टी हाउस टैक्स माफ़ी का वादा करती है तो बीजेपी-कांग्रेस जनता के बीचे में जाकर संसद की मजबूरी गिनाने लग जाते हैं जो इन पार्टियों के दोहरे चरित्र का प्रमाण है।‘

Come one, Come all! Volunteer for AAP to reform the MCD. Read our mission statement below :)

MCD में बदलाव को,

आप का वोट AAP को।

 

Hi there.

First things first.

My name is Roshan Shankar and I work as an Advisor in the Delhi Government and also work actively with the political executive i.e. the Aam Aadmi Party (AAP), both of which are led by Chief Minister Arvind Kejriwal. I hold a double Masters degree in Engineering and Public Policy at Stanford University focusing on economic, monetary and national security policy in my degree in Public Policy.

Without much ado, first of all, I would like to thank you – Yes You – for volunteering for the Aam Aadmi Party (AAP) in the recently concluded Punjab and Goa elections. Mere words are not enough to thank you for the hard-work, sweat and toil that you put in. Even though the election results were not as expected; it is a testament to the strength of the revolution that is AAP, that within 4 years of forming a political party, we are already running a government in one state and are a strong, credible opposition in another.

Even if you did not volunteer for the AAP or detest the mere mention of AAP and Arvind Kejriwal, I would like to thank you from the core of my heart for bearing with us through thick and thin and for, always, voicing your criticism openly and without fear of persecution.

As we move ahead, the next challenge that lies in front of us is the upcoming MCD election in Delhi on 23rd April 2017, where we have to defeat the corrupt BJP and Congress who have hollowed out the MCD and have caused distress to the citizens of Delhi for the past 15-20 years.

And we need your help in running our election campaign.

As you already know, the real strength of the AAP is its volunteers and this time we have to decisively defeat the corrupt and lackadaisical model of governance and politics offered by the twin-head of BJP and Congress & to provide “complete” governance to the citizens of Delhi, as a majority of day-to-day cradle to grave functions reside with the civic authorities.

For this we – the AAP – will be running the election campaign according to the model of governance that we believe in – Swaraj and decentralisation of power in the hands of the common citizens. Good Governance and Acchhi Neeyat will flow from the fountainhead of Swaraj and make people vote for us.

Below is a short mission statement which is the basic template that captures the ethos and spirit of what we are trying to achieve in the MCD Election Campaign. All volunteers are requested to not only remember this Swaraj action plan as a foundation stone for the election campaign over the next 20-30 days but to also imbibe its axioms and follow them fastidiously.

 

निकलो बाहर मकानों से,

जंग लड़ो बईमानों से

 

 Mission Statement

  • Swaraj means self governance through individuals and community building and not hierarchical governments. The focus is on political decentralisation.
  • AAPs religion, caste, creed and identity is Swaraj – power in the hands of people and decentralisation of the decision-making process.
  • PEOPLE are supreme in whatever we do.
  • Our MCD Campaign will revolve around the idea of Swaraj and how our policies/governance in the past 2 years in Delhi and how our policies/governance in the next 5 years, when we come to power in Delhi, will make the Aam Aadmi and the Aam Aurat empowered to take his/her decisions, without relying on venal and corrupt Councillors, Politicians and Officials.
  • We will make this election an issue based election where we will fight under the issues of:
  • Safai: Cleanliness at the home level, ward level, Vidhan Sabha level and cleanliness in the whole city of Delhi. True Swaraj.
  • Padhai: Every child will be in school and will get quality education. We will implement Delhi Government’s good governance model of Education in the MCD Schools as well. True Swaraj.
  • Dawai: Free and easy access to quality healthcare is the right of all the citizens of Delhi. We will ensure this by implementing Delhi Government’s good governance model of Health in MCD Hospitals and Dispensaries as well. True Swaraj.
  • Bhalai: We will bring an end to corruption, bribery, license-raj, dog/monkey menace. True Swaraj
  • House Tax Maaf: We will finish off the corruption by the dalals and house-tax mafia and bring relief to the citizens of Delhi. True Swaraj.
  • Our Door-to-Door (D2D) Campaigns and Social Media Campaigns will be based around these ideas as well as the Delhi Government achievements of the past 2 years.
  • Everything that we tell the citizens will be related to how we are empowering them. How they need not, anymore, go to corrupt politicians and officers to get basic civic work done. How every Aam Aadmi and Aam Aurat is a leader in himself/herself. How the AAP has made this possible.

