*Not feasible to conduct remaining exams for Class 10 and 12 students anytime soon, CBSE should follow the same process that it is adopting in case of Class 9 and 11- Dy CM Sisodia* #DelhiGovernance #DelhiFightsCorona

Office of the Deputy Chief Minister

Govt. Of NCT of Delhi

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*Not feasible to conduct remaining exams for Class 10 and 12 students anytime soon, CBSE should follow the same process that it is adopting in case of Class 9 and 11- Dy CM Sisodia*

*Dy CM Sisodia proposed that NCERT and CBSE reduce the syllabus of the next academic cycle by 30% in all classes. The reduced syllabus of class 12 should also be applicable on the entrance exams for the session 2021-22*

*Dy CM Manish Sisodia wants MHRD’s assistance to get Doordarshan and AIR FM airtime for live broadcasting of classes by Delhi Govt. teachers*

“The impact of the Corona virus on education and the economy will last long, we must prepare to minimize damage,” added Dy. CM Manish Sisodia

New Delhi :  28-04-2020

The Deputy Chief Minister and the Education Minister of Delhi, Shri Manish Sisodia attended a video conference hosted by the Union HRD Minister Shri Ramesh Pokhriyal ‘Nishank’ with Education Ministers of all the states today. 

Shri.Manish Sidodia made three key demands in this meeting. They are:

1. No further exams of class 10 &12 be conducted by CBSE in the remaining 83 papers including 26 important ones now. Instead a decision be taken to follow the same process that is being adopting in case of Class 9 and 11.

2. NCERT and CBSE should reduce the syllabus of the next academic cycle by 30% in all classes. The reduced syllabus of class 12 should also be applicable on the entrance exams for the session 2021-22.

3. MHRD should step in to get Doordarshan and AIR FM to provide airtime for live broadcasting of classes by Delhi Govt. teachers

Explaining the rationale of not conducting any further board exam this year, Shri Sisodia said that “Due to the need of social distancing, it will not be feasible to conduct remaining exams for Class 10 and 12 students even in May-June. Having exam thereafter will delay the next academic cycle heavily.” He further said, “other states have their own state boards but Delhi has CBSE as its board. Most students of CBSE come from Delhi. Therefore, I appeal to the Union HRD Minister that CBSE be asked to take a similar route for promoting the students as it proposed for classes 9 and 11. In these uncertain times, I don’t know if we would be able to conduct examinations again, so on the basis of same formula like internal assessments, papers already conducted, etc the students of class 10 and 12 too should be evaluated. This will help us not waste our students’ time and help us not push their academic cycles further and get their studies hampered.”

Dy CM Manish Sisodia also proposed the reduction of syllabus by 30% in all classes for the academic session 2020-21. “30% syllabus should be curtailed from NCERT and CBSE for the next academic year. All assessments should be conducted from this 70% syllabus that will be taught to our students. Same 70% syllabus should be the basis of entrance exams like JEE, NEET, etc for their competitive exam in 2021”

During his discussion with the Union HRD Minister Shri Ramesh Pokhriyal ‘Nishank who had called upon a meeting with the Education Ministers of the State and Union Territories to take stock of the status of the ongoing online education system for the students amidst the lockdown and shutdown of schools due to the pandemic COVID 19, Shri Manish Sisodia highlighted that the Education Department of Delhi is working with best organizations (in education domain) to smoothly transition into online mode of education. “ We are using the online medium and collaborating with the best organization (in the education domain) to conduct online classes for our students. But I would further want to request the MHRD to provide us with Doordarshan and AIR slots for broadcasting our own classes. I would request you to give us separate slots for elementary, secondary and senior secondary education. If you grant us the slots, we will have our teachers on board to conduct the classes and air as per our lesson plan,” he said.

“In Delhi Government schools, among secondary and senior secondary grades, about 68% students have access to smartphone at their home. As soon as the lockdown reduces, then I doubt that even those 68% students will have access to a smartphone. So it is very important for us to reach the parents and the students through the medium of Doordarshan and All India Radio with our classes and content.”, said Shri Manish Sisodia

Highlgihting that the Education Dept of Delhi Govt had also written to the MHRD in this regard, the Education Minister of Delhi said, “The Education Dept has also written to you on 27th April, if you can come to a decision on this, then we will be able to start with the broadcast of our live/interactive classes too for students. It is beneficial for the kids who have no or limited access to smartphones, it will provide a viable alternative to them.”

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Maurya/

उपमुख्यमंत्री कार्यालय

राष्ट्रिय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार

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*“ 10वीं और 12वीं की बची हुई परीक्षा करना निकट भविष्य में संभव नहीं. इनके लिए भी सीबीएसई को 9वीं और 11वीं की तरह प्रक्रिया को अपनानी चाहिए- डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया*

*“इस साल के सीबीएसई व NCERT सभी कक्षाओं के पाठ्यक्रम में 30% की कटौती करे. कम किया गया पाठ्यक्रम सत्र 2021-22 की प्रवेश परीक्षा में भी मान्य हो- मनीष सिसोदिया*

*दिल्ली सरकार के शिक्षकों द्वारा ली जा रही ऑनलाइन कक्षाओं को एमएचआरडी दूरदर्शन और AIR FM एक निश्चित समय प्रसारित करने का सुझाव दे- मनीष सिसोदिया*

*कोरोना वायरस का प्रभाव शिक्षा और अर्थ व्यवस्था पर लंबे समय तक होगा, हमें इस नुकसान को कम करने के लिए तैयार रहना होगा- मनीष सिसोदिया*

*नई दिल्ली, 28 अप्रैल 2020*

ऑनलाइन शिक्षा, ऐकडेमिक कैलेंडर इत्यादि जैसे शिक्षा के कुछ प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा करने मंगलवार को केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री श्री रमेश पोखरियाल ‘निशांक’  ने देश के सभी शिक्षा मंत्रियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा मीटिंग बुलायी, जिसमें शामिल हुए दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कुछ अहम मुद्दों पर बल दिया। 

दिल्ली सरकार  पिछले 3-4 हफ़्तों से तकनीक का इस्तेमाल कर लाखों बच्चों तक शिक्षा पहुंचा रही है। शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने सभी को सम्बोधित करते हुए कहा कि स्वास्थ्य की दृष्टि से आज नहीं तो कल हम कोरोना से बाहर निकल ही जाएँगे, लेकिन इसका शिक्षा और अर्थ व्यवस्था पर जो प्रभाव पड़ेगा वह दूरगामी होगा। इसलिए हम सब शिक्षा मंत्रियों की ज़िम्मेदारी बनती है कि इससे कम से कम नुक़सान हो, इसके लिए हम अभी से तैयार रहें।

उपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने दिए कई बड़े सुझाव-

— जिस तरह 9वीं और 11वीं कक्षा के लिए इंटर्नल असेस्मेंट और अब तक हुई परीक्षा के आधार पर बच्चों को मार्क्स देने का निर्णय लिया है, वही निर्णय 10वीं और 20वीं के बच्चों के लिए भी लिया जाए। ऐसा इसलिए, क्योंकि निकट भविष्य में भी सोशल डिस्टन्सिंग की वजह से बची हुई परीक्षाएं कराना संभव नहीं होगी। इसलिए इस मुद्द्दे पर अनिश्चितता ख़त्म करते हुए तुरंत निर्णय लेने चाहिए। दिल्ली देश का एकमात्र ऎसा प्रदेश है, जिसका अपना बोर्ड नहीं है लिहाज़ा CBSE ही उसका बोर्ड है। अतः CBSE को दिल्ली के सुझाव पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

— IIT NEET यूनिवर्सिटी प्रवेश जैसे सभी परीक्षाएं कराना आगे भी मुश्किल होगा। बच्चों का वर्ष ख़राब ना हो, उन्हें तनाव न हो, उसके लिए 12वीं के छात्रों को उनके मार्क्स पर इस साल मेरिट के हिसाब से एडमिशन दिए जाए।

—  इस साल के सीबीएसई व NCERT सिलेबस में 30% की कटौती की जाए और अगले साल के सीबीएसई बोर्ड इग्ज़ाम, आईआईटी जेईई, नीट यूनिवर्सिटी भी उसी हिसाब से हों।

कोरोना के दौर में दिल्ली में टेक्नॉलजी के माध्यम से बच्चों तक शिक्षा पहुँचाने के प्रयासों के बारे में बताते हुए उपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि बहुत से बच्चों के घर  में स्मार्टफ़ोन नहीं होते। दिल्ली में भी 68% बच्चों के पास अभी स्मार्टफ़ोन इसलिए हैं क्यूँकि उनके माता पिता घर पर हैं।  शिक्षा मंत्री ने  केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडियो पर दिल्ली सरकार को समय मिल पाए, जिससे कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों के टीचर  एलेमेंटरी, सेकंडेरी और हायर सेकंडेरी शिक्षा की इंटरैक्टिव कक्षाएं लें और बच्चे उसी lesson प्लान के आधार पर पढ़ाई कर सकें जो उनके स्कूल में फ़ॉलो किया जाता है।

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Maurya/

Delhi govt launches a single window for all COVID-19 related updates and information: DelhiFightsCorona.in #DelhiGovernance #DelhiFightsCorona

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली सरकार

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*दिल्ली सरकार ने कोविड-19 सम्बंधित अपडेट व सूचनाएं देने के लिए DelhiFightsCorona.in वेबसाइट लांच किया*

– *वेबसाइट पर मौजूद है दिल्ली के सभी कंटेन्मेंट जोन, परीक्षण सुविधाओं, राशन की दुकानों, अस्थायी राहत केंद्रों और हंगर राहत केंद्रों और लोकेशन की सूची*

*- वेबसाइट पर दिल्ली में प्रतिदिन आए COVID-19 मामलों और परीक्षण के आंकड़े मिलेंगे*

*वेबसाइट लोगों को राशन ई-कूपन और ई-पास के आवेदन करने के लिए एक एकल खिड़की प्रदान करती है*

*नई दिल्ली, 28 अप्रैल, 2020*

सूचना के युग में और दुनिया भर में फैली COVID-19 महामारी ए दौर में लोगों को सही जानकारी प्रदान करना हर सरकार के लिए बहुत आवश्यक हो गया है। दिल्ली सरकार ने COVID-19 प्रकोप की रोकथाम और दिल्लीवासियों की परेशानियों को कम करने के लिए उठाए गए कदमों की आमजन तक जानकारी पहुंचाने के लिए delhifightscorona.in वेबसाइट लांच किया है। दिल्ली सरकार की तरफ से शुरू की गई इस अनूठी पहल से राष्ट्रीय राजधानी के लोगों को अब COVID-19 से संबंधित सभी सूचनाएं आसानी से मिल जाएंगी।

“हमारे स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और आवश्यक सेवा प्रदाताओं, जो जमीन पर काम कर रहे हैं, उन्हीं को धन्यवाद देने के लिए इस वेबसाइट के होम पेज का नाम ‘Delhi Fights Corona’ देकर संदेश दिया गया है।

इस वेबसाइट में 5 व्यापक खंड हैं जिनमें कंटेन्मेंट जोन, परीक्षण सुविधाएं, प्रमुख स्थान, ई-पास, प्रेस रिलीज़ और एफएक्यू शामिल हैं।

*कंटेन्मेंट जोन*

इस खंड में दिल्ली के सभी कंटेन्मेंट जोन या कोविड -19 के हॉटस्पॉट को शामिल किया गया है। सरकार द्वारा चिन्हित किए गए स्थानों को समय-समय पर अपडेट किया जाता है। इस खंड में OPERATION SHIELD का एक संक्षिप्त विवरण भी है, जो मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की देखरेख में दिल्ली सरकार ने कंटेन्मेंट जोन में COVID-19 के प्रसार को रोकने के लिए एक अनूठी पहल की है।

*परीक्षण सुविधाएं*

वेबसाइट के इस खंड में दिल्ली सरकार द्वारा स्थापित COVID-19 परीक्षण केंद्रों (CTCs) और निजी केंद्रों की एक सूची है। उस केंद्र का स्थान जानने के इच्छुक किसी भी व्यक्ति को केंद्र के नाम पर क्लिक करना होगा और वह स्थान Google मानचित्र में दिखाया जाएगा।

*प्रमुख स्थान*

वेबसाइट के इस भाग में दिल्ली की सभी राशन दुकानों, अस्थायी राहत केंद्रों और भूख राहत केंद्रों की सूची और स्थान दिए गए है।

राशन दुकान खंड में, 2000 से अधिक राशन दुकानों की सूची है, जिन्हें निर्वाचन क्षेत्रवार भी खोजा जा सकता है। व्यक्तिगत राशन की दुकानों के लिए Google मानचित्र पर स्थान भी उपलब्ध हैं।

अस्थायी राहत केंद्रों के भाग में, 62 केंद्रों की सूची के साथ उनके स्थान भी दिए गए हैं। इसी तरह, भूख राहत केंद्रों के लिए, एक अलग खंड है, जहां लोग व्यक्तिगत स्थानों के साथ इन केंद्रों की पूरी सूची प्राप्त कर सकते हैं।

*ई-पास*

कोई भी व्यक्ति इस वेबसाइट के माध्यम से राशन, यात्रा ई-पास या ई-कूपन के लिए आवेदन कर सकता है। इस अनुभाग में, यदि कोई व्यक्ति ई-पास या ई-कूपन के लिए आवेदन कर चुका है, तो उस की स्थिति जांच कर सकता है। 

*प्रेस विज्ञप्ति*

इस खंड में COVID-19 से संबंधित दिल्ली सरकार की सभी महत्वपूर्ण प्रेस विज्ञप्तियाँ हैं।

*सामान्य प्रश्न*

वेबसाइट के इस भाग में COVID-19 के संबंध में अक्सर पूछे जाने वाले कुछ (नौ) प्रश्नों के संक्षिप्त उत्तर हैं। प्रश्न इस प्रकार हैं:

1) कोरोनावायरस के सामान्य लक्षण क्या हैं?

2) कोरोना के लिए कौन अधिक प्रवण है?

3) अगर आपको लगता है कि आपको कोरोना है तो आपको क्या करना चाहिए?

4) आप अपने आप को संक्रमण से कैसे बचा सकते हैं?

5) स्क्रीनिंग और परीक्षण केंद्र

6) खाद्य और राशन वितरण

7) मुझे ई-पास कैसे मिलेगा?

8) जरूरतमंदों के लिए आर्थिक राहत

9) मैं कैसे मदद कर सकता हूं?

*दिल्ली के लिए COVID-19 STATS और टेस्टिंग स्टेट*

वेबसाइट पर दिल्ली में COVID-19 से संबंधित महत्वपूर्ण डेटा को भी अपडेट किया जाता है। पहला खंड COVID-19 का डेटा है, जिसमें कुल केस की संख्या, उस दिन रिपोर्ट किए गए नए केसों की संख्या, ठीक हुए रोगियों की संख्या और COVID-19 के कारण उस दिन हुई मौतों की संख्या शामिल हैं।

दूसरा खंड दिल्ली में हुए जांचों का आँकड़ा है, जिसमें एक दिन में COVID -19 का पता लगाने के लिए दिल्ली में किए गए परीक्षणों की कुल संख्या, नकारात्मक मामलों की कुल संख्या, उन जांचों की संख्या जिनका परिणाम लंबित हैं और प्रति लाख परीक्षण।

ये दोनों खंड स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रकाशित दिल्ली के स्वास्थ्य बुलेटिन के आधार पर अपडेट किए जाते हैं।

वेबसाइट पर व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है जो 88-0000-77-22 है। यह दिल्ली सरकार का COVID-19 हेल्पलाइन नम्बर है जिस पर आप मैसेज भेजकर सरकार से प्रामाणिक जानकारी, मार्गदर्शन और सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

अंत में, वेबसाइट के एक अलग भाग में वीडियो मैसेज भी दिया गया है। इस वीडियो में कोविड-19 बीमारी के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है कि इसे रोकने के लिए हमें क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए।

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Maurya/

Govt. of NCT of Delhi

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*Delhi govt launches a single window for all COVID-19 related updates and information: DelhiFightsCorona.in* 

– *The website has the list and geo-locations of containment zones, testing facilities, ration shops, temporary relief centres and hunger relief centres of Delhi*

– *Website features a daily tracker of the number of COVID-19 cases and testing statistics of Delhi*

– *Website offers a single window for people to apply for ration e-coupons & e-passes*

NEW DELHI, April 28, 2020

In a bid to provide information on all the COVID-19 related initiatives and updates in a seamless manner, the Delhi government today launched the delhifightscorona.in website. The website will now offer a single window to everyone wishing to access COVID-19 related information of the National Capital. 

