More than 9 lakh jobs available at the Delhi govt job portal (Jobs.delhi.gov.in) : Gopal Rai #DelhiGovernance #DelhiFightsCorona

*OFFICE OF EMPLOYMENT MINISTER*

*GOVERNMENT of NCT of DELHI*

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*More than 9 lakh jobs available at the Delhi govt job portal (Jobs.delhi.gov.in) : Gopal Rai*

*3.5 lakh job posts were cancelled due to duplication and some posts were fake: Gopal Rai*

*- So far 6271 companies posted 22 lakh jobs on Delhi govt’s online job portal- Gopal Rai*

*Delhi govt to launch poster campaign from next week to apprise people about the job portal and Rozgar Bazar: Gopal Rai*

NEW DELHI: August 7, 2020

Delhi government’s Employment Minister Shri Gopal Rai on Friday said that at the Delhi govt’s Rozgar Bazar online job portal the number of job seekers is lesser than the number of jobs available. He said that right now more than 9 lakh jobs are available at the job portal and the number of applicants is 8.64 lakhs. He said that till date 22 lakh job posts were made by different employers at this Delhi govt job portal. Shri Rai said that 3.5 lakh such job posts were cancelled due to duplication and some posts were fake. He also said that till today 10 lakh vacancies were closed by the employers as they have received the required number of people and till date, there are 8.64 lakh job applicants who are still looking for jobs. He also said that Delhi govt to launch poster campaign from next week to apprise people about the job portal and Rozgar Bazar.

*Delhi govt’s Rozgar Bazar has become a model to deal with employment sector in the time of COVID: Gopal Rai*

“Delhi is going through the COVID-19 pandemic and this has hit the employment sector. Many workers left the city due to lack of work and various industries are now facing the crunch of workers. At the same time, many people have lost their jobs. In a bid to generate more employment and to ensure the required number of workers to the employers, the Delhi government has launched a job portal under the leadership CM Arvind Kejriwal. To synchronize and match these two sides, the Delhi government has launched a job portal – ‘jobs.delhi.gov.in‘, where employers can post jobs citing desired qualifications, designation, position, experience. This Rozgar Bazar has created a new model for the employment sector during the COVID pandemic. The Delhi government has already set up Delhi Model of fighting against the COVID pandemic and now the Rozgar Bazar has also become a model,” said Shri Gopal Rai.

*Till date in the portal, nearly 22 lakh jobs were posted  by different employers: Gopal Rai*

He said, “In the portal, nearly 22 lakh jobs were posted and now we have made a task force analyse these posts. We noticed that there is a duplication of posts and also fake job posts. After a thorough study, we have cancelled nearly 3.5 lakh such job posts. Some of these posts were duplicates and in the other cases when we reached out to the employers they could not give a proper answer about their job posts.”

*Till today 10 lakh vacancies were closed by the employers as they have received the required number of people: Gopal Rai*

“Till today, nearly 10 lakh vacancies were closed by the employers which means they have received the required number of people. Till today nearly 9 lakh job vacancies are still open and the employers are looking for people,” he said.

*Till date there are 8.64 lakh job applicants who are still looking for jobs: Gopal Rai*

Shri Gopal Rai said, “Till today 8.64 lakh job seekers have enrolled in this portal. This shows that the number of job seekers is lesser than the number of jobs available.  Till today nearly 6,271 companies have posted their vacancies. Aditya Birla Group, Flipkart, HDFC bank, HDF life, Kotak Mahindra, Assam tea, Sangrilla Hotel, Reliance, G4s security, Amba embroidery, Amazon are the top companies who have posted job vacancies here.” He also said that the most demanding job categories are, back-office job, data entry, customer support, teaching, telecaller, sales, marketing, business accountant, warehousing, lighting, admin, receptionist. HR, IT, hardware, networking and delivery. 

“Nearly 12.57 lakh people had their first-time interaction regarding job through this portal: Gopal Rai*

“Nearly 12.57 lakh people had their first-time interaction regarding job through this portal. Today I want to appeal all the youth of Delhi to register here for the jobs. Here all the jobseekers of Delhi should enrol and upload their biodata to get jobs. We are aware of the fact that many construction workers will not have access to the internet. I will request all the youth of Delhi that if you know any such person then please come forward and help them. There are various private websites for jobs but this website is completely free. I want to inform every citizen that nobody will be needed to pay a single penny in this platform so if there is any person who asks for money here then do not give any money. Many vacancies are still there so more and more people should apply. From the next week, the Delhi government will launch a poster campaign to reach out to more people.” said Employment Minister Shri Gopal Rai.