 

If you are interested in joining us for this revolution, ping me at roshankar@gmail.com and let us take the conversation ahead!

 

AAP lays bare the hollowness at the core of the EDMC, with facts and statistics @dilipkpandey

Date 1 April 2017

PR/AAP/Delhi/01April17/MCD/EDMCreportcard

ईडीएमसी का रिपोर्टकार्ड एक खोखला दस्तावेज़, वास्तविकता से कोसों दूर

दिल्ली नगर-निगम में बीजेपी के 10 साल के निक्कमेपन के बावजूद रिपोर्टकार्ड जारी करना साहस की बात

भारतीय जनता पार्टी शासित ईडीएमसी ने हाल ही में अपना रिपोर्टकार्ड जारी किया है, यह बड़े हिम्मत की बात है कि दस साल के निक्कमेपन के बाद भी भाजपा शासित ईडीएमसी अपना रिपोर्टकार्ड जारी करने का साहस पैदा कर सकी। हक़ीकत यह है कि भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली नगर-निगम को पिछले दस साल में भ्रष्टाचार का अड्डा और दिल्ली को कचरे का डब्बा बना दिया है। कुछ आंकड़ों के साथ आदमी पार्टी ईडीएमसी के समक्ष कुछ सवाल रख रही है ताकि ईडीएमसी के इस खोखले रिपोर्टकार्ड की वास्तविकता जनता के सामने आ सके।

प्रेस कॉंफ्रेंस में पत्रकारों से बात करते हुए आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और दिल्ली संयोजक दिलीप पांडे ने कहा कि ‘यह बड़े हिम्मत की बात है कि ईडीएमसी ने रिपोर्टकार्ड जारी करने की हिम्मत दिखाई है क्योंकि भारतीय जनता पार्टी ने एमसीडी में ऐसा कोई कार्य नहीं किया है जिसके दम पर वो कह सकें कि हम जनता के लिए रिपोर्टकार्ड जारी कर रहे हैं, किसी भी सरकार के लिए उसका सबसे बड़ा रिपोर्टकार्ड जनता की संतुष्टि होती है , जनता खुश है तो सब ठीक है लेकिन यहां एमसीडी में तो बीजेपी के काम से कोई भी खुश नहीं हैं। पिछले साल नवम्बर में दिल्ली हाई कोर्ट ने एमसीडी को उसके निक्कमेपन की वजह से बुरी तरह लताड़ा। सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में एमसीडी में भारतीय जनता पार्टी के निक्कमेपन की पोल खोल कर रख दी थी और बीजेपी की एमसीडी को मलेरिया-चिकनगुनिया-डेंगू का पर्याय तक बता दिया था। लेकिन बावजूद इसके बीजेपी जनता को बरगला रही है लेकिन सच यह है कि उनके पास बताने के लिए कुछ भी नहीं है।’

पूर्व दिल्ली नगर निगम (ईडीएमसी) ने हाल ही में अपना रिपोर्ट कार्ड जारी किया है, जो पिछले 5 वर्षों में ईडीएमसी द्वारा किए गए सभी कार्य और योजनाओं का प्रदर्शन करने की एक कोशिश भर है। लेकिन अपनी उपलब्धियों का गुणगान करने से पहले ईडीएमसी को कुछ मूलभूत सवालों का जवाब देना होगा ताकि उनके रिपोर्ट कार्ड की वास्तविकता और उसका खोखलापन सामने आ सके। ईडीएमसी में भारतीय जनता पार्टी के निक्कमेपन के कुछ आंकड़े आप देखिए-

1. ईडीएमसी में बड़े पैमाने पर वित्तीय गैरव्यवस्थापन

(2015-16) आंतरिक राजस्व = रु.768 करोड़
(2015-16) दिल्ली सरकार (जीएनसीटीडी) से अनुदान-सहायता = रु. 466 करोड़
(2015-16) कुल राजस्व प्राप्तियां (आंतरिक राजस्व + जीएनसीटीडी से अनुदान सहायता) = रु.1234 करोड़
(2015-16) कुल व्यय = रु.1414 करोड़
(2015-16) शुद्ध घाटा = रु. -180.45 करोड़
(2015-16) दिल्ली सरकार (जीएनसीटीडी) द्वारा दिए गए अतिरिक्त ऋण = रु. 237 करोड़