“Thanks to our healthcare workers and essential service providers on the ground, Delhi Fights Corona”: main message on website’s home page 

This website has 5 broad sections which include Containment Zones, Testing Facilities, Key locations, e-pass, Press Release and FAQs. 

*Containment Zones*

This section has the locations of all the Containment Zones or the hotspots of COVID-19 in Delhi. The locations are updated from time to time as decided by the government. This section also has a brief description of the Operation SHIELD, a unique initiative by the Delhi government under the direct supervision of Hon’ble Chief Minister Arvind Kejriwal, to tackle the spread of COVID-19 at the Containment Zones. 

*Testing facilities* 

This section of the website has a list of COVID-19 Testing Centres (CTCs) set up by the Delhi govt as well as private centres, as well as information on how to avail COVID testing. Any person interested to know the location of the centre will have to click on the name of the Center and the location will be shown in the Google Map. 

*Key locations* 

This section of the website has the list and location of all the ration shops in Delhi, temporary relief centres and hunger relief centres.

In the ration shop section, there is a list of over 2000 ration shops which can also be searched constituency-wise. There is also google map locations available for the individual ration shops.

In the section for the temporary relief centres, there is a list of 62 such centres along with their locations. Similarly, for the hunger relief centres, there is a different section where people can get the full list of these centres along with the individual locations. 

*E-pass* 

Any person can apply for travel e-pass or e-coupon for ration through this website. In this section, any person can also check the e-pass or e-coupon status if already applied. 

*Press Release* 

This section has all the important press releases of the Delhi government related to the COVID-19. 

*FAQ*

In this section of the website, there are brief answers of some (nine) frequently asked questions regarding the COVID-19. The questions are as follows:

1)What are the common symptoms of Coronavirus?

2)Who is more prone to Corona?

3)What should you do if you think you have Corona?

4)How can you protect yourself from infection?

5)Screening and Testing Centers

6)Food and Ration Distribution

7)How do I get an e-Pass?

8)Monetary Relief for the needy

9)How can I help?

 *COVID-19 STATS and TESTING STATS FOR DELHI*

The website also updates important data related to COVID-19 in Delhi. The first section is the COVID-19 data which includes: no of total cases, no of new cases reported on that day, no of recovered patients and the no of deaths reported on that day due to COVID-19.

The second section is the testing statistic of Delhi which includes the total number of tests done in Delhi to detect COVID-19 on a particular day, total no of negative cases, number of tests where results are pending and test per million. Both these sections are updated based on Delhi’s health bulletin published by the Health Department. 

The website also has information about the WhatsApp Helpline number which is 88-0000-77-22. This is the Delhi government’s COVID-19 helpline that you can message to get authentic information, guidance and help from the government. 

Lastly, the website has a video message with separate sections explaining the COVID-19 disease along with Do’s and Don’ts.

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Standalone and neighborhood shops in Delhi to remain open as per MHA orders, no shops will remain open in containment areas: CM Arvind Kejriwal #DelhiGovernance #DelhiFightsCorona

मुख्यमंत्री कार्यालय

एनसीटी, दिल्ली सरकार

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भगवान ने सभी को एक जैसा बनाया है, फिर धर्म की दीवारें हम लोगों ने आपस में क्यों पैदा की, हमें कोरोना से सबक लेना चाहिए- अरविंद केजरीवाल

– सभी धर्मों के लोग अपना प्लाज्मा देकर एक-दूसरे की जान बचा रहे, हिन्दू का मुसलमान और मुसलमान का प्लाज्मा हिन्दू के काम आ रहा- अरविंद केजरीवाल

– अगर आपके मन में किसी दूसरे धर्म के व्यक्ति के प्रति दुर्भावना आए, तो यह सोच लेना कि कल को उसका प्लाज्मा आपकी जिंदगी भी बचा सकता है- अरविंद केजरीवाल

– प्लाज्मा थेरेपी का परीक्षण लगातार अच्छे परिणाम लेकर आ रहा, एलएनजेपी में बहुत ही गंभीर हालत में आए मरीज के स्वास्थ्य में प्लाज्मा देने के बाद आ रहा तेजी से सुधार- अरविंद केजरीवाल

दिल्ली में लाॅक डाउन का पालन होने से थमने लगा कोरोना का प्रकोप- अरविंद केजरीवाल

– दिल्ली के लोगों ने लाॅक डाउन का कड़ाई से पालन किया, 7वें सप्ताह में आए 850 केस व 21 लोगों की मौत हुई, जबकि 8वें सप्ताह में 622 नए केस आए व 9 लोगों की मौत हुई- अरविंद केजरीवाल

केंद्र सरकार के आदेशानुसार आवासीय क्षेत्र की एक-दो या अकेली दुकानें खुलेंगी, लेकिन कंटेन्मेंट जोन में कोई ढील नहीं – अरविंद केजरीवाल

नई दिल्ली, 26 अप्रैल, 2020

दिल्ली में लाॅक डाउन का कड़ाई से पालन होने की वजह से कोरोना का प्रकोप अब थमने लगा है। दिल्ली सरकार द्वारा प्लाज्मा थेरेपी से किए जा रहे गंभीर मरीजों के इलाज का परिणाम भी अब और उत्साह जनक आ रहा है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में 7वें सप्ताह में 850 केस आए थे और 21 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 8वें सप्ताह में 622 नए केस आए और 9 लोगों की मौत हुई है। 7वें सप्ताह की अपेक्षा 8वें सप्ताह में कम मरीज आए हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि एलएनजेपी में कल आए एक मरीज की हालत बेहद नाजुक थी, लेकिन प्लाज्मा देने के बाद उनकी तबीयत में काफी सुधार आ रहा है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज सभी धर्मों के लोग अपना प्लाज्मा देकर एक-दूसरे की जान बचा रहे हैं। हिन्दू का प्लाज्मा मुसलमान और मुसलमान का प्लाज्मा हिन्दू की जान बचा रहा है। भगवान ने इंसानों को बनाते समय उनके बीच कोई दीवार व खाई नहीं पैदा की। यह सब हम लोगों ने ही पैदा किया है। अगर देश में सभी धर्मों के लोग एकजुट हो जाएं, तो पूरी दुनिया भारत के आगे झुकने को मजबूर हो जाएगी। हमें कोरोना से सबक लेना चाहिए। यदि आपके मन में किसी दूसरे धर्म के व्यक्ति के प्रति दुर्भावना आए, तो यह सोच लेना कि कल को उसका प्लाज्मा आपकी जिंदगी भी बचा सकता है।

7वें सप्ताह में 260 और 8वें सप्ताह में 580 लोग ठीक होकर घर गए- अरविंद केजरीवाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने डिजिटल प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि पिछला एक सप्ताह उसके पहले वाले सप्ताह से अच्छा गुजरा है। पिछले एक सप्ताह में, उसके पहले वाले हफ्ते से कम केस आए हैं। कम लोगों की मौत हुई और ज्यादा लोग ठीक होकर अपने घर गए हैं। कोरोना जब से शुरू हुआ, उसके 7वें सप्ताह में 850 केस आए थे। यह देख कर हम लोग एक बार के लिए घबरा गए थे। हमने स्वीकार भी किया था कि दिल्ली में कोरोना बहुत तेजी के साथ फैल रहा है। सातवें सप्ताह में 850 केस आए थे और 8वें सप्ताह में 622 केस आए हैं, जो पिछले सप्ताह से थोड़ा कम हुआ है। दुनिया भर के देशों में देखा गया है कि एक बार जब कोरोना बढ़ना शुरू हो जाता है, तो बहुत तेजी से फैलता है। हफ्ता दर हफ्ता दोगुना, चैगुना, 16 गुना बढ़ता जाता है। दिल्ली में 7वें सप्ताह में 21 लोगों की मौत हुई थी और पिछले सप्ताह (8वें सप्ताह) में 9 लोगों की मौत हुई। हमारा मकसद है कि एक भी व्यक्ति की मौत नहीं होनी चाहिए। 7वें सप्ताह में 260 लोग ठीक होकर घर गए थे। 8वें सप्ताह में 580 लोग ठीक होकर अपने घर गए थे। एक तरह से दोगुना से अधिक लोग ठीक होकर अपने घर गए थे। अगर हम यह देखें कि जितने लोग बीमार होकर अस्पताल में आए और जितने लोग ठीक होकर गए, तो एक तरह से कुल 566 लोग पिछले से पिछले सप्ताह (7वें) अस्पतालों में आए और पिछले सप्ताह (8वें) में केवल कुल 34 लोग आए थे। एक तरह से पिछला सप्ताह अच्छा रहा। हम सब लोग बड़ी कठिनाई के साथ लाॅक डाउन का पालन कर रहे हैं। इसी तरह हम लाॅक डाउन का पालन करते रहे, तो हमें उम्मीद है कि शीघ्र ही इस बीमारी से हम सभी निजात पा सकते हैं।

केंद्र सरकार के आदेशानुसार आवासीय क्षेत्र की एक-दो या अकेली दुकानें खुलेंगी, लेकिन कंटेन्मेंट जोन में कोई ढील नहीं – अरविंद केजरीवाल

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले सप्ताह रविवार को हमने बताया था कि अभी लाॅक डाउन पूर्व की तरह जारी रहेगा। कोई रियायत नहीं दी जाएगी। इस पर 27 अप्रैल को हम लोग फैसला लेंगे कि इसमें कोई रियायत देनी है या नहीं देनी है। इसमें आज दिल्ली सरकार की तरफ से एक ही रियायत दी जा रही है। परसों रात को केंद्र सरकार ने कुछ तरह की दुकानें खोलने का फैसला लिया है। केंद्र सरकार के उस आदेश को हम दिल्ली में भी लागू कर रहे हैं। केंद्र सरकार का आदेश यह है कि जो आवश्यक वस्तुओं दवाई, किराना, खाने-पीने, फल, दूध आदि की सेवाएं हैं, वह पूर्व की तरह जारी रहेंगी। इसकी दुकानें पूर्व की तरह खुली रहेंगी और वस्तुओं की आपूर्ति होती रहेगी। इसके अलावा, कोई मार्केट, शाॅपिंग माॅल व काॅम्प्लेक्स नहीं खुलेंगे। लेकिन आवासीय क्षेत्र में जो एक-दो दुकानें होती है या अकेले में जो दुकानें होती हैं, ऐसी दुकानों को खोलने की इजाजत केंद्र सरकार ने दी है। लिहाजा, ऐसी दुकानें दिल्ली में भी खोली जाएंगी। वहीं, कंटेन्मेंट एरिया में ऐसी एक-दो दुकानें भी नहीं खुलेंगी। कंटेन्मेंट एरिया वह एरिया है, जहां कोरोना के ज्यादा केस मिले हैं और उन्हें सरकार ने सील किया है। उन एरिया में किसी तरह की कोई भी दुकान खोलने की इजाजत नहीं रहेगी। केंद्र सरकार के इस आदेश के अलावा अगले एक सप्ताह यानि 3 मई तक हम कोई भी दुकान खोलने की इजाजत नहीं दे रहे हैं। अगले 3 मई तक इसी तरह यथावत पाबंदिया जारी रहेंगी। यह हमारे लिए बहुत कठिनाई का समय है। हम सभी ने बहुत कठिनाई करके कोरोना पर काबू पाया है। हमें इसी जारी रखना है और किसी भी तरह से कोरोना को और बढ़ने नहीं देना है।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि तीन मई 2020 तक प्रधानमंत्री जी ने पूरे देश में लाॅक डाउन का ऐलान किया है। तीन मई के बाद केंद्र सरकार इस पर क्या निर्णय लेती है, उस पर निर्भर करेगा कि इसको हम आगे कैसे ले जाते हैं। केंद्र सरकार के निर्णय के बाद दिल्ली सरकार अपनी आगे की दिशा तय करेगी।

प्लाज्मा थेरेपी के परिणाम अच्छे आ रहे, इससे हमारा उत्साह बढ़ा- अरविंद केजरीवाल

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि एक अच्छी खबर है कि प्लाज्मा के परिणाम अच्छे आ रहे हैं। प्लाज्मा के अब तक किए गए परीक्षण के नतीजे काफी अच्छे आ रहे हैं। एक-एक मरीज के उपर मैं खुद नजर रख रहा हूं। एलएनजेपी में कल एक मरीज थे, जिनकी हालत काफी नाजुक थी। डाॅक्टरों के मुताबिक, वो सिंक करते जा रहे थे। उनको प्लाज्मा दिया गया और उनकी तबीयत में आज सुबह तक काफी अच्छा सुधार हुआ है। उसे देख कर प्लाज्मा थेरेपी को लेकर हमारा उत्साह बढ़ा है कि इससे मरीज ठीक हो सकते हैं। अभी वह आईसीयू में हैं। हमारी कोशिश है कि प्लाज्मा दिए गए किसी भी मरीज की मौत न हो। किसी की भी मौत होती है, तो हमें बहुत दुख होता है। हमारे डाॅक्टर्स पूरी कोशिश करते हैं, उनकी जान बचाने की। हमारी कोशिश है कि किसी व्यक्ति की मौत नहीं होनी चाहिए। मैं एक-एक व्यक्ति की खबर रख रहा हूं।

भगवान ने सभी को एक जैसा बनाया है, फिर धर्म की दीवारें हम लोगों ने आपस में क्यों पैदा की- अरविंद केजरीवाल

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अस्पतालों से ठीक होकर जो मरीज घर जा रहे हैं, उन मरीजों से प्लाज्मा डोनेट करने की अपील की जा रही है। ऐसे एक-एक मरीज से मैं और मेरी टीम बात कर रही है और हम उन्हें प्रात्साहन देते हैं। मुझे खुशी है कि हर धर्म के लोग आगे आकर एक-दूसर की जान बचाना चाहते हैं। चाहे वह किसी भी धर्म के हों। उनमें एक जज्बा है कि मेरी जान बची, अब मैं किस तरह से दूसरों की जान बचा सकता हूं। जब हम पिछले कई दिनों से लोगों को अपना ब्लड/प्लाज्मा डोनेट करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। इसे लेकर मेरे मन में एक विचार आ रहा है। मान लीजिए कल को कोई गंभीर मरीज अस्प्ताल में आता है और वह हिन्दू हैं, तो हो सकता है कि मुसलमान का प्लाज्मा उसकी जान बचाए। इसी तरह, मान लीजिए कोई मरीज मुसलमान है और वह काफी गंभीर है। किसी हिन्दू का प्लाज्मा उसकी जान बचा दे। उन्होंने कहा कि भगवान ने जब धरती बनाई थी, तो उसने तो सिर्फ इंसान बनाई थी। हर इंसान की दो आंखें हैं। एक जैसा शरीर है। लाल रंग का खून है। उसमें एक किस्म का प्लाज्मा है। भगवान ने तो हमारे बीच में कोई दीवार पैदा नहीं की। भगवान ने तो हमारे बीच में किसी धर्म को पैदा नहीं की। हमारे बीच में कोई खाई पैदा नहीं की है। यह सब हम लोगों ने ही की है। कोरोना होता है, तो सबको होता है। कोरोना हिन्दू को भी होता है और मुसलमान को भी होता है। आपके शरीर का प्लाज्मा जब बचाता है, तो वह हिन्दू और मुसलमान दोनों का प्लाज्मा जान बचाता है। हिन्दू का प्लाज्मा मुसलमान और मुसलमान का प्लाज्मा हिन्दू को भी बचाता है। तो फिर यह दीवारें हम लोगों ने आपस में क्यों पैदा की हुई है। कम से कम कोरोना की बीमारी से हम सीख तो ले सकते हैं। अगर हमारे देश के हिन्दू, मुसलमान, सिख, इसाई, बौध, हम सब लोग एक साथ काम करेंगे, प्यार और मोहब्बत से काम करेंगे, तो इस देश को कोई नहीं हरा सकता है। हमारा देश इतना अच्छा है कि इस देश के सामने पूरी दुनिया को झुकना पड़ेगा। अगर हम बंट गए और आपस में लड़ते रहे, तो मुझे लगता है कि कोई उम्मीद नहीं बचती है। कोरोना से हमें सबक लेना चाहिए। अगर आपके मन में किसी दूसरे धर्म के व्यक्ति के प्रति दुर्भावना आती है, तो यह सोच लेना कि कल को उसका प्लाज्मा आपके काम आए और आपनी जिंदगी बचाए।