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Maurya/

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*रोजगार मंत्री कार्यालय,*

*एनसीटी, दिल्ली सरकार*

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*दिल्ली सरकार के जाॅब पोर्टल पर 9 लाख से अधिक नौकरियां उपलब्ध- गोपाल राय*

*- जाॅब पोर्टल पर उपलब्ध नौकरियों का सत्यापन कराने के बाद करीब 3.5 लाख डबलिंग व फर्जी जाॅब को रद्द किया गया- गोपाल राय*

*- रोजगार बाजार पोर्टल पर अभी तक 6271 कंपनियों ने 22 लाख जाॅब को पोस्ट किया- गोपाल राय*

*- जाॅब पोर्टल पर उपलब्ध 9 लाख नौकरियों के सापेक्ष अभी तक 8 लाख 64 हजार लोगों ने आवेदन किया है- गोपाल राय*

*- अगले सप्ताह से जाॅब पोर्टल का पोस्ट अभियान चला कर गली-मोहल्ले में रहने वाले लोगों को दी जानकारी दी जाएगी, ताकि वे भी लाभ उठा सकें- गोपाल राय*

*नई दिल्ली, 07 अगस्त 2020*

दिल्ली सरकार का रोजगार बाजार पोर्टल कोरोना के लाॅकडाउन के बाद नौकरी गंवा चुके युवाओं के लिए काफी मददगार साबित हो रहा है। रोजगार मंत्री गोपाल राय ने बताया कि दिल्ली सरकार के जाॅब पोर्टल पर 9 लाख से अधिक नौकरियां उपलब्ध है और इसके सापेक्ष 8 लाख 64 हजार लोगों ने आवेदन किया है। उन्होंने बताया कि जाॅब पोर्टल पर पोस्ट की गई नौकरियों का सत्यापन कराने के बाद डबलिंग और मालिकों द्वारा सही जवाब नहीं देने पर करीब 3.5 लाख जाॅब को रद्द कर दिया गया है। गोपाल राय ने बताया कि रोजगार बाजार पोर्टल पर अभी तक 6271 कंपनियों ने 22 लाख जाॅब को पोस्ट किया है। उन्होंने बताया कि हम लोग अगले सप्ताह से इसका पोस्टर अभियान शुरू कर रहे हैं, ताकि गली-मोहल्ले में भी इसकी जानकारी दी जा सके। उल्लेखनीय है कि जाॅब पोर्टल बीते 27 जुलाई को लांच किया गया था। 

*जाॅब पोर्टल ने अर्थ व्यवस्था को पटरी पर लाने व रोजगार देने में नया माॅडल पेश किया- गोपाल राय*

दिल्ली के रोजगार मंत्री गोपाल राय ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि दिल्ली में कोरोना काॅल के दौरान लाॅकडाउन होने के बाद बहुत बड़ी संख्या में लोगों को बेरोजगारी का सामना करना पड़ा। दिल्ली से बहुत सारे मजदूर अपने गांव के लिए चले गए। उसकी वजह से कंपनियों और व्यापार को वर्कर्स की कमी हुई। इसी के मद्देनजर दिल्ली के मुख्यमंत्री माननीय अरविंद केजरीवाल जी के निर्देश पर रोजगार विभाग की तरफ से जाॅब पोर्टल ‘‘रोजगार बाजार’’ को लांच किया गया था, ताकि दिल्ली के लोगों को रोजगार मिल सके और उनका कारोबार और उत्पादन बढ़ सके। दिल्ली ने जैसे कोरोना को कम करने के लिए एक अनोखा माॅडल पेश किया है, उसी तरह पिछले दिनों लांच किया गया रवइेण्कमसीपण्हवअण्पद ने भी इस संकट के समय में अर्थ व्यवस्था को पटरी पर लाने और लोगों को रोजगार देने के लिए एक नया माॅडल पेश किया है। 

*आदित्य बिरला ग्रुप, एमैजोन, फ्लिपकार्ट, एचडीएफसी लाइफ, कोटैक महिंद्रा जैसी कंपनियों ने सबसे अधिक जाॅब पोस्ट किया- गोपाल राय*