2. ईडीएमसी की खराब स्वास्थ्य सेवा

-जीएनसीटीडी के तहत दिल्ली राज्य स्वास्थ्य मिशन ने साल 2012-13 में ईडीएमसी के अधिकार क्षेत्र के स्वास्थ्य क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के लिए 10 करोड़ रुपए दिए गए, हालांकि इस फंड को बिना उपयोग में लाए साल दर साल खातों में जोड़कर आगे ले जाया जा रहा है।

-ईडीएमसी ने इस परियोजना के लिए दिल्ली सरकार (जीएनसीटीडी) से अतिरिक्त धन के लिए अनुरोध किया है।

-ईडीएमसी के पास खिचड़ीपुर में विशाल भूमि है, जिसका इस्तेमाल स्वास्थ्य सेवाओं के विकास के लिए किया जा सकता है। लेकिन बीजेपी के लिए यहां मॉल बनाना ज़्यादा जरूरी लगता है।

-ईएमसीडी ने इस स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए ऐसे किसी भी प्रस्ताव को कभी अवधारित ही नहीं किया है।

-ईएमसीडी ने प्रसूति गृहों की कोई रेफ़रल यूनिट्स ही विकसित नहीं की हैं, और मातृ एवं बाल स्वास्थ्य सेवाओं की पूरी श्रृंखला नहीं दे पाई है।

-उदाहरण: करावल नगर में सावरकर संस्थान दरअसल 200 बिस्तर का संस्थान है, लेकिन अभी तक केवल 40 बिस्तरों की सेवाएं दे पाने में सक्षम है।

3. नगरपालिका का बेहद ही ख़राब ‘ठोस अपशिष्ट (एमएसडब्ल्यू) प्रबंधन’

-गाजीपुर लैंडफिल
1984 में कमिशन हुआ
70 एकड़ के क्षेत्र में फैला
यह 2200 मीट्रिक टन ठोस अपशिष्ट प्रति दिन प्राप्त करता है
ठोस कचरे की ऊँचाई जमीन के स्तर से 50 मीटर तक पहुंच गई है जबकि डीपीसीसी ने लैंडफिल की ऊंचाई 20-25 मीटर तक ही निर्धारित की थी।

-शास्त्री पार्क सी एंड डी प्लांट:
यह 2016 में कमिशन हुआ
शास्त्री पार्क प्लांट 2.5 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है
पूर्वी दिल्ली नगर निगम के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत
मैसर्स आईएल एंड एफ़एस द्वारा प्रबंधित (बोल्ट समझौते के तहत एक निजी ठेकेदार) को दिया गया। सी एंड डी प्लांट में कचरे के प्रोसेसिंग की क्षमता प्रति दिन 500 मीट्रिक टन है
जबकि इसकी डीपीसीसी से कोई मंजूरी नहीं मिली है। अब तक शुरू ही नहीं हो पाया है और कोई जवाबदेही के लिए सामने तक नहीं आ रहा है।

4. हमारे बच्चों की शिक्षा पर खर्च में बीजेपी शासित MCD का बेहद ही ख़राब प्रदर्शन रहा है।

शिक्षा के क्षेत्र आम आदमी पार्टी शासित दिल्ली सरकार बीजेपी शासित एनडीएमसी, ईडीएमसी और एसडीएमसी की तुलना में प्रत्येक बच्चे पर अधिक धन खर्च करती है!
ईडीएमसी: रु. 19,100 प्रति छात्र
एनडीएमसी: रु. 23,350 प्रति छात्र
एसडीएमसी: रु. 13,800 प्रति छात्र
जीएनसीटीडी: रु. 62,800 प्रति छात्र

‘यह आंकड़े साबित करते हैं कि ईडीएमसी में भारतीय जनता पार्टी ने सिवाए निक्कमेपन के कुछ नहीं दिखाया है। और ना केवल ईडीएमसी में बल्कि दक्षिणी और उत्तर नगर-निगम में भी कमोबेश यही हाल रहा है।