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Maurya/

OFFICE OF THE CHIEF MINISTER

GOVT. OF NCT OF DELHI

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*We have seen better results in this week than the previous week with fewer cases, fewer deaths and more recoveries: CM Arvind Kejriwal*

*There were 850 COVID+ cases in Delhi last week, as compared to 622 COVID+ cases this week: CM Arvind Kejriwal*

*Recovery rate has doubled from 260 people last week to 580 people this week: CM Arvind Kejriwal*

*Standalone and neighborhood shops in Delhi to remain open as per MHA orders, no shops will remain open in containment areas: CM Arvind Kejriwal*

*We are implementing centre’s guidelines on the opening of the neighborhood and standalone shops during; no malls and markets will be open: CM Arvind Kejriwal*

*If people from all faiths and religions stand united, no one can stop us from defeating Corona: CM Arvind Kejriwal*

New Delhi:  26th April 2020

Addressing a digital conference, Chief Minister Shri Arvind Kejriwal said that there have been fewer COVID+ cases and fewer fatalities in Delhi as compared to the last week. He said that while there were 566 people admitted to the hospitals in the last week, just 34 people were admitted to the hospitals this week. The recovery rate has also doubled during this week, with 580 people recovering as against 260 people recovering last week. He also reiterated that the plasma therapy has shown positive results on the patients, and stressed on the necessity of unity amongst all religions to fight and eradicate Corona. He also said that the Delhi government will comply with the orders of the union government to allow standalone shops to remain open in the city, except in containment areas.

CM  Shri Arvind Kejriwal said, “This week has been slightly better than the previous week. There were fewer cases and fewer fatalities as compared to the week before, a lot of people have also recovered. In the seventh week since the arrival of Corona, which was last to last week, there were 850 COVID+ cases in Delhi. In the eighth week, there were 622 COVID+ cases. The pattern of the rising cases and getting to double or triple of its original count has been observed across the world, but something like this was not observed here. There were 21 COVID-19 deaths in the seventh week, and there were 9 deaths in the eighth (last) week. Our aim is that there should be no deaths due to Corona. In the seventh week, 260 people recovered and were discharged from the hospitals. 580 people recovered and were discharged from the hospitals in the eighth week, which is a good sign since the recovery rate has doubled. The net count of people who came to hospitals in the seventh week is 566, and the net count of people who came to hospitals in the eighth week is 34. The last week was good for us, people are following the lockdown in a disciplined manner, and we will soon be able to win our fight against Corona if we continue to follow the lockdown protocol like this.” 

Last Sunday, CM Shri Arvind Kejriwal clarified that there would be no relaxation on lockdown restrictions and that this decision will be reviewed on April 27. He said, “The central government has decided to open a few neighborhood shops, we will follow the MHA order in Delhi as well. The essential services will remain open, but the markets, complexes, and shopping malls will remain shut. Only standalone and neighborhood shops such as those in residential areas will be allowed to open. However, standalone and neighborhood shops that fall under the containment area will remain closed. Nothing else, other than what is mentioned in this order, will be allowed to re-open till May 3, which is another one week. We have worked hard to ensure stability and strength in our battle against Corona, and we should not let anything push us back.” CM Arvind Kejriwal said that the resumption of services in Delhi will be decided based on the decision of the Central government on the nation-wide lockdown announced by the PM.

“The plasma therapy is showing positive results as of now. I am monitoring each patient. The health of one of the patients in LNJP yesterday was sinking. After plasma therapy, his health has improved, and it has also boosted our confidence and enthusiasm regarding plasma therapy. I hope that he will recover soon,” added CM Shri Arvind Kejriwal.

CM Shri Arvind Kejriwal said that the main motive of his government is zero death rate related to COVID-19. He said, “Our doctors and nurses and all the frontline health workers try their best to save each and every life. I am personally monitoring the health of each patient in our hospitals. We are requesting the patients who are recovering to donate plasma. I am happy that people are coming to the front to save the lives of others. People of all faiths and religions are coming forward to save the lives of people belonging to other faiths and religions. What if the life of a Hindu patient is saved by the plasma donated by a Muslim patient who has recovered from COVID-19, and what if a Muslim patient who is serious is saved by a Hindu patient. God has created us all equal, with the same features. There are no walls and no differences between us, the walls of religion and faith have been created by us. Corona can infect people of all faiths and religions, and plasma donated by a person, whether Hindu or Muslim or any other faith, can save the lives of everybody. If people of all faiths such as Hindu, Muslim, Sikh, Christians, Jain, Buddh, stand united, the whole world together cannot defeat us.”

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Maurya/

1,33,193 students have registered for online classes to prepare for class 12- Dy CM Sisodia #DelhiGovernance #DelhiFightsCorona

Office of the Deputy Chief Minister

Govt. Of NCT of Delhi

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*Dy CM Shri Manish Sisodia takes feedback from students, parents and teachers during an online review meeting of Delhi Govts online classes*

*Delhi Govt. collaborates with the Khan Academy, all set to launch online Maths classes for around 3 lakh students of class 9, from Monday 27th April*

*As of now, 1,33,193 students have registered for online classes to prepare for class 12- Dy CM Sisodia*

*Around 1000 teachers of Delhi Govt will be trained by Khan Academy via webinar*

New Delhi- 25-04-2020  

 Deputy Chief Minister and Education Minister of Delhi, Shri Manish Sisodia held a review meeting with key officers of the Education Department, teachers, students and parents, on the effectiveness of the online classes and support activities. He also took a detailed feedback with students/teachers’ and parents. 

The focus of today’s discussion was to understand how these daily activities and online classes have helped the students to enhance their learning even during these times when schools are shut due to the pandemic COVID 19. 

The fourth session of ‘Parenting in the time of Corona’ that went live on Saturday also included Shri Binay Bhushan, Director, Education and Shri Shailendra Sharma, Education Advisor along with the Hon’ble Education Minister of Delhi. 

*The idea behind running daily online classes for students is to minimize the effects of the lockdown and the consequent shutdown of schools on their academics – Dy CM Sisodia*

Happy to note that more and more students are attending the online classes everyday, Shri Manish Sisodia said, “ I am glad to see that 1,33,193 students of Class 12 (the students of class 11 who are awaiting their results) have been registered for the online classes. Around 6 lakh students currently studying in classes -Nursery to standard 8th, are also connected with us through SMS and IVR. They receive a daily exercise/assignment on their parents’ mobile phones everyday, We have also garnered a great response for the Happiness Class that is being streamed online for entire family everyday at 4 pm.”

Stating that the purpose of this online review meeting was to understand how the students, parents and teachers are adapting to the remote classes, the Hon’ble Education Minister said, “Lockdown has no doubt affected us all. It has also impacted our young generation a lot. It has hampered the studies of our students and so, our education department has been trying to introduce new ways (like online classes) to reduce this impact on the studies of the students and help them cope with their academics. We introduced the online mode of learning in the first week of April, and here we are today discussing how the online technology has helped us in minimizing the damage caused by COVID 19.”

“The Delhi Govt. had tied up with Career Launcher, one of the renowned education service providers in the country to train around 60 teachers on how to conduct live online classes for students of class 12,” added Shri Shailendra Sharma.

“It is like a revolution that has started in education. We were apprehensive initially about going from real classrooms to virtual ones but the transition has been smooth. Students are fearlessly asking questions in chat boxes during online class, more than they would do in real classrooms. I have also been showing them documentaries on history to understand the chapter better!”, said Dr Harita, PGT, History. “It is only because of your decision to distribute tablets amongst teachers that we have been able to teach our students remotely. I am happy to say that I started my online classes in March. All thanks to you,” added Ms. Jyoti, 

Students were equally impressed with the quality of teaching and this arrangement by the Education Dept. They were relieved that their studies were no more getting hampered due to the lockdown. “I had never really thought that I would be able to study and attend classes in this lockdown situation. And I’m so thankful to the teachers who are explaining things in such an easy manner that all my concepts are getting cleared.’ said Rani, a class 12th student. “It is the best experience. All the other students who also join the class come up with a lot of questions, and we are getting our doubts cleared then and there by our teachers. We can make a question bank based on that,” said Lokesh, another student of Class 12. “I would request you, Hon’ble Dy CM sir to continue with online classes even after the lockdown is lifted and school commences,” quipped Sanchit.

*Delhi Govt. collaborates with the Khan Academy, all set to launch online Maths classes for class 9 students from Monday*

– *Nearly 3 lakh students to be benefited from this program*

– *Around 1000 teachers of Delhi Govt will be trained by Khan Academy via webinar*

The Education Department of the Delhi Govt. has also collaborated with the Khan Academy to offer specially curated Maths content for Class 9 students of its school. 

“For the past 10 days, we have been discussing with the Khan Academy team on how to support students of class 9 in the subject -Mathematics. Last time we had seen the Board results and noticed that only 71% percent of our students pass in Maths in comparison to subjects like Social sciences and Languages which we generally have a 97% passing results. To not let our students suffer in Maths, we have collaborated with the Khan Academy, a globally recognised educational non-profit organisation, which has been developing interactive learning materials for our students,” said Shri Shailendra Sharma. 

“It is a 10 week long program. Starting this Monday, the parents will receive an sms with a link to open that day’s micro lesson. It will have two or three videos and a couple of exercises. These lessons will reach the parents/students for 10 weeks . The purpose of the program is to revise the syllabus of the last year and to prepare the students for the new academic year,” explained Mr. Sandeep Bapna- Managing Director, Khan Academy India. This partnership is expected to benefit more than 3 lakh students. 

For students in smaller grades- KG to class 8, Delhi Govt. is sending a daily SMS with general activities to 5,71, 661 parents of KG to class 8th students. A daily SMS alert is also being sent to 12,14,049 parents of KG to class 12 for Happiness class at home. Apart from this, 5,18,626 parents of classes 3 to 8 receive IVR for Mission Buniyaad activities every alternate day. And so are the 5,71,661 parents of KG to class 8 receiving IVR for Happiness activities every alternate day too.

The Hon’ble Deputy Chief Minister also spoke over the phone with parents of young students who had been receiving SMS & IVR for activities everyday.*

Satisfied with the daily lessons sent by the Dept. to facilitate the learning cycle of his kid, Mr. Sanjay, a parent said, “I really like the kind of activities that are sent everyday. I try to make it a point that I sit with my kid everyday to do this daily activity and I have also been following the Happiness class everyday at 4 pm.”

Harvinder Kaur, a homemaker and a mother of a Class 5 student also had all praises about these online learning activities introduced by the Delhi Govt. which is also making her child aware of a lot of general issues like water conservation. “Today we got an exercise asking if we had 15 litres of water then how would we manage our household. So, I taught my child and made him aware about how to conserve water,” she said.

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Maurya/

उपमुख्यमंत्री कार्यालय

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली सरकार

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*-डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने दिल्ली सरकार द्वारा चलाई जा रही ऑनलाइन कक्षाओं के बारे में ऑनलाइन समीक्षा बैठक के दौरान छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से लिया फीडबैक*

*- दिल्ली सरकार और खान अकैडमी की साझेदारी में सोमवार 27 अप्रैल से कक्षा 9 के लगभग 3 लाख छात्रों के लिए शुरू होने वाली गणित विषय की ऑनलाइन कक्षाओं की तैयारियां पूरी*

*-अब तक, कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा की तैयारी करने वाले 1,33,193 छात्रों ने ऑनलाइन कक्षाओं के लिए पंजीकरण किया -उप मुख्यमंत्री सिसोदिया*

*- दिल्ली सरकार के करीब 1000 शिक्षकों को खान अकादमी द्वारा वेबिनार के माध्यम से प्रशिक्षित किया जाएगा*

*नई दिल्ली, 25 अप्रैल, 2020*

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री श्री मनीष सिसोदिया ने ऑनलाइन कक्षाओं और उसी समर्थित गतिविधियों की प्रभावशीलता पर शिक्षा विभाग के प्रमुख अधिकारियों, शिक्षकों, छात्रों और अभिभावकों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने छात्रों, शिक्षकों और माता-पिता से इस बारे में विस्तृत प्रतिक्रिया भी ली।

आज की चर्चा का मुख्य उद्देश्य यह समझना था कि इन दैनिक गतिविधियों और ऑनलाइन कक्षाओं ने क्या वास्तव में छात्रों को इस विपरीत समय के दौरान भी अपनी शिक्षा को बढ़ाने में मदद की है, जबकी स्कूल कोरोना महामारी के कारण बंद हैं।

शनिवार को लाइव हुए पेरेंटिंग इन द टाइम ऑफ कोरोना के चैथे सत्र में शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया के साथ शिक्षा निदेशक श्री बिनय भूषण, सलाहकार श्री शैलेन्द्र शर्मा शामिल थे।

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि छात्रों के लिए रोज ऑनलाइन कक्षाएं चलाने के पीछे का उद्देश्य लॉकडाउन के प्रभावों और स्कूलों के बंद होने से पढ़ाई पर होने वाले नुकसान को कम करना है।

श्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि मुझे यह जानकर प्रसन्नता हुई कि अधिक से अधिक छात्र प्रतिदिन ऑनलाइन कक्षाओं में भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुझे यह देखकर खुशी हुई कि कक्षा 12 के 1,33,193 छात्रों (कक्षा 11 के छात्र जो अपने परिणाम का इंतजार कर रहे हैं) ने ऑनलाइन कक्षाओं में पंजीकरण करवा लिया है। वर्तमान में नर्सरी से 8वीं तक की कक्षाओं में पढ़ने वाले करीब 6 लाख छात्र एसएमएस और आईवीआर के माध्यम से हमारे साथ जुड़े हुए हैं। वे अपने माता-पिता के मोबाइल फोन पर प्रतिदिन असाइनमेंट प्राप्त करते हैं। साथ ही हमें हैप्पीनेस क्लास के लिए भी शानदार प्रतिक्रिया मिली है, जो पूरे परिवार के लिए प्रतिदिन शाम 4 बजे ऑनलाइन स्ट्रीम किया जा रहा है।

शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने इस ऑनलाइन समीक्षा बैठक का उद्देश्य बताते हुए कहा कि हमे यह समझना था कि छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को दूरस्थ कक्षाओं के लिए कैसे तैयार किया जाए? लॉकडाउन ने हम सबको प्रभावित किया है। इसने हमारी युवा पीढ़ी को भी प्रभावित किया है। इसने हमारे छात्रों की पढ़ाई में बांधा डाली है और इसलिए, हमारा शिक्षा विभाग छात्रों की पढ़ाई पर इस प्रभाव को कम करने के लिए नए तरीके (ऑनलाइन कक्षाएं) शुरू करने की कोशिश कर रहा है। हमने अप्रैल के पहले सप्ताह में ऑनलाइन क्लास शुरू की थी और आज हम यहां चर्चा कर रहे हैं कि कैसे ऑनलाइन तकनीक ने हमें महामारी से पढ़ाई में होने वाले नुकसान को कम करने में मदद की है।