रोजगार मंत्री गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली के अंदर अभी तक 22 लाख नौकरियां इस जाॅब्स पोर्टल पर पोस्ट की गई हैं। हमने उसके सत्यापन के लिए एक टाॅस्क फोर्स बनाया है। क्योंकि कई लोग दो-दो बार जाॅब पोस्ट कर रहे थे और कई लोग फर्जी जाॅब भी पोस्ट कर रहे थे। सत्यापन के बाद इन 22 लाख जाॅब में से करीब 3.5 लाख जाॅब को रद्द किया गया है। यह 3.5 लाख जाॅब या तो दो बार पोस्ट किए गए थे या फिर उसके मालिकों ने जिम्मेदारी पूर्वक जवाब नहीं दिया। इसके अलावा 10 लाख वैकेंसी को कंपनियों ने क्लोज किया गया है। इसका मतलब यह है कि या तो कंपनियों को कर्मचारी मिल गए हैं या फिर उनसे बातचीत चल रही है। आज की तारीख में पोर्टल पर 9 लाख वैकेंसी अभी बची है, जहां कंपनी को कर्मचारियों की जरूरत है। इस 9 लाख उपलब्ध नौकरियों के सापेक्ष 8 लाख 64 हजार जाॅब लताशने वालों ने पंजीकरण किया है। इस तरह आज भी जाॅब पोर्टल पर उपलब्ध 9 लाख वैकेंसी की अपेक्षा जाॅब तलाशने वालों की संख्या कम है। अभी पोर्टल पर लगातार वैकेंसी पोस्ट की जा रही हैं। पोर्टल पर 6271 कंपनियों ने अलग-अलग तरह की जाॅब पोस्ट की हैं। जाॅब पोर्टल पर सबसे अधिक जाॅब पोस्ट करने वाली कंपनियों में से मुख्य रूप से आदित्य बिरला ग्रुप, एमैजोन, फ्लिपकार्ट, एचडीएफसी लाइफ, कोटैक महिंद्रा, संग्ररिला, आसाम टी, जी फाॅर एस सिक्युरिटी, अंबा इम्ब्राइडरी आदि कंपनियां हैं। वहीं, दिल्ली में जिस तरह की नौकरी लोग खोज रहे हैं, उसमें बैक आॅफिस, डाटा इंट्री, टीचिंग, कस्टमर सपोर्ट, टेली काॅलर, सेल्स, मार्केटिंग बिजनेस, वेयर हाउस, लाइटिंग, रिसेप्सनिस्ट, एचआर, एडमिन, आईटी हार्डवेयर व नेटवर्किंग और डिलीवरी की नौकरी हैं। इन जाॅब की सबसे अधिक मांग हैं। 

*हमारे जाॅब पोर्टल से अभी तक 12 लाख 57 हजार लोगों ने संपर्क किया- गोपाल राय*

रोजगार मंत्री ने कहा कि हमारे पास एक सिस्टम है। इससे पता चला है कि पहली बार हमारे सिस्टम के संपर्क में आने वाले लोगों की संख्या 12 लाख 57 हजार है। इन लोगों का हमारे एप के जरिए संपर्क हुआ है। एप पर एक विकल्प है, जिस पर आप क्लिक करेंगे, तो आपको इंम्प्लायर और नौकरी तलाशने वालों से संपर्क करा देता है। इसके बाद उनके मिलने और बायोडाटा का सिस्टम अलग होता है। अभी हम देखें तो 10 लाख जो वैकेंसी थी, वो फुल हो गई हैं या उनसे बातचीत चल रही है। आज की तारीख में 9 लाख वैकेंसी खाली है। इसके सापेक्ष 8 लाख 64 हजार लोगों ने आवेदन किया है। 

रोजगार मंत्री गोपाल राय ने मीडिया के माध्यम से दिल्ली के युवाओं से अपील करते हुए कहा कि जिनको भी रोजगार चाहिए, वो तुरंत दिल्ली सरकार की वेबसाइट रवइेण्कमसीपण्हवअण्पद पर क्लिक कर अपना आवेदन करें। यहां से उनको नौकरी मिल सकती है। खासतौर पर पढ़े लिखे युवाओं से अपील है कि अगर आप के आसपास ऐसा कोई है, जिसे नौकरी की जरूरत है और वह वेबसाइट नहीं चला सकता है, तो आप अपने स्मार्ट फोन के माध्यम से उनकी मदद कर सकते हैं। मैं यह फिर स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि हमारे जाॅब पोर्टल पर उपलब्ध सभी जाॅब निशुल्क है। यहां न तो नौकरी प्रदाता से कोई पैसा लिया जाता है और न नौकरी तलाशने वाले से कोई पैसा लिया जाता है। अगर कोई बीच में नौकरी के लिए आप से पैसे मांग रहा है, तो आप किसी को पैसे न दें। यह दिल्ली सरकार और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी की तरफ से दिल्ली वासियों के लिए निशुल्क व्यवस्था की गई है, ताकि कोरोना संकट के दौरान परेशानी में आए लोगों की मदद की जा सके। 