श्री शैलेन्द्र शर्मा ने कहा कि दिल्ली सरकार देश के प्रसिद्ध शिक्षा सेवा प्रदाताओं में से एक कैरियर लॉन्चर के साथ समझौता़ किया है, ताकि कक्षा 12 के छात्रों के लिए ऑनलाइन ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने के लिए 60 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा सके।

इतिहास की पीजीटी शिक्षक डाॅ. हरिता ने कहा कि यह शिक्षा में शुरू हुई क्रांति की तरह है। हम शुरुआत में वास्तविक कक्षाओं से वर्चुअल कक्षाओं तक जाने को लेकर आशंकित थे, लेकिन यह बदलाव सुगमता से हो गया है। छात्र वास्तविक कक्षाओं से ज्यादा निडर होकर ऑनलाइन क्लास के दौरान चैट बॉक्स में प्रश्न पूछ रहे हैं। मैं उन्हें इतिहास को बेहतर ढंग से समझाने के लिए छात्रों को डॉक्युमेंट्रीज दिखा रही हूं। शिक्षामंत्री मनीष सिसोदिया को धन्यवाद देते हुए सुश्री ज्योति ने कहा कि यह केवल शिक्षकों को टैबलेट वितरित करने के आपके निर्णय के कारण संभव हो सका है कि हम अपने छात्रों को घर बैठे पढ़ाने में सक्षम हैं। मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि मैंने मार्च में अपनी ऑनलाइन कक्षाएं शुरू की थी।

कक्षा 12 वीं की छात्रा रानी ने कहा कि छात्र-छात्राए शिक्षा विभाग द्वारा की गई इस तैयारी और पढाई की गुणवत्ता से प्रभावित हुए है। उन्हें राहत मिली है कि लॉकडाउन के कारण उनकी पढ़ाई में कोई बाधा नहीं आ रही है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं इस लॉकडाउन की स्थिति में भी क्लास में बैठ कर पढ़ाई कर सकूंगी और मैं उन शिक्षकों को धन्यवाद देना चाहती हूं जो चीजों को इतने आसान तरीके से समझा रहे हैं कि मेरी सभी शंकाओ का समाधान हो रहा हैं। कक्षा 12 के एक अन्य छात्र लोकेश ने कहा कि यह सबसे अच्छा अनुभव है। अन्य सभी छात्र जो कक्षा में शामिल होते हैं, वे बहुत सारे प्रश्न लेकर आते हैं, और शिक्षकों द्वारा हमारी हर शंका का समाधान तुरंत हो जाता है। हम उस पर आधारित एक प्रश्न बैंक बना सकते हैं।

एक छात्र संचित ने चुटकी लेते हुए कहा कि आदरणीय उपमुख्यमंत्री महोदय से मैं अनुरोध करूंगा कि तालाबंदी हटने और स्कूल शुरू होने के बाद भी ऑनलाइन कक्षाओं को जारी रखा जाए।

दिल्ली सरकार खान अकादमी के साथ सोमवार से कक्षा 9 के छात्रों के लिए ऑनलाइन मैथ्स कक्षाएं शुरू करने के लिए तैयार है।

– ’इस कार्यक्रम से लगभग 3 लाख छात्र लाभान्वित होंगे।

– दिल्ली सरकार के लगभग 1000 शिक्षकों को खान अकादमी द्वारा वेबिनार के माध्यम से प्रशिक्षित किया जाएगा।

शिक्षा विभाग दिल्ली सरकार ने अपने विद्यालयों के कक्षा 9 के छात्रों के लिए विशेष रूप से क्यूरेटेड मैथ्स सामग्री की पेशकश करने के लिए खान अकादमी के साथ साझेदारी की है।

शैलेंद्र शर्मा ने बताया कि पिछले 10 दिनों से हम खान अकादमी की टीम के साथ चर्चा कर रहे हैं कि नौवीं कक्षा के गणित विषय में छात्रों को कैसे पढ़ाये। पिछली बार हमने बोर्ड के परिणाम देखे थे और देखा था कि हमारे केवल 71 प्रतिशत छात्र मैथ्स में पास हुए हैं, जबकि सामाजिक विज्ञान और भाषा जैसे विषयों में उनका पास प्रतिशत 97 था। हमारे छात्रों को गणित में परेशानी नहीं होने देने के लिए, हमने खान अकादमी के साथ सहयोग किया है, जो विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त शैक्षिक गैर-लाभकारी संगठन है, जो हमारे छात्रों के लिए इंटरैक्टिव शिक्षण सामग्री विकसित कर रहा है।

खान अकादमी इंडिया के प्रबंध निदेशक श्री संदीप बापना ने बताया कि यह 10 सप्ताह का लंबा कार्यक्रम है। इस सोमवार से शुरू होने पर, माता-पिता को उस दिन के माइक्रो लेसन को खोलने के लिए एक लिंक के साथ एक एसएमएस प्राप्त होगा। इसमें दो या तीन वीडियो और कुछ अभ्यास होंगे। ये पाठ 10 सप्ताह तक माता-पिता व छात्रों तक पहुंचेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य अंतिम वर्ष के पाठ्यक्रम को संशोधित करना और नए शैक्षणिक वर्ष के लिए छात्रों को तैयार करना है। हमारी इस कोशिश से 3 लाख से ज्यादा छात्रों को फायदा होगा।

दिल्ली सरकार केजी से आंठवी कक्षा के छोटे बच्चों के लिए 5,71, 661 अभिभावकों को जनरल एक्टिविटीज का प्रतिदिन एसएमएस भेज रहा है। घर पर हैप्पीनेस क्लास के लिए केजी से 12वीं कक्षा तक के 12,14,049 छात्रों के अभिभावकों को दैनिक एसएमएस अलर्ट भी भेजा जा रहा है। इसके अलावा, कक्षा 3 से 8 तक के 5,18,626 माता-पिता हर दूसरे दिन मिशन बुनियाद की गतिविधियों के लिए आईवीआर प्राप्त करते हैं और इसलिए केजी से कक्षा आठ तक के बच्चों के 5,71,661 माता-पिता हर दूसरे दिन हैप्पीनेस क्लास के के लिए भी आईवीआर प्राप्त कर रहे हैं।

उपमुख्यमंत्री ने फोन पर उन युवा छात्रों के माता-पिता से भी बात की जो एसएमएस प्राप्त कर रहे थे।

एक छात्र के पिता श्री संजय ने दिल्ली सरकार की इस मुहीम से सतुष्ट हो कर कहा कि मुझे वास्तव में हर रोज भेजी जाने वाली गतिविधियां पसंद हैं और मैं अपने बच्चे के साथ इस दैनिक गतिविधि को करने के लिए रोज बैठता हूं। साथ ही रोजाना शाम 4 बजे से हैप्पीनेस क्लास भी फॉलो कर रहा हूं।

एक गृहिणी और कक्षा 5 में पढ़ने वाली छात्रा की मां हरविंदर कौर ने भी दिल्ली सरकार द्वारा शुरू की गई इन ऑनलाइन शिक्षण गतिविधियों के बारे में सभी की प्रशंसा की। जो उसके बच्चे को जल संरक्षण जैसे कई सामान्य मुद्दों के बारे में जागरूक कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज हमें एक अभ्यास करने के लिए कहा गया है कि अगर हमारे पास 15 लीटर पानी है तो हम अपने घर का प्रबंधन कैसे करेंगे। इसलिए, मैंने अपने बच्चे को पढ़ाया और उसे पानी के संरक्षण के बारे में जागरूक किया।

Delhi government partners with Ola-Uber to provide medical emergency services for non-COVID patients #DelhiGovernance #DelhiFightsCorona

कार्यालय, स्वास्थ्य मंत्री

दिल्ली सरकार

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मेडिकल इमरजेंसी के दौरान ओला-उबर कैब से अस्पताल पहुंचाएगी दिल्ली सरकार- सतेंद्र जैन

– गैर कोविड-19 मरीजों को मेडिकल इमरजेंसी के दौरान अस्पताल जाने के लिए हेल्पलाइन नंबर 102 व 112 पर करना होगा काॅल- सतेंद्र जैन

– गैर कोविड-19 रोगियों को अस्पताल पहुंचाने के लिए ओला व उबर ने दिल्ली सरकार के साथ मिल कर शुरू की प्रोबोनो सेवा- सतेंद्र जैन

नई दिल्ली, 25 अप्रैल, 2020

दिल्ली सरकार अब गैर कोविड-19 रोगियो को मेडिकल इमरजेंसी के दौरान ओला और उबर कैब से अस्पताल पहुंचाएगी। इसके लिए अब एंबुलेंस की आवश्यकता नहीं होगी। दिल्ली में लाँकडाउन के दौरान गैर कोरोना मरीजों को सुविधा देने के लिए दिल्ली सरकार ने यह फैसला लिया है। दिल्ली सरकार उन मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में ओला और उबर कैब की सुविधा प्रदान करेगी, जिन्हें कोरोना के अलावा कोई अन्य बीमारी है और उन्हें तत्काल मेडिकल सुविधा के लिए अस्पताल पहुंचना आवश्यक है। इसके लिए रोगियों को कैट्स एंबुलेंस हेल्पलाइन नंबर 102 व 112 पर काल करना होगा। स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन ने ट्वीट कर दिल्ली के निवासियों से आज यह जानकारी साझा की।

दिल्ली में कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कोरोना मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए दिल्ली सरकार की हायर की गई ज्यादातर एंबुलेंस की ड्यूटी लगाई गई है। कोविड-19 रोगियों में एंबुलेंस के व्यस्त होने की वजह से अन्य बीमारियों से ग्रसित रोगियों को अस्पताल पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। साथ ही लाँकडाउन के दौरान एक जगह से दूसरे जगह आने जाने की भी समस्या थी, जिससे मरीजों को परेशान होना पड़ रहा था। खास कर मेडिकल इमरजेंसी के दौरान लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। चूंकि देशव्यापी लाॅक डाउन की वजह से सभी तरह की पब्लिक सर्विस सेवाएं बंद है। इसलिए लोग अन्य वाहनों का प्रयोग नहीं कर सकते हैं। इसी के मद्देनजर दिल्ली सरकार ने गैर कोविड-19 मरीजों को इमरजेंसी के दौरान तत्काल अस्पताल पहुंचाने के लिए ओला और उबर कैब के साथ समझौता किया है। ओला और उबर कैब इस संकट की घड़ी में कोरोना को छोड़ कर अन्य किसी बीमारी से ग्रसित रोगियों को अस्पताल तक आने-जाने के लिए प्रोबोनो सेवा शुरू की है।

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन ने ट्वीट कर ओला और उबर को यह सेवा शुरू करने के लिए धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा कि इस संकट के समय में ओला व उबर कैब कंपनी अस्पतालों में आपातकालीन गैर कोविड-19 रोगियों के आवागमन के लिए प्रोबोनो सेवा प्रदान करने के लिए आगे आए हैं। इमरजेंसी मेडिकल के दौरान अस्पताल आने-जाने के लिए ओला व उबर कैब की प्रोबोनो सेवा लेने के लिए कैट्स एंबुलेंस हेल्पलाइन नंबर 102 व 112 डायल करना होगा। इन हेल्प लाइन नंबरों पर काॅल करने के बाद गैर कोविड-19 रोगियों को तत्काल यह सेवा उपलब्ध करा दी जाएगी।

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Maurya/

Office of the Health Minister

Govt. of NCT of Delhi

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*Delhi government partners with Ola-Uber to provide medical emergency services for non-COVID patients*

*Ola-Uber will help pro-bono in the commute of emergency non-COVID patients to hospitals: Satyendar Jain*

*This service can be availed by dialling CATS ambulance helpline at 102 or 112: Satyendar Jain*

NEW DELHI, April 25, 20202

The Delhi government has decided to partner with private cab facilities like Ola and Uber to provide medical emergency services for non-COVID patients in the national capital. Delhi Health Minister Mr Satyendar Jain on Saturday said that the Ola and Uber will help the Delhi government pro-bono in the commute of emergency non-COVID patients to the city hospitals. He explained that this service can be availed by dialling CATS ambulance helpline at 102 or 112.

“During this time of crisis, I thank  @Olacabs and @UberIndia who have come forward to provide probono service to help in the commute of emergency non-covid patients to hospitals. This service can be availed by dialing CATS ambulance helpline at 102/112,” tweeted Mr Jain.

Delhi Chief Minister Mr Arvind Kejriwal also welcomed the move by the Ola and Uber. Welcoming and thanking these private cab facilities Mr Kejriwal said that it is heartening to see how many organisations are coming forward to help the citizens. 

Addressing the Uber cabs Mr Kejriwal tweeted, “Thank you for your support for Delhi’s healthcare workers. It is heartening to see so many organisations pitching in to help fight Corona.”

Welcoming the Ola Cabs Mr Kejriwal tweeted, “Thank you for your contribution  @Olacabs. Transporting people to and from hospital during the lockdown is a very imp service.”

Amid the COVID-19 pandemic, the Delhi government is working round the clock to provide the best and timely services to the COVID-19 patients, therefore, the ambulances of the state are mostly working with the COVID-19 patients. On the other hand due to the nationwide lockdown to tackle the pandemic the people are facing problems to bring out their own vehicles and there are no other transport facilities available. Taking cognizance of this extraordinary situation the Delhi government has decided to partner with the Ola and Uber cabs who will help the non-COVID patients to commute.

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*Initial results of plasma therapy on four COVID-19 patients encouraging: CM Arvind Kejriwal* #DelhiGovernance #DelhiFightsCorona

मुख्यमंत्री कार्यालय

दिल्ली सरकार

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 *दिल्ली सरकार ने चार मरीजों पर कराया प्लाज्मा थैरेपी का इस्तेमाल, परिणाम उत्साह वर्धक- अरविंद केजरीवाल* 

– केंद्र सरकार से 10 दिन पहले एलएनजेपी में भर्ती कोरोना के गंभीर मरीजों पर प्लाज्मा थैरेपी का इस्तेमाल करने की मिली थी अनुमति- अरविंद केजरीवाल

– अभी दो-तीन दिन तक और प्लाज्मा थैरेपी का करेंगे परीक्षण, सफलता मिलने पर सभी अस्पतालों में हो सकेगा इससे इलाज- अरविंद केजरीवाल

– कोरोना से ठीक होकर घर गए लोगों से अपील, दूसरे मरीजों की जान बचाने के लिए डोनेट करें प्लाज्मा, इससे उन्हें कोई दिक्कत नहीं होगी- अरविंद केजरीवाल

– कोरोन से ठीक होकर घर आए लोगों की जिम्मेदारी है कि वे अपना प्लाज्मा डोनेट कर बचाएं एक से दो मरीजों की जान- अरविंद केजरीवाल

नई दिल्ली, 24 अप्रैल, 2020

दिल्ली सरकार द्वारा प्लाज्मा थैरेपी से कोरोना के गंभीर मरीजों में कराए गए इलाज का परिणाम उत्साह वर्धक आया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आईएलबीएस के निदेशक डाॅ. शिव कुमार सरीन के साथ डिजिटल प्रेस कांफ्रेंस कर यह जानकारी साझा की है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार से अनुमति मिलने के बाद एलएनजेपी में कोरोना के चार गंभीर मरीजों पर प्लाज्मा थैरेपी का इस्तेमाल किया गया था और उसका परिणाम सुखद आया है। मुख्यमंत्री ने कोरोना से ठीक होकर घर गए लोगों से अपील की है कि उनकी यह जिम्मेदारी है कि वे प्लाज्मा डोनेट करने के लिए आगे आएं, ताकि दूसरे गंभीर मरीजों की जान बचाई जा सके। ऐसे लोगों के पास दिल्ली सरकार की तरफ से फोन जाएगा। जो लोग ब्लड या प्लाज्मा देने के इच्छुक होंगे, उन्हें अस्पताल तक लाने और घर छोड़ने के लिए वाहन की व्यवस्था सरकार करेगी। प्लाज्मा डोनेट करने से व्यक्ति में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती है, क्योंकि डाॅक्टर ब्लड में से प्लाज्मा निकाल कर उसे वापस शरीर में डाल देते हैं।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कोरोना को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली सरकार दो दिशाओं में प्रयास कर रही है। एक, कोरोना को फैलने से किस तरह से रोका जाए। उसमें हम सोशल डिस्टेंसिंग कर रहे हैं। कई जगहों पर लाॅक डाउन चल रहा है और कई अन्य कदम उठाए गए हैं। दूसरा, हम प्रयास कर रहे हैं कि किस तरह से कोरोना से होने वाली मौतों को रोका जाए और कम किया जाए। कोरोना अगर किसी को हो भी जाए, तो वह अस्पताल में इलाज के बाद ठीक होकर घर लौट आए।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज से करीब 10 दिन पहले दिल्ली सरकार को केंद्र सरकार से अनुमति मिली थी कि हम कोरोना के सबसे गंभीर मरीजों को प्लाज्मा थैरेपी के जरिए इलाज करके देखेंगे कि क्या असर पड़ता है। प्लाज्मा थैरेपी में, जो कोरोना मरीज ठीक होकर अस्पताल से घर चले गए हैं, ऐसे मरीजों के खून के अंदर एंटी बाॅडिज बनती हैं, जो उन्हें कोरोना से बचाती हैं। अगर ठीक हुए मरीज के खून से वह एंटीबाॅडिज या प्लाज्मा निकाला जाए और उसे कोरोना से बीमार व्यक्ति के अंदर डाल दी जाए, तो वह व्यक्ति भी ठीक हो जाता है। इसे हम प्लाज्मा थैरेपी कहते हैं। हमें प्लाज्मा थैरेपी को छोटे स्तर पर परीक्षण करने की अनुमति मिली थी। केवल एलएनजेपी के लिए ही यह अनुमति मिली थी कि वहां के जो गंभीर मरीज हैं, उन पर यह परीक्षण कर के देखा जा सकता है। हमने पिछले कुछ दिनों के अंदर 4 मरीजों पर परीक्षण करके देखा है। इसके अभी तक के नतीजे उत्साहवर्धक है। इंस्टीट्यूट आॅफ लीवर एंड बाइनरी साइंसेज (आईएलबीएस) के निदेशक डाॅ. शिव कुमार सरीन के नेतृत्व में यह परीक्षण किया गया है।

प्लाज्मा थैरेपी दिए गए चारों मरीजों में उत्साह वर्धक परिणाम देखे गए, दो वेंटिलेटर पर थें, अब वार्ड में शिफ्ट होंगे – अरविंद केजरीवाल

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक, जिन चार मरीजों को प्लाज्मा थैरेपी दी गई है, उसमें से दो मरीजों को मंगलवार को प्लाज्मा दिया गया था। आज उन्हें प्लाज्मा दिए तीन दिन हो गए हैं। दोनों ही आईसीयू में थे। मुझे एलएनजेपी के मेडिकल डायरेक्टर ने बताया हैं कि आज संभवतः उन्हें आईसीयू से निकाल कर वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाएगा। पहले उनकी तबीयत बहुत ज्यादा खराब थी। तकनीकी मानकों में देखें तो पहले मरीज का सांस लेने का रेट 30 था, जो 15 होना चाहिए, 30 बहुत ज्यादा माना जाता है। आॅक्सीजन सेचुरेशन लेवल 85 प्रतिशत था, यह 95 प्रतिशत होना चाहिए था। उस मरीज में यह दोनों ही चीजें काफी गंभीर थी। प्लाज्मा देने के बाद उनका सांस लेने का रेट 20 हो गया है और आॅक्सीजन सेचुरेशन लेवल 98 प्रतिशत हो गया है। इसी तरह का सुधार सभी चारों मरीजों में देखने को मिला है। उनमें सांस लेने का रेट और आक्सीजन सेचुरेशन लेवल में सुधार हो गया है। मंगलवार को गंभीर हालत में दो मरीज आईसीयू में भर्ती हुए थे। उन दोनों को आज आईसीयू से छुट्टी मिल जाएगी। बाकी दो मरीजों को कल प्लाज्मा दिया गया है। पिछले 24 घंटे में उनमें भी काफी अच्छे परिणाम देखने को मिले हैं। उम्मीद है कि यह दोनों लोग भी काफी जल्द रिकवर होंगे। आज भी दो या तीन मरीजों में प्लाज्मा दिया जाएगा। इसके अलावा एक कोई प्राइवेट अस्पताल है, जिसने भी प्लाज्मा थैरेपी की है। उनका मरीज भी काफी गंभीर हालत में था। उसको आईसीयू से छुट्टी मिल गई थी और संभवत‘ आज अस्पताल से भी उसे छुट्टी मिल रही है।

दो-तीन दिन और परीक्षण करेंगे, सफलता मिली, तो सभी अस्पतालों में प्लाज्मा थैरेपी से गंभीर मरीजों का होगा इलाज- अरविंद केजरीवाल

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अभी तक हमारे पास सीमित परीक्षण की अनुमति केंद्र सरकार से मिली थी। केंद्र सरकार ने हमें यह अनुमति दी थी कि आप केवल एलएनजेपी के गंभीर मरीज पर प्लाज्मा थैरेपी करके हमें नतीजे बताइए, फिर हम आपको आगे की परमिशन देंगे। अब अगले दो-तीन दिन तक हम और परीक्षण करेंगे। उसके बाद हम अगले सप्ताह केंद्र सरकार से पूरे दिल्ली के कोरोना के गंभीर मरीजों पर प्लाज्मा थैरेपी देने के लिए आवेदन करेंगे और इजाजत की मांग करेंगे। मुझे उम्मीद है कि वह भी इजाजत हमें जल्दी मिल जाएगी। इसके बाद दिल्ली के अंदर किसी भी अस्पताल में कोरोना के गंभीर मरीजों पर प्लाज्मा थैरेपी का इस्तेमाल कर पाएंगे। मैं एक बार और दोहराना चाहता हूं कि प्लाज्मा थैरेपी के अभी तक यह प्राथमिक नतीजे हैं। कोई यह न सोचे कि कोरोना का इलाज मिल गया है। प्राथमिक नतीजे काफी उत्साहवर्धक है। एक उम्मीद की किरण नजर आई है।

कोरोना से ठीक हुए लोगों को प्लाज्मा दान कर दूसरे मरीजों की जान बचाने की जिम्मेदारी, – अरविंद केजरीवाल

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इसमे सबसे बड़ा रोल डोनर का है। जो कोरोना से ठीक हो गया है और वह अपना प्लाज्मा डोनेट करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप में से बहुत सारे लोगों ने डेंगू के लिए ब्लड दिया होगा। डेंगू के लिए जब आप ब्लड देते हैं, तो आपका डाॅक्टर खून नहीं लेते हैं। प्लेटसेट्स निकल कर आपके शरीर में खून डाल दिया जाता है और आपको कमजोरी भी नहीं आती है। इसी तरह से यह भी है। एक तरफ से आपका खून लेंगे और उसमें से प्लाज्मा निकाल कर ब्लड आपके शरीर में वापस डाल देंगे। आपको किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। हमारे दिल्ली के जितने भी लोग कोरोना से ठीक होकर घर गए हैं, उन सभी लोगों से हाथ जोड़ कर निवेदन है कि अब आप दूसरे व्यक्ति की जान बचा सकते हैं। कोरोना से ठीक होने वाला एक-एक व्यक्ति की जिम्मेदारी बनती है कि वह दूसरों के काम आए। आपके खून से लिया गया प्लाज्मा सिर्फ उन्हीं मरीजों को दिया जा रहा है, जो बहुत ही गंभीर हैं। अगर आप प्लाज्मा नहीं देते हैं, तो हो सकता है कि उनकी मौत हो जाए। प्लाज्मा देकर आप वास्तव में एक व्यक्ति की जान बचाएंगे। कई बार आपके शरीर में प्लाज्मा है। आपके खून में एंटीबाॅडिज ज्यादा हैं, तो उससे दो मरीजों की भी जान बच जाती है। हालांकि समान्य रूप से एक व्यक्ति से एक ही मरीज की जान बचती हैं, लेकिन कई बार दो मरीजों की जान भी बचाई जा सकती है।

 जितने लोग कोरोना से ठीक होकर गए हैं, उनके पास हमारे यहां से फोन आएगा – अरविंद केजरीवाल

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जितने लोग कोरोना से ठीक होकर गए हैं, उनके पास हमारे यहां से फोन आएगा। हम आपके लिए गाड़ी भेज देंगे। आपको आने-जाने की दिक्कत नहीं होगी। आप किसी बात की चिंता न करें। सभी डाॅक्टर आपको किसी तरह की दिक्कत नहीं होने देंगे। इसलिए आप जरूर अपना प्लाज्मा डोनेट कीजिए। ताकि हम दूसरे लोगों की जान बचा सकें। हमारे लिए यह अच्छी खबर है और मैं उम्मीद करता हूं कि कोरोना जल्द से जल्द खत्म हो, कम से कम फैले। हमारा पूरा प्रयास है कि कोरोना की वजह से किसी की मौत नहीं होनी चाहिए।

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 वायरस को निष्प्रभाव करने या उसके प्रभाव को कम करने की अभी थैरेपी ही विधि है – डा. सरीन

 डाॅ. शिव कुमार सरीन ने बताया कि दिल्ली सरकार का आॅटोनोमस सोसायटी आईबीएस के तहत यहां पर एक बहुत अच्छा ब्लड बैंक है। हमारे सहयोगी डाॅ. मीनू वाजपेयी इस प्रोजेक्ट की मुख्य परीक्षक हैं। एक अन्य हमारे सहयोगी डाॅ. सुरेश हैं, जो डाॅ. मौलाना आजाद अस्पताल में निदेशक और प्रोफेसर हैं। वह बहुत ही वरिष्ठ फिजिशियन भी हैं। हम सब ने मिल कर एक प्राथमिक योजना बनाई थी। उस समय तक योजना थी कि सिर्फ पुराने सांस के या गंभीर मरीजों के लिए थैरेपी इस्तेमाल की जाएगी। वैसे तो यह पुरानी थैरेपी है और डिप्थिरिया में भी इस्तेमाल की गई थी। चूंकि वायरस की कोई दवाई नहीं है और हमारे पास ऐसी कोई दवाई नहीं हैं कि वायरस शरीर में प्रवेश करे तो उसे आगे बढ़ने से रोक सकें। एक ही थैरेपी थी कि वायरस को कैसे निष्प्रभाव करें या उसके प्रभाव को कैसे कम करें।

कोरोना के तीन स्टेज होते हैं, दूसरे स्टेज में मरीज को प्लाज्मा देने से ठीक होने की संभवना अधिक- डाॅ. सरीन

डाॅ. सरीन ने बताया कि कोरोना बीमारी के तीन फेज होते हैं। पहला, वायरस फेज कहते हैं। इसमें वायरस शरीर के अंदर आता है। दूसरा, इसे पल्मोनरी फेज कहते हैं। जिसमें फेफड़े के अंदर जख्म आने लगते हैं। उसके कारण मरीज को सांस की परेशानी होने लगती है। तीसरा, इसमें साइकोकाइन निकलते हैं। अगर मरीज तीसरे स्टेज में आता है, तो उसके अंगों को फेल होने की स्थिति आ जाती है। मरीज दूसरे फेज में आता है, जिसमें फेफड़े के अंदर संक्रमण है, लेकिन बाकी अंग चल रहे हैं। उस स्टेज के अंदर अगर हम प्लाज्मा दें, तो वायरस को भी कम कर सकते हैं और अंगों को फेल होने से बचा सकते हैं। प्रथम, स्टेज में यह पकड़ में नहीं आता है। हम सिर्फ बचाव व पता लगा सकते हैं। अगर मरीज 7 से 15 दिन के अंदर आ जाए, जिसे सांस की परेशानी है और उसमें बाकी अंग फेल नहीं हो, ऐसे व्यक्ति में प्लाज्मा थैरेपी कारगर हो सकता है। हमने शुरू में इसका परीक्षण बहुत ही सावधानी पूर्वक शुरू की थी और हमें खुशी है कि चार मरीजों में उत्साह वर्धक परीणाम आए हैं। एलएनएच अस्पताल में भर्ती और दो-तीन मरीजों को आज हम प्लाज्मा थैरेपी दे सकते हैं।

डाॅ.’ सरीन ने बताया कि इस थैरेपी के फायदे काफी हैं। अगर मरीज को यह थैरेपी दी जाए, तो वह तीसरे स्टेज, जिसे हम साइकोकाइन स्पाॅर्म कहते हैं, उस स्टेज पर मरीज न जाए, जिससे अंग फेल हों और फेफड़े के संक्रमण तेजी से ठीक हो जाएं। यह हमारा मुख्य उद्देश्य है। ऐसी थैरेपी अभी और कोई नहीं है। मान लीजिए कि हमें 20 मरीजों में थैरेपी करनी है, तो मुझे लगता है कि हमारे यह मरीज 10 से 15 दिन में ठीक हो जाएंगे। सभी की दुआएं रहीं, तो हो सकता है कि हम एक लीड ले सकते हैं कि यह थैरेपी अच्छी है।

प्लाज्मा देने से डोनर को कोई कमजोरी नहीं होती-डाॅ़ सरीन

डाॅ. सरीन ने कहा कि प्लाज्मा थैरेपी में अभी कई दिक्कतें हैं। जिन लोगों को कभी कोरोना हुआ और रिकवर हो गए हैं, लेकिन अभी वे क्वारंटीन में हैं। अगर वो लोग हमें ब्लड देंगेे, तभी तो हमें एंटी बाॅडिज मिलेगी। इस समय हमंे उन लोगों की जरूरत हैं कि वे अपनी देशभक्ति दिखाएं। कुछ दिन पहले एक युवा लड़का था। वह रात एक बजे आया। हमें उस समय प्लाज्मा की सख्त जरूरत थी। हम चाहते थे कि किसी तरह से उसे प्लाज्मा मिल जाए, लेकिन हमें पूरे दिन प्लाज्मा नहीं मिला और अगले दिन सुबह 4 बजे उसकी मौत हो गई। उस दिन हमें सुबह 7 बजे प्लाज्मा मिल पाया। दिन भर पूरी टीम उदास रही कि क्या हमारे यहां ऐसे लोग नहीं हैं, जो कोरोना से ठीक होकर घर पर हैं, क्या वो ब्लड नहीं दे सकते हैं। डाॅ सरीन ने कहा कि यह ब्लड डोनेशन भी नहीं है। जैसे हमने कई बार ब्लड दे दिया तो कोई भी मरीज ट्रांसप्लांट का होता है, सबसे पहले उसे हम ब्लड दे देते थे। इसके बाद हमें दोबारा ब्लड देने के लिए तीन महीने तक इंतजार करना पड़ता है। आपने देखा होगा कि डेंगू के लिए ब्लड से प्लेटलेट्स निकाल लिया जाता है और बाकी ब्लड शरीर के अंदर आ जाता है। उसी तरह प्लाज्मा के अंदर भी एक मशीन होती है। खून उसमें से जाता है और थोड़ा सा एंटी बाॅडिज लिया जाता है और बाकी खून वापस आ जाता है। इसमें कोई कमजोरी नहीं होती है। अगर आप चाहें, तो 10 दिन बाद दोबारा प्लाज्मा दे सकते हैं। लेकिन ब्लड तीन महीने तक नहीं दे सकते हैं।