रोजगार मंत्री गोपाल राय ने कहा कि हम लोग अगले सप्ताह से इसका पोस्टर अभियान भी शुरू कर रहे हैं, ताकि गली-मोहल्ले में भी इसकी जानकारी दी जा सके और जो लोग अभी हमारे पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराया है, वो लोग भी पंजीकरण करा सके और उनको फायदा मिल सके।

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Maurya/

Inability of Delhi govt-funded DU colleges to pay staff salaries despite 70% budget increase in 5 years indicates corruption: Dy CM Manish Sisodia #DelhiGovernance #AAPatWork #10PointGuarantee

OFFICE OF DEPUTY CHIEF MINISTER

GOVT of NCT of DELHI

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*Inability of Delhi govt-funded DU colleges to pay staff salaries despite 70% budget increase in 5 years indicates corruption: Dy CM Manish Sisodia*

*23% of this year’s funds i.e. over Rs 56 Cr already released, so why are DU colleges not able to pay salaries for April, May and June: Dy CM Manish Sisodia*

*Refusal to form governing bodies and repeated complaints of corruption raise many questions on DU administration: Dy CM Manish Sisodia*

*I had written to DU Vice-Chancellor last month about these corruption allegations and am yet to receive a response: Dy CM Manish Sisodia*

NEW DELHI:  August 06, 2020

Deputy Chief Minister and Education Minister of Delhi Shri Manish Sisodia on Thursday came down heavily against the Delhi government-funded Delhi University colleges for expressing their inability to pay the salaries of their staff despite 70% budget increase by the government in the last 5 years. Shri Sisodia said that the inability of Delhi govt-funded DU colleges to pay staff salaries despite a 70% increase in budget allocation in the last 5 years indicates corruption. He also said that he has received multiple complaints of corruption in the administration of DU colleges. They are resisting or delaying the formation of governing bodies and rejecting nominees appointed by Delhi government to hide this corruption.

*Delhi government has increased budget allocation for these colleges by 70%: Dy CM Manish Sisodia*

Delhi Government has increased the budget of DU colleges from Rs 144.39 Cr in 2014-15 to Rs 242.64 Cr in 2019-20 and Rs 243 Cr in 2020-21. Despite nearly 70% rise in budget allocation in five years, DU is complaining of budget problems. “DU last year’s budget (2019-20) of Rs 242.64 Cr was adequate to meet all their expenses, the previous year’s budget (2018-19) of Rs 216.13 Cr was adequate to meet their expenses, why is DU now complaining of inadequate funds despite Rs 27 Cr increased allocation in last two years alone?” said Deputy CM.

*Of the Rs 243 Cr budgeted for 2020-21, Rs 56.25 Cr has already been released by end of July 2020: Dy CM Manish Sisodia*

He said, “Of the Rs 243 Cr budgeted for 2020-21, Rs 56.25 Cr has already been released by end of July 2020 i.e. approx. 23% budget. So why are DU colleges not able to pay salaries for April, May and June? Apart from DU colleges, Delhi govt also funds many of the Universities that come directly under the administration of its Education department. We never hear instances of them running out of funds or unable to pay the salaries of their staff.” 

*There have been multiple complaints of corruption against the administration of DU colleges: Dy CM Manish Sisodia*

Shri Sisodia said, “The inability of Delhi govt-funded DU colleges to pay staff salaries despite a 70% increase in budget allocation in the last 5 years indicates corruption. The reason is clear. There have been multiple complaints of corruption in the administration of DU colleges. That’s why they are resisting or delaying the formation of Governing bodies and rejecting nominees appointed by the Delhi government. I had written to DU Vice-Chancellor last month about these corruption allegations and am yet to receive a response.”