प्लाज्मा डोनेट करने वालों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी-डाॅ सरीन

डाॅ. सरीन ने कहा कि दूसरी बात यह है कि अगर आप ब्लड देते हैं, तो आप में नया खून बनता है। आप जवान महसूस करते हैं। लंबी आयु के लिए ब्लड डोनेशन एक अच्छा माध्यम है। हमारी जिम्मेदारी है कि ब्लड देने वाले को कोई नुकसान न हो। पहले उसका हीमोग्लोबिन चेक होता है, वजह या कोई लक्षण नहीं है आदि पूरा चेक करने के बाद लिया जाता है। हमारे लिए डोनर की सुरक्षा ज्यादा जरूरी है। मैं आप से अपील करना चहता हूं कि आप सभी लोग ब्लड दान करने के लिए आगे आएं। अगर हम प्लाज्मा डोनेट दो दिन में कर दें, तो मुझे लगता है कि हम सारे मरीजों में इसका प्रयोग कर सकते हैं। अभी यहां दो दर्जन से अधिक मरीज हैं और हो सकता है कि सभी को इसकी जरूरत हो। आप लोग आगे आएं और हमें प्लाज्मा डोनेट करें। हमारी टीम मरीज के उपर पूरी जी-जान से लग कर उनको सुपरवाइज करेगी, उनको प्लाज्मा आदि देने पर, हो सकता है कि वे ठीक हो जाएं। प्लाज्मा थैरेपी का एक और फायदा है। इसमें ज्यादा खर्चा नहीं है। विदेश से मंगाई जाने वाली दवा काफी खर्चीली है। हम लोग इसे नहीं ले सकते हैं। प्लाज्मा थैरेपी उसके मुकाबले में काफी कम खर्चीली है। अगले दिनों में हम काफी अच्छी परिणाम बता सकेंगे।

प्लाज्मा दिए गए चारों मरीजों के स्वास्थ्य में सुधार- डाॅ. सरीन

डाॅ. सरीन ने जिन चार मरीजों पर प्लाज्मा थैरेपी का इस्तेमाल किया गया है, उनके बारे में बताया कि यह अच्छी खबर है कि उसमें से दो मरीज आज या कल तक घर जाने की स्थिति में हो सकते हैं। वह बेड से उठ कर बैठ कर नाश्ता कर रहे हैं। जो व्यक्ति वेंटिलेटर पर जाने की स्थिति में हो सकता था, वह अब ठीक है। उसे इस सप्ताह छुट्टी मिलने की उम्मीद है। बाकी दो लोगों को जिनमें प्लाज्मा चढ़ा है, अभी उनमें कोई प्रतिक्रिया नहीं है। प्लाज्मा में रिएक्शन हो सकता है। किसी में ब्लड चढ़ाएं, तो उसमें ब्लड से रिएक्शन हो सकता है। लेकिन उससे ज्यादा रिएक्शन नहीं होता है। उस पर भी हम नजर रखते हैं। अभी तक सभी चारों मरीज बहुत अच्छे हैं। एक मरीज में आज सुबह 1.30 बजे प्लाज्मा खत्मा हुआ है। अब वह भी ठीक हैं।

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Maurya/

OFFICE OF THE CHIEF MINISTER

GOVT. OF NCT OF DELHI

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*Initial results of plasma therapy on four COVID-19 patients encouraging:  CM Arvind Kejriwal*

*Two of the four patients may be discharged from the hospital soon; plasma therapy has shown positive results: CM Arvind Kejriwal*

*Plasma therapy for 2-3 more patients will be tried soon, then we will ask the union to permit plasma therapy for serious patients across Delhi: CM Arvind Kejriwal*

*I appeal to the patients who have recovered from Corona to donate their plasma to save the lives of the people: CM Arvind Kejriwal*

New Delhi: April 24, 2020

Chief Minister Shri  Arvind Kejriwal on Friday addressed a press briefing on the initial positive results of the use of plasma treatment to COVID-19 patients. Speaking in the presser, CM Shri  Arvind Kejriwal said that in the last few days, they have tried plasma therapy on four patients at Lok Nayak Jai Prakash Narayan Hospital and the therapy has yielded positive results. He appealed to the recovered patients to donate their plasma to help other patients recover and contain the fatalities caused by the deadly virus. He also said that Delhi would ask for permission from the center to use plasma therapy for all serious coronavirus patients based on the next trials of the therapy.

CM Shri Arvind Kejriwal said, “Our efforts in the fight against Corona are two-fold, one, how to contain the spread of Corona which includes social distancing, lockdown and various other measures, and two, how to control the deaths caused by the pandemic.” 

A few days back, CM Kejriwal had informed the media that the Central government had permitted the Delhi government to try plasma therapy on the patients recovering from Corona. “Once a person recovers from Corona, anti-bodies are formed in his blood, which is then transferred into a recovering person’s body. We got the trial permission for patients admitted to the LNJP hospital, and we have tried the therapy on 4 patients and the results are satisfactory. We have Dr. Sarin, who is the head of ILBS hospital, and is monitoring the whole project,” added the CM. 

Dr. Sarin said, “ILBS functions as an autonomous body under the Delhi government, and a team of senior doctors are leading the plasma therapy project. Our initial plan was to use plasma therapy as per the age-old traditions, as it had also been used in the 1900s. This virus has three phases, first is when the virus enters the body, second is the pulmonary phase which affects the lungs and causes difficulty in breathing. The third phase is when cytokines are released which produce substances that can kill the virus. The third stage involves high risk as it can lead to organ failure. If the person is treated through plasma therapy in the second stage itself, we can neutralize the virus as well as stop organ failure. So, we can treat a person who is in the second stage and has not reached the third stage. We have seen positive results of plasma therapy in the first four patients. We will also be testing the therapy on 2-3 patients in the LNH hospital, and I hope that it works for the better. Our main aim through this therapy is to not let any sick person reach the third stage, which we call the ‘cytokine storm’, and cure their lung infection as well. But along with the benefits, we also have to know that only the people who have recovered from Corona will have to give their blood. We need people to show their patriotism by donating blood so the others can be treated. We have people who lost their lives because we did not get blood from anywhere and our team was depressed thinking whether we do not have such people who are willing to help other people. The plasma is extracted from the blood of the person who has recovered and the rest of the blood goes back into their body. Donating blood is also good for your longevity and you feel young as new blood is developed. We also take extra care of the donor and check them for any symptoms, hemoglobin, weight and all precautions are taken during the process. Your donation can help save the lives of many patients across Delhi. Plasma therapy is also inexpensive as compared to the other medical treatments and medicines that our country cannot afford to import from other countries. I would like to appeal to the people who have recovered from Corona and give their blood, and we will be able to tell better results in the next 10 days. The good news is that two out of the four patients on whom the plasma therapy has been tried may be discharged from the hospital today or tomorrow. The remaining two have not shown any reaction from the plasma transplant.” 

CM Shri Arvind Kejriwal said, “The plasma transplant on two out of the four patients was done on Tuesday. Both of them were in ICU, and the MD of LNJP has told me that they will be shifted to the ward today. The respiratory rate of the first patient was 30 when it should be 15 and the oxygen saturation level was 85% which should be 95%. After the plasma therapy, their respiratory rate is 20 and the oxygen saturation level is 98%. This has been observed in all the patients whose respiratory rates and oxygen saturation levels have improved. The two patients will be discharged from the ICU and the remaining two patients have also shown excellent results. A patient who was in a very serious condition before the plasma therapy will now soon be discharged.” 

“We had got the permission of limited trials by the central government. They had permitted us to conduct the trial on some patients admitted to LNJP hospital and then notify them of their success for further therapy trials. After the next 2-3 more trials, we will apply for permission for plasma therapy to be given to serious Corona patients across Delhi. These are the initial results, this should not be treated as a cure for Corona. This has come as a ray of hope to us, and doctors are trying their best to save the lives of their patients,” CM Kejriwal said.

CM Shri Arvind Kejriwal appealed to the people recovered from the Corona. He said, “It is the responsibility of the people who have recovered to come forward and help those who are still recovering. Your plasma will be transferred only into those patients who are very critical. You will be saving the lives of people. All those who have recovered and have been discharged will get a call from us, we will send the car for you and the process will be done under the careful supervision of our experienced doctors. I want to appeal with folded hands to come forward and help.”

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More Protection Officers should be appointed – Rajendra Pal Gautam #DelhiGovernance #DelhiFightsCorona

Office of the Minister of Women and Child Development  

Govt. of NCT of Delhi

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More Protection Officers should be appointed – Rajendra Pal Gautam

Create awareness of 181 helpline number of Delhi Women’s Commission – Rajendra Pal Gautam

 No increase in domestic violence cases during lockdown – Rajendra Pal Gautam

  Dated: 22nd April 2020  

– On Wednesday, Delhi Women and Child Development Minister,  Rajendra Pal Gautam held an important meeting with DCW Chief Swati Maliwal, along with other members of WCD to discuss the notice issued by Union Government’s National Commission for Women (NCW) which reported a spike in domestic violence cases in Delhi. 

As per NCW, they received 123 complaints of domestic violence and said that they have observed a rise in such cases during the lockdown imposed to control the spread of coronavirus.

In the light of this, DCW Chief shared the data of calls with Cabinet Minister Rajendra Pal Gautam that contrary to NCW reports, there has been a sharp decline in the number of domestic violence cases and distress calls on their 181 helpline number. 

She said that before lockdown DCW received 1500 – 1800 calls per day on 181 helpline number for issues pertaining to domestic violence.  However, during the lockdown there was no increase in the number of calls rather there was a decline in the number of calls especially those regarding issues of domestic violence. Even the number of complaints in DCW’s

One Stop Centres have come to just 10 during the nationwide lockdown. 

As per the call record data of 181 helpline number regarding domestic violence complaints, DCW received only 212 calls from 30th March till April 6th and 171 calls from 14th April till 20th April. On a regular day, DCW receives 1500 -1800 calls per day on 181 helpline number regarding domestic violence cases. The commission has also observed a decline in cases and complaints of molestation, sexual assault, stalking in the Capital.

With regard to this, Rajendra Pal Gautam directed the officials to publicize more about the 181 helpline number in Delhi so that women in distress can reach out to DCW for help. 

Along with this, he has also directed that more Protection Officers should be appointed under the Domestic Violence Act. All vacancies need to be filled on an immediate basis.

Along with 181 helpline number, DCW has also launched a special WhatsApp Number +91- 9350181181 to register complaints regarding domestic violence

DCPCR recently launched a helpline number 011 – 41182977 for children who need any kind of mental health counselling during the lockdown.

Delhi Commission for Women(DCW), Delhi Commission for Protection of Child Rights(DCPCR) and the Department of Women and Child Development(WCD) under Cabinet Minister, Rajendra Pal Gautam has been proactively working towards the protection of both women and children in the Capital.

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Maurya/

प्रेस विज्ञप्ति

 महिलाओं के साथ घरेलु हिंसा की रोकथाम के लिए और सुरक्षा अधिकारी नियुक्त करने की जरूरत, रिक्तियों को भरने पर दिया जाए बल – राजेंद्र पाल गौतम

– दिल्ली में लॉकडाउन के दौरान घरेलू हिंसा के मामलों में कोई वृद्धि नहीं – स्वाति मालीवाल

– हेल्पलाइन नंबर 181 का और अधिक प्रचार करें, ताकि पीड़ित महिलाएं दिल्ली महिला आयोग तक पहुंच सके – राजेंद्र पाल गौतम

– महिला एवं बाल विकास मंत्री राजेंद्र पाल गौतम के साथ बैठक में डीसीडब्ल्यू प्रमुख स्वाति मालीवाल, महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव व निदेशक रहे मौजूद, एनसीडब्ल्यू की रिपोर्ट पर हुई चर्चा

नई दिल्ली, 22 अप्रैल, 2020

दिल्ली के महिला एवं बाल विकास मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने बुधवार को दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) की प्रमुख स्वाति मालीवाल, महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव और निदेशक समेत अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में केंद्र सरकार के राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) द्वारा जारी नोटिस पर चर्चा की गई, जिसमें कहा गया है कि लाॅक डाउन के दौरान दिल्ली में महिलाओं के साथ घरेलु हिंसा में वृद्धि हुई है।

राष्ट्रीय महिला आयोग के अनुसार, उन्हें घरेलू हिंसा की 123 शिकायतें मिली हैं। आयोग ने कहा है कि कोरोना वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के दौरान घरेलु हिंसा के मामलों में वृद्धि देखी गई है।

इस परिप्रेक्ष्य में दिल्ली महिला आयोग की प्रमुख स्वाति मालीवाल ने एनसीडब्ल्यू की रिपोर्ट का खंडन करते हुए कैबिनेट मंत्री राजेंद्र पाल गौतम को अवगत कराया कि दिल्ली में घरेलू हिंसा के मामलों की संख्या में भारी गिरावट आई है और ऐसे मामलों में हेल्पलाइन नंबर 181 पर कॉल की संख्या में भी गिरावट आई है।

दिल्ली महिला आयोग की प्रमुख स्वाति मालीवाल ने कहा कि राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली महिला आयोग 24 घंटे काम कर रहा है। लॉकडाउन से पहले, हमें घरेलू हिंसा से संबंधित मामलों के हेल्पलाइन नंबर 181 पर प्रतिदिन 1500 – 1800 कॉल आते थे। जबकि लॉकडाउन के दौरान न सिर्फ हेल्प लाइन नंबर पर कॉल आने की संख्या में कोई वृद्धि दर्ज की गई है, बल्कि विशेष रूप से घरेलू हिंसा के मामलों में कॉल की संख्या में गिरावट भी आई है। यहां तक कि देशव्यापी लाॅकडाउन के दौरान डीसीडब्ल्यू के वन स्टॉप सेंटरों में शिकायतों की संख्या 10 तक आ गई है।

उन्होंने आगे बताया कि घरेलू हिंसा की शिकायतों के संबंध में हेल्पलाइन नंबर 181 के कॉल डेटा के अनुसार, दिल्ली महिला आयोग को 30 मार्च से 6 अप्रैल तक केवल 212 कॉल और 14 अप्रैल से 20 अप्रैल तक मात्र 171 कॉल मिली है। एक नियमित दिन पर, डीसीडब्ल्यू को घरेलू हिंसा के मामलों में हेल्पलाइन नंबर 181 पर रोजाना 1500 -1800 कॉल मिलते हैं। इस दौरान आयोग ने राजधानी में छेड़छाड़, यौन उत्पीड़न व पीछा करने की शिकायतों में गिरावट पाया है।

इस संबंध में, कैबिनेट मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने अधिकारियों को दिल्ली के अंदर हेल्पलाइन नंबर 181 को और अधिक प्रचारित करने का निर्देश दिया, ताकि संकट के समय महिलाएं दिल्ली महिला आयोग तक पहुंच सकें।

मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने अधिकारियों को हेल्पलाइन नंबर 181 के बारे में और अधिक प्रचारित करने का निर्देश दिया, ताकि पीड़ित महिलाएं मदद के लिए हमारे पास पहुंच सकें। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी निर्देश दिया है कि घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत और अधिक अधिकारियों की नियुक्ति की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी रिक्तियों को तत्काल आधार पर भरने की जरूरत है।

हेल्पलाइन नंबर 181 के साथ, डीसीडब्ल्यू ने विदेशी हिंसा से संबंधित शिकायतें दर्ज करने के लिए एक विशेष व्हाट्सएप नंबर ़ 91- 9350181181 भी लॉन्च किया है।

दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्लयू), दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डीसीपीसीआर) और कैबिनेट मंत्री राजेंद्र पाल गौतम के अधीन महिला और बाल विकास विभाग (डब्ल्यूसीडी), राजधानी में महिलाओं और बच्चों दोनों के संरक्षण के लिए लगातार काम कर रहे हैं।

डीसीपीसीआर ने हाल ही में उन बच्चों के लिए एक हेल्पलाइन नंबर 011 – 41182977 लॉन्च किया है, जिन्हें लॉकडाउन के दौरान किसी भी तरह की मानसिक स्वास्थ्य परामर्श की आवश्यकता है।

Delhi govt will give 2,000 food coupons each to every MLA & MP in the city for distribution of food among the poor who do not have any ID #DelhiGovernance #DelhiFightsCorona

OFFICE OF THE CHIEF MINISTER

GOVT. OF NCT OF DELHI

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*Delhi govt will give 2,000 food coupons each to every MLA & MP in the city for distribution of food among the poor who do not have any ID: CM*

*Delhi govt will provide free ration to additional 30 lakh people who have applied online: CM*

*Delhi govt will give a kit of essential items like soap, salt etc along with the ration from the next month: CM*

*Delhi govt to give free ration to around 1 crore people in the national capital: CM*

*Delhi government will start COVID-19 testing for mediapersons from Wednesday: CM*

*Delhi govt will procure 60 new ambulances and an order has been issued for the same: CM*

  Dated: April 21, 2020  

The Delhi government will give 2,000 food coupons each to every MLA and MP in the city for distribution of ration among the needy, who do not have any ID card, in their constituencies in the wake of coronavirus lockdown, Chief Minister Mr Arvind Kejriwal said on Tuesday. He also said that the Delhi government will give free ration to 30 lakh additional people who do not have ration card but applied online for the ration. Delhi Chief Minister also said that with the next month’s ration, a kit — having other daily use items like soap and salt etc — will also be given along with the ration. Mr Kejriwal said that the government will start COVID-19 testing for media persons from Wednesday.

“Till yesterday there was a total of 2,081 number of COVID-19 positive cases in Delhi, 431 people have recovered so far and went back home, 47 people have died and we have 1,603 active cases. Yesterday we collected 1,397 samples which means nearly 1,400 samples and only 78 cases were found positive,” said Mr Kejriwal. 

He added, “We have analysed the deaths due to COVID-19 in Delhi and found that in 80% of the cases the patients were above 50-year old and only 20% were below 50 years. This shows that senior citizens are more at risk. We have also found that 83% of patients who have died had comorbidity which means serious medical conditions like sugar, pressure, kidney disease, cancer etc.”

The Chief Minister asserted that these results show that the senior citizens above 50-year and especially 60-year age should be very careful. “They should maintain the social distancing norms very stringently and should not leave their houses. The family members should ensure that senior citizens stay at home and follow the norms. People who have serious health issues should also be extra careful,” said Mr Kejriwal.

“Today we have decided and planned to ensure the food security of the people in need. We have already given a free ration of 7.5 Kg for this month to 71 lakh ration cardholders and 5 kg free ration to 10 lakh non-ration cardholders. We have received nearly 38 lakh applications from the non-ration cardholders. The Delhi government has decided to give free ration to around 30 lakh people who do not have ration cards. This way we will give free ration to around 1 crore people. Delhi has a population of 2 crores and we will give free ration to half of Delhi’s total population,” said the Chief Minister.

Mr Kejriwal explained, “These 30 lakh people are the people who have applied online based on their ID cards like Aadhar but there are people in Delhi who do not have any ID card. Many people come to Delhi for some months to earn money but now stuck in the city due to lockdown. To ensure free ration to such people the Delhi government today decided that we will give 2,000 food coupons to each MLA and MP of Delhi across all the political parties. Each of these coupons will be applicable to get 5 kg of free ration. The MPs and MLAs can give these coupons to people who do not have a ration card or any ID proof.”

The Delhi CM said, “We have also decided that from the next month (May) along with the ration which will be given from 28 0r 29 April onwards, we will also give a kit containing essential items such as salt, chhole, sugar, haldi, edible oil, soap, masala and daliya. This kit will be given to everyone who is getting ration (both cardholders and non-cardholders).”

Mr Kejriwal also said that to accommodate more people if the number of cases increases the Delhi government today has ordered for 60 new ambulances.

“We have received reports that in many states the journalists were found positive with COVID-19. Journalists are working in the frontline in this extraordinary time and I salute to their courage. This is the time when people need proper information and by risking their life journalists are working round the clock. On the request from the journalists from tomorrow, we are opening a centre where any journalist can visit for COVID-19 test. I wish no journalist will be found positive with COVID-19 and stay in good health,” said Mr Kejriwal.

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*The Essential Item Kit will have*

  (i)  1 ltr of refined oil 

  (ii) 1 Kg Chhole Chana 

  (iii) 1 kg Sugar 

  (iv) 1 kg Salt 

  (v) 200 gm Haldi Powder 

  (vi) 200 gm Dhania Powder 

  (vii) 200 gm Chilli Powder 

  (viii) 2 Soap bars (60-75) gms

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Maurya/

मुख्यमंत्री कार्यालय

एनसीटी, दिल्ली सरकार

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 दिल्ली वासियों को जब तक कोरोना के आर्थिक प्रभाव का सामना करना पड़ेगा, तब तक दिल्ली सरकार उनके लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करेगी- अरविंद केजरीवाल

– दिल्ली में रहने वाली कुल आबादी में से 50 प्रतिशत लोगों (एक करोड़) को सरकार दे रही मुफ्त राशन- अरविंद केजरीवाल

– 71 लाख लोगों को राशन दे दिया गया है, बिना राशन कार्ड वाले 30 लाख लोगों को राशन दिया जाएगा, जिनके पास कोई कार्ड नहीं, उन्हें ई-कूपन से मिलेगा राशन- अरविंद केजरीवाल

– दिल्ली के सभी विधायक व सांसदों को मिलेगा 2-2 हजार ई-कूपन, जिनके पास आधार या राशन कार्ड नहीं, उन्हें विधायक व सांसद दे सकते हैं ई-कूपन – अरविंद केजरीवाल

– मई के राशन के साथ प्रत्येक व्यक्ति को रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले जरूरी सामानों की एक-एक किट भी देगी सरकार- अरविंद केजरीवाल

– अपनी जान जोखिम में डाल कर फील्ड में रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों का दिल्ली सरकार कल से निशुल्क कराएगी कोरोना की जांच- अरविंद केजरीवाल

कोरोना प्रकोप के मद्देनजर 60 एंबुलेंस हायर करेगी दिल्ली सरकार- अरविंद केजरीवाल

नई दिल्ली, 21 अप्रैल, 2020

मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल की सरकार ने कोरोना प्रकोप के मद्देनजर दिल्ली में रहने वाली कुल आबादी में से 50 प्रतिशत लोगों मुफ्त खाद्य सुरक्षा उपलब्ध कराने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली की आबादी 2 करोड़ है। सरकार ने इसमें से करीब 1 करोड़ लोगों को लाॅक डाउन के चलते मुफ्त राशन दे रही है। 71 लाख राशन कार्ड धारकों को 7.5 किलो राशन मिल चुका है। जिनके पास राशन कार्ड नहीं है, ऐसे 30 लाख लोगों को राशन दिया जाएगा। जिनके पास आधार या राशन कार्ड नहीं है, उन्हें भी ई-कूपन के जरिए 5-5 किलो मुफ्त राशन मिलेगा। ऐसे लोगों को संबंधित विधानसभा या लोकसभा क्षेत्र का विधायक या सांसद ई-कूपन उपलब्ध कराएंगे। मई माह के राशन के साथ सभी लोगों को रोजमर्रा की बेसिक सामानों की एक-एक किट भी दी जाएगी। इसके अलावा सरकार फील्ड में रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों का कल से कोरोना का निशुल्क जांच कराएगी, जहां दिल्ली के पत्रकार आकर जांच करा सकते हैं।

कोरोना से हुई मौतों में 83 प्रतिशत लोग पहले से किसी गंभीर बीमार से ग्रसित थे – श्री अरविंद केजरीवाल

मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को डिजिटल प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि 20 अप्रैल की रात तक दिल्ली में कोरोना के 2081 केस हो चुके हैं। इनमें से 431 लोग ठीक हो कर अपने घर जा चुके हैं। 47 लोगों की कोरोना की वजह से मौत हो गई है। अभी फिलहाल 1603 कोरोना के मरीज हैं। 20 अप्रैल को हमने करीब 1397 सैंपल लिए थे। इनमें केवल 78 केस पाॅजिटिव आए हैं। कोरोना की वजह से जिन लोगों की मौत हो रही है। उनका हमने आंकलन किया है। कोरोना की वजह से जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें से 80 प्रतिशत लोग 50 साल से अधिक उम्र के हैं। इनमें सिर्फ 20 प्रतिशत लोग 50 साल से कम उम्र के हैं। इसका मतलब यह है कि जवान लोगों की कम मौत हो रही है। जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें से 83 प्रतिशत लोगों को कोई और भी बीमारी थी। इन लोगों को पहले से हार्ट, सुगर, सांस या कैंसर आदि की बीमारी थी। पहले से गंभीर रोगों से ग्रसित लोगों में कोरोना उस बीमारी को और खराब कर देता है और उस वजह से उनकी मौत हो जाती है। इसको अंग्रेजी में को-मोरबिटी कहते हैं। जिन लोगों को को-मोरबिटी थी, ऐसे 83 प्रतिशत लोगों की मौत हुई है। इसीलिए मैं बार-बार अपील करता हूं कि बुजुर्ग लोग अपना ख्याल रखें। खासकर 60 साल से अधिक उम्र के लोग अपना ख्याल रखें। जिनके घर में बुजुर्ग हैं, वे लोग उनका ख्याल रखें। उन्हें घर से बिल्कुल न निकलने दें। सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखें। जिन लोगों को सुगर, हार्ट या कैंसर समेत कोई और बीमारी है, वो लोग भी अपना खास ख्याल रखें। अगर उनको कोरोना हो गया, तो उनकी जान जा सकती है।

जिनके पास राशन कार्ड नहीं, ऐसे अब 30 लाख लोगों को मुफ्त राशन देगी सरकार- श्रीअरविंद केजरीवाल

मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि लाॅक डाउन के दौरान गरीबों को खाने की दिक्कत नहीं होनी चाहिए। जब तक कोरोना की मार रहेगी और लोग अपनी रोजी-रोटी कमा नहीं पाएंगे, हमने उनकी खाद्य सुरक्षा के लिए पूरी योजना बना रखी है। हमने 71 लाख लोगों को 7.5 किलो प्रति व्यक्ति राशन बांट दिया है। दिल्ली में ऐसे बहुत सारे लोग हैं, जिनके पास राशन कार्ड नहीं है, लेकिन वे भी गरीब हैं, उनको भी राशन की जरूरत है। ऐसे करीब 10 लाख लोगों के लिए मुफ्त राशन की व्यवस्था की गई थी। लेकिन अब पता चल रहा है कि ऐसे और भी लोग हैं, जिन्हें राशन की जरूरत है। इसलिए दिल्ली सरकार ने ऐसे 30 लाख लोगों के लिए और राशन का इंतजाम करने का फैसला लिया है। जिन लोगों के पास राशन कार्ड नहीं है, ऐसे करीब 38 लाख लोगों के आवेदन सरकार के पास आए हैं। हमें लगता है कि इसमें से कुछ लोग राशन लेने नहीं आएंगे, लेकिन वे आएंगे, तो हम सभी को राशन देंगे। जिनके पास राशन कार्ड नहीं है, ऐसे 30 लाख लोगों को राशन दिया जाएगा। सरकार दिल्ली में करीब 1 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दे रही है। दिल्ली की आबादी 2 करोड़ की है। इसमें से आधी आबादी को दिल्ली सरकार मुफ्त राशन दे रही है।

जिनके पास राशन कार्ड या आधार कार्ड नहीं, उन्हें ई-कूपन से मिलेगा राशन- श्री अरविंद केजरीवाल

मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जिन 30 लाख लोगों को राशन दिया जाएगा, वे लोग दिल्ली सरकार की वेबसाइट पर जाकर आधार कार्ड या ऐसे किसी आईकार्ड की मदद से आवेदन करेंगे। इसके अलावा, ऐसे भी बहुत सारे लोग हैं, जिनके पास कोई कार्ड नहीं है। बहुत सारे लोग हैं, जो यूपी, बिहार आदि राज्यों से कुछ महीनों के लिए कमाने के लिए आते हैं। ये लोग कुछ महीने दिल्ली में रहने के बाद वापस चले जाते हैं। लेकिन वे लाॅक डाउन की वजह से दिल्ली में रूक गए हैं। जिनके पास राशन कार्ड नहीं है और न वे ई-कूपन के लिए वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर पा रहे हैं, ऐसे लोगों के लिए हमने व्यवस्था की है कि दिल्ली के सभी विधायक और सांसद, चाहे वह किसी भी पार्टी के हों, सबको 2-2 हजार फूड कूपन जारी किए जाएंगे। उस कूपन पर प्रति व्यक्ति 5 किलो राशन मिलेगा। विधायक और सांसद ऐसे सभी लोगों को कूपन दे सकते हैं, जिनके पास राशन कार्ड या आधार कार्ड आदि नहीं है। विधायक या सांसद अपने विधानसभा के अंदर रहने वाले गरीब लोगों को कूपन दे सकते हैं।

तेल, छोले चीनी, नमक, हल्दी, दाल, मसाला, साबून, दलिया की किट भी मिलेगी – श्री अरविंद केजरीवाल

मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि काफी दिन से लाॅक डाउन चल रहा है। गरीबों के घर में बिल्कुल कमाई बंद हो गई है। केवल चावल या गेहूं से काम नहीं चल सकता है। इसीलिए जब 28 या 29 अप्रैल से अगले महीने का राशन बंटने लगेगा, तब जो लोग राशन कार्ड या ई-कूपन लेकर आएंगे, उन सभी को बेसिक सामान की एक-एक किट दी जाएगी। जिसमें खाने का तेल, छोले, चीनी, नमक, हल्दी, मसाला, साबून, दलिया जैसे रोजमर्रा के सामान होंगे। यह किट बनाई जा रही है। राशन की दुकान पर राशन लेने आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को किट दी जाएगी। जिनके पास राशन कार्ड नहीं है, उनको भी एक-एक किट मई माह के राशन के साथ दी जाएगी।

कोरोना प्रकोप के मद्देनजर 60 एंबुलेंस हायर करेगी दिल्ली सरकार- श्री अरविंद केजरीवाल

मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमने आंकलन किया है कि यदि दिल्ली में बीमारी बढ़ गई, तो कितने एंबुलेंस की जरूरत पड़ेगी। इसके लिए दिल्ली सरकार ने 60 नई एंबुलेंस हायर करने का आदेश दे दिया है। देश के कई इलाकों से सूचना आ रही है कि वहां जब पत्रकारों के टेस्ट कराए गए, तो कई पत्रकारों में भी कोरोना निकल रहा है। पत्रकार इस समय आगे बढ़ कर रिपोर्टिंग कर रहे हैं, देश की सेवा कर रहे हैं। वे बड़ी हिम्मत का काम कर रहे हैं। मैं सभी पत्रकारों के जज्बे को सलाम करता हूं। वे बहुत बड़ा काम कर रहे हैं। इस समय सभी के लिए सही जानकारी मिलना जरूरी है। पत्रकारों की सुरक्षा के मद्देनजर कल (22 अप्रैल) सुबह से पत्रकारों की जांच के लिए एक जांच केंद्र शुरू किया है। इसकी सभी जानकारी पत्रकारों और मीडिया हाउस को दे दी जाएगी। जो भी पत्रकार अपनी जांच कराना चाहते हैं, वे अपनी मुफ्त जांच करा सकते हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि एक भी पत्रकार को कोरोना नहीं निकलेगा।

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किट में होगा यह सामान

राशन के साथ मिलने वाली किट में 1 किलो रीफाइन तेल, 1 किलो छोले-चना, 1 किलो चीनी, 1 किलो नमक, 200 ग्राम हल्दी पाउडर, 200 ग्राम धनिया पाउडर, 200 ग्राम मिर्च पाउडर, 2 साबुन की टिक्की (60-75 ग्राम वजन का)

Anganwadi workers are going door to door to distribute food to women and children. They are our Corona Warriors – Shri Rajendra Pal Gautam #DelhiGovernance #DelhiFightsCorona

               Office of the Minister of  Social Welfare and WCD

Govt. of NCT of Delhi

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“Anganwadi workers are going door to door to distribute food to women and children. They are our Corona Warriors ” – Shri Rajendra Pal Gautam

“Replacing panjiri and other items given to children studying in Aanganwadi with more nutritional supplements like peanuts and sprouted grams.” – Shri Rajendra Pal Gautam

“Exploring ways to distribute sanitary napkins to women” – Shri Rajendra Pal Gautam

Dated: 21st April, 2020

On Tuesday, Cabinet Minister Shri Rajendra Pal Gautam called an urgent meeting of the Department of Social Welfare and Department of Women and Child Development to discuss the possibility of providing ration and other nutritional food supplements to women and children who are a part of Integrated Child Development Services (ICDS) Program.

“There are several women and children who are dependent on Anganwadis for basic nutrition and primary healthcare needs. In view of the nationwide lockdown due to the spread of coronavirus, Anganwadi workers are providing primary healthcare facilities right at the doorsteps of pregnant women and children. In these difficult times, they need more nutritious supplements also to meet their basic health requirements. I have asked the officials to explore the possibilities of replacing panjiri and other items given to Anganwadi children with more nutritional supplements like peanuts and sprouted grams.” – Rajendra Pal Gautam

During the meeting, the Cabinet Minister lauded the work done by Anganwadi workers who are doing tremendous work to help women and children by providing them with basic nutritional facilities right at their doorstep. 

“All our social workers especially the Anganwadi workers are corona warriors. They are going door to door to create awareness regarding coronavirus. They are also providing food and other supplements to pregnant women and children. In this crucial time, they are our heroes. ” – Rajendra Pal Gautam

Shri Rajendra Pal Gautam also assessed the work done by the Department of Social Welfare during the lockdown in helping  people receive timely pensions which includes senior citizens, Differently-abled and widow pensions. 

During the nationwide lockdown, the Delhi Govt announced doubling the pensions for senior citizens, widows and differently-abled citizens. Over 8 lakh beneficiaries received Rs 5000 in their accounts. After this big move, the Delhi Government is aiming to provide sanitary napkins to women in need.

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Maurya/

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  महिला बाल विकास एवं समाज कल्याण मंत्री  कार्यालय 

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली सरकार

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सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, महिला बाल विकास एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा चलाए जा रहे वृद्धाश्रमों और स्पेशल होम्स मे काम करने वाले कर्मचारी व अधिकारी सही मायनों मे हमारे कोरोना योद्धा है” राजेंद्र पाल गौतम 

– आंगनवाड़ी के बच्चों को दिए जाने वाली पंजिरी और अन्य खाद्य सामग्री की जगह मूंगफली और अंकुरित चने जैसे पोषक तत्वों की खुराक उपलब्ध हो”  – राजेंद्र पाल गौतम

– जरूरतमंद महिलाओं को सैनिटरी नैपकिन कैसे दिए जाएं, उसके वितरण करने के तरीके तलाशे जाएंगे- राजेंद्र पाल गौतम

नई दिल्ली, 21 अप्रैल, 2020

कैबिनेट मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने मंगलवार को समाज कल्याण विभाग और महिला व बाल विकास विभाग के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण  बैठक की। बैठक में एकीकृत बाल विकास कार्यक्रम के तहत महिलाओं और बच्चों को राशन व अन्य पोषण संबंधी भोजन उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर चर्चा की गई।

समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि कई महिलाएं और बच्चे हैं जो बुनियादी पोषण और प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल की जरूरतों के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों पर निर्भर हैं। कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण राष्ट्रव्यापी लाॅक डाउन के चलते आंगनवाड़ी कार्यकर्ता गर्भवती महिलाओं और बच्चों के घर घर जाकर पर प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा प्रदान कर रहे हैं। ऐसे कठिन समय में, उन्हें अपनी स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अधिक पोषक तत्वों की खुराक की भी आवश्यकता होती है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से आंगनवाड़ी के बच्चों को पंजिरी व अन्य वस्तुओं की जगह मूंगफली और अंकुरित चने जैसे अधिक पौष्टिक पूरक आहार प्रदान करने की संभावनाओं की तलाश करने के लिए कहा है।

बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ ओल्ड एज और विशेष होम के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। यह अधिकारी व कर्मचारी आगे बढ़ कर महिलाओं और बच्चों को उनके घर जाकर बुनियादी पोषण सुविधाएं प्रदान कर रहे हैं और उनका घर पर ही उनकी देखभाल करने में मदद कर रहे हैं।

कैबिनेट मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि महिलाओं, बच्चों और वंचित वर्गों के लिए दिन-रात काम करने वाले इन विभागों के हमारे सभी कर्मचारी व मजदूर भी कोरोना योद्धा हैं। वे कोरोना वायरस के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए घर-घर जा रहे हैं। वे गर्भवती महिलाओं व बच्चों को भोजन और अन्य पूरक आहार भी प्रदान कर रहे हैं। वृद्धाश्रम और विशेष होम में रहने वाले लोगों के लिए यह कर्मचारी अथक परिश्रम कर रहे हैं और उनकी उचित देखभाल करते हैं। इस कठिन समय में वे हमारे नायक हैं।

राजेंद्र पाल गौतम ने वृद्धा, विकलांग व विधवा पेंशन लाभार्थियों को समय पर पेंशन देने के लिए समाज कल्याण विभाग द्वारा किए गए कार्यों का भी आकलन किया।

देशव्यापी लाॅक डाउन के दौरान, दिल्ली सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं और विकलांग नागरिकों की पेंशन दोगुना करने की घोषणा की थी। दिल्ली में 8 लाख से अधिक लाभार्थियों को उनके खातों में 5000 भेजी जा चुकी है। इस महत्वपूर्ण कदम के बाद, दिल्ली सरकार जरूरतमंद महिलाओं को सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराने का लक्ष्य लेकर चल रही है।

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Azadpur Mandi to remain open 24 hours, there will be no shortage of fruits and vegetables – Gopal Rai #DelhiGovernance #DelhiFightsCorona

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली सरकार

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अब 24 घंटे खुलेगी आजादपुर मंडी, फल व सब्जियों की नहीं होगी कमी – गोपाल राय

– मंडी में फल व सब्जियों की आवक कम होने के कारण कीमतें बढ़ने की आ रही थी शिकायतें- गोपाल राय

– सुबह 6 से रात 10 बजे तक फल और सब्जियों की होगी बिक्री, रात 10 बजे के बाद से सुबह 6 बजे तक माॅल वाहन ट्रकों के प्रवेश की होगी अनुमति- गोपाल राय

– प्रभारी अधिकारी करेंगे निगरानी, दो सीसीटीवी कैमरे भी लगे, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने पर लाइसेंस होगा रद्द- गोपाल राय

– चार-चार घंटे पर एक-एक हजार लोगों को कूपन की मदद से मंडी में प्रवेश करने की दी जाएगी अनुमति- गोपाल राय

नई दिल्ली, 20 अप्रैल, 2020

दिल्ली सरकार ने लाॅक डाउन के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए आजादपुर मंडी को अब 24 घंटे खोलने का फैसला लिया है। दिल्ली के डेवलपमेंट मंत्री गोपाल राय ने बताया कि दिल्ली में फल और सब्जियों के दाम बढ़ने की शिकायत के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि सुबह 6 से रात 10 बजे तक फल व सब्जियों की बिक्री की जा सकेगी, जबकि रात 10 बजे के बाद सुबह 6 बजे तक माॅल लेकर आने वाले ट्रकों को मंडी में प्रवेश करने की अनुमति रहेगी। मंडी में कूपन के जरिए 4-4 घंटे पर एक-एक हजार लोगों को प्रवेश की इजाजत दी जाएगी, ताकि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा सके। इसकी निगरानी के लिए के अधिकारियों की नियुक्ति के साथ दो सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। जिस फड़ (आढ़त) पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया जाएगा, उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।

दिल्ली के डेवलपमेंट मंत्री गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली के अंदर आजादपुर मंडी में पूरे देश से किसान फल और सब्जियां लाते हैं। दिल्ली में लाॅक डाउन लागू होने के बाद मंडी में सोशल डिस्टेंसिंग (शारीरिक दूरी) को लेकर दिक्कत पैदा हुई थी। उसके लिए मंडी में सब्जी और फल बिक्री की व्यवस्था में बदलाव किया गया था। इसके तहत मंडी मे आॅड-ईवन व्यवस्था लागू की गई थी। साथ ही सब्जियों व फल की आवक कम की गई थी। इस व्यवस्था से हम मंडी में सोशल डिस्टेंसिंग को लागू करने में सफल हो गए थे। लेकिन अब मंडी में दो समस्याए पैदा हो गई थी। पहला, दिल्ली के कई इलाकों से जानकारी मिली कि फल और सब्जी के दाम बढ़ गए। दूसरा, देश भर के किसान, जो आजादपुर मंडी में फल और सब्जी लाकर बेचते हैं, उनको भी दिक्कतें आ रही थीं और उनके माल की आपूर्ति नहीं हो पा रही थी। मंडी में सोशल डिस्टेंसिंग को लागू रखा जाए, फल व सब्जी के दाम न बढे और किसानों को भी कोई परेशानी न हो, उसको ध्यान में रखते हुए अब यह फैसला लिया गया है कि कल (21 अप्रैल) से आजादपुर मंडी 24 घंटे खुला करेगी। मंडी को 24 घंटे खोलने का फैसला लिया गया है। उसके लिए तीन तरह की व्यवस्था को लागू किया गया है। दिल्ली सरकार की पहली प्राथमिकता है कि मंडी में सोशल डिस्टेंसिंग का पूर्णतः पालन हो। इसके लिए मंडी में सुबह 6 से रात 10 बजे तक फलों और सब्जियों की बिक्री करने की छूट दी गई है। सोशल डिस्टेंसिंग बनी रहे, इसे ध्यान में रखते हुए हमने इसको 4 खंडों में बांटा है। अब आजादपुर मंडी में 4-4 घंटे पर केवल एक-एक हजार लोगों को प्रवेश दिया जाएगा। मंडी में प्रवेश के लिए कूपन जारी किया जाएगा। इससे पहले एक ही समय में मंडी में लोगों की भीड़ जमा हो रही थी। लेकिन नई व्यवस्था से अब थोडे-थोड़े लोग सुबह से लेकर रात 10 बजे तक खरीदारी कर सकेंगे और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो सकेगा।

डेवलमेंट मंत्री गोपाल राय ने बताया कि आजादपुर मंडी में रात 10 बजे के बाद सुबह 6 बजे तक सिर्फ ट्रकों का प्रवेश होगा, ताकि वहां माॅल आ सके और उस दौरान भी भीड़ को अलग-थलग किया जा सके। इसके लिए प्रशासन की तरफ से तैयारी कर ली गई है। मंडी में सफाई व्यवस्था दुरूस्त रखने के लिए सफाई कर्मचारियों की अतिरिक्त तैनाती की जा रही है। मंडी में करीब 600 अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों को नियुक्त किया गया है। साथ ही 900 सिविल डिफेंस के कर्मचारियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा कई अधिकृति अधिकारियों की भी मंडी में तैनाती की जा रही है। एक अधिकारी को मंडी में निगरानी प्रभारी बनाया गया है, ताकि वह अधिकारी 24 घंटे सोशल डिस्टेंसिंग समेत अन्य व्यवस्थाओं की निगरानी कर सके और नई व्यवस्था को सफलता पूर्वक लागू किया जा सके।

कैबिनेट मंत्री गोपाल राय ने बताया कि आज आजादपुर मंडी में व्यापारियों के साथ बैठक भी की गई। उनको यह चेतावनी दी गई है कि आपको हम सभी सुविधाएं दे रहे हैं, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सभी को सख्ती के साथ करनी पड़ेगी। मंडी में एक फड़ (आढ़त या दुकान) पर सामान की बिक्री होगी और दूसरा खाली रहेगा। यदि किसी के भी फड़ पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं होता पाया जाएगा, तो उनका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। उसके लिए दिल्ली सरकार ने अभी दो सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। सब्जी और फल मंडी में लगातार रिकाॅर्डिंग की जाएगी। ताकि वहां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो रहा है या नहीं हो रहा है, उसे देखा जा सके। इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, वहां पर बार-बार सरकार की तरफ से जारी दिशा निर्देशों की घोषणा करने की व्यवस्था भी लागू करने जा रहे हैं। पूरी मंडी में लगातार लाउड स्पीकर से घोषणा की जाएगी, ताकि लोगों में जागरूकता बनी रहे।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि दिल्ली में कोरोना वायरस को रोकने के लिए जो लाॅक डाउन है, उससे किसानों और ग्राहकों को असुविधा न हो और दिल्ली के अंदर कोरोना के खिलाफ जो लड़ाई चल रही है, उसमें सोशल डिस्टेंसिंग को बनाए रखा जा सके।

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Maurya/

 Office of the Development Minister

Govt. of NCT of Delhi

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*Azadpur Mandi to remain open 24 hours, there will be no shortage of fruits and vegetables – Gopal Rai*

*Complaints of rising prices of fruits and vegetables due to low arrivals of produce in Mandi – Gopal Rai*

*Sale of fruits and vegetables from 6 am to 10 pm, entry of supply trucks will be allowed from 10 pm till 6 am – Gopal Rai*

*1000 people will be allowed to enter the Mandi with coupons every four hours – Gopal Rai*

New Delhi:  20th April 2020

Delhi Cabinet Minister Shri Gopal Rai said that the Azadpur Mandi in Delhi will remain open for 24 hours from Tuesday, April 20. The decision has been taken in the view of ensuring that the social distancing norms are being practiced and to provide relief to the fruit and vegetable traders. 

Mr. Gopal Rai said, “The Azadpur Mandi has been catering to the people and procuring produce from farmers across the country. After the lockdown, there was an issue in ensuring social distancing in the mandi, and measures like implementation of the Odd-Even rule were taken to adhere to the lockdown protocol. There was a decline in the volume of fruits and vegetables flowing through the market. The arrivals in the market nearly dropped by 50 percent post-lockdown.” 

“This led to two major problems, we observed that the prices of fruits and vegetables were rising in other areas. The farmers across the country were also facing an issue in supplying their produce to the markets. To eradicate all such issues, it has been decided that the Azadpur Mandi will remain open for 24 hours from tomorrow. Our primary motive is to maintain social distancing. For that, vegetables and fruits will be sold from 6 am to 10 pm. Every 4 hours, the entry of 1000 people will be allowed through the coupon. From 10 pm till 6 am, the truck movement will be allowed in and out of the market,” he added.

Mr. Gopal Rai said that arrangements have also been made on behalf of the administration to ensure hygiene and proper sanitation of the area. He said, “For this, 600 sanitation workers will be deployed and a monitoring in-charges have also been appointed to ensure the smooth functioning of the mandi. I have also held meetings with the traders of the mandi, and they have also been asked to maintain social distancing at all costs. The Odd-Even rule will remain implemented for now, and the trader’s license of all those who are not able to maintain social distancing will be canceled. We have also installed cameras for the daily recording of the activities in the mandi and strict actions will be taken against those who defy the social distancing norms. Repeated announcements will also be made in the Mandi. This is crucial to ensure that social distancing is followed strictly.”

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