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*Details of Budget allocation by GNCTD to Delhi govt-funded DU colleges*

2012-13 – Rs 121.82 Cr

2013-14 – Rs 140.65 Cr

2014-15 – Rs 144.39 Cr

2015-16 – Rs 181.94 Cr

2016-17 – Rs 197 Cr

2017-18 – Rs 214.78 Cr

2018-19 – Rs 216.13 Cr

2019-20 – Rs 242.64 Cr

2020-21 (BE) – Rs 243 Cr (Rs 56.25 released)

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Maurya/

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*उपमुख्यमंत्री कार्यालय,*

*एनसीटी, दिल्ली सरकार*

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*06 अगस्त, 2020*

*पांच साल में 70 प्रतिशत बजट वृद्धि के बावजूद कर्मचारियों को वेतन देने में दिल्ली सरकार द्वारा वित्त पोषित डीयू कॉलेजों की अक्षमता भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती हैं- उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया*

*- इस साल 23 प्रतिशत धनराशि यानि 56 करोड़ रुपये पहले से ही जारी किए जा चुके हैं, इसलिए डीयू के कॉलेज अप्रैल, मई और जून के वेतन का भुगतान करने में सक्षम क्यों नहीं हैं- डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया*

*- भ्रष्टाचार के कारण ये कॉलेज गवर्निंग बाॅडी बनाने में देर कर रहे हैं और दिल्ली सरकार के मनोनित सदस्यों को लेने से इन्कार कर रहे – उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया*

*- मैंने पिछले महीने डीयू के कुलपति को इन भ्रष्टाचार के आरोपों के बारे में लिखा था और मुझे अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है- डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया*

*नई दिल्ली: 06-08-2020

 दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सरकार द्वारा 70 प्रतिशत बजट में वृद्धि करने के बावजूद अपने कर्मचारियों को वेतन देने में असमर्थता व्यक्त करने पर दिल्ली सरकार के वित्त पोषित दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों के प्रति गुरुवार को कड़ा ऐतराज जताया। उपमुख्यमंत्री श्री सिसोदिया ने कहा कि पिछले 5 वर्षों में बजट आवंटन में 70 प्रतिशत की वृद्धि के बावजूद दिल्ली सरकार द्वारा वित्तपोषित डीयू कॉलेजों की वेतन देने में असमर्थता भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती है। उन्होंने यह भी कहा कि डीयू कॉलेजों के प्रशासन पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगे हैं। श्री सिसोदिया ने कहा कि भ्रष्टाचार के कारण ये कॉलेज गवर्निंग बाॅडी बनाने में देर कर रहे हैं और दिल्ली सरकार मनोनित सदस्यों को लेने से इन्कार कर रहे हैं। उन्होंने पिछले महीने डीयू के कुलपति को इन भ्रष्टाचार के आरोपों के बारे में लिखा था, लेकिन उन्हें अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है।

*दिल्ली सरकार ने इन कॉलेजों के लिए बजट आवंटन में 70 प्रतिशत की वृद्धि की है- डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया*

दिल्ली सरकार ने 2014-15 में डीयू के कॉलेजों के बजट को 144.39 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2019-20 में 242.64 करोड़ रुपये और 2020-21 में 243 करोड़ रुपये कर दिया है। पांच वर्षों में बजट आवंटन में लगभग 70 प्रतिशत की वृद्धि के बावजूद, डीयू बजट की कमी की शिकायत कर रहा है। डीयू का पिछले साल (2019-20) का 242.64 रुपये का बजट उनके सभी खर्चों को पूरा करने के लिए पर्याप्त था, पिछले साल (2018-19) का बजट 216.13 करोड़ रुपये उनके खर्चों को पूरा करने के लिए पर्याप्त था। पिछले दो वर्षों में 27 करोड़ रुपये के फंड आवंटन में वृद्धि के बावजूद डीयू क्यों कह रहा है कि बजट पर्याप्त नहीं है। 

*2020-21 के लिए 243 करोड़ रुपये बजट में से, 56.25 करोड़ रुपये पहले ही जुलाई 2020 के अंत तक जारी किए जा चुके हैं- उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया*

उन्होंने कहा कि 2020-21 के लिए 243 करोड़ रुपये के बजट में से, 56.25 करोड़ रुपये (बजट का करीब 23 प्रतिशत) पहले ही जुलाई 2020 के अंत तक जारी किए जा चुके हैं। इसलिए डीयू कॉलेज अप्रैल, मई और जून के लिए वेतन का भुगतान करने में सक्षम क्यों नहीं हैं। डीयू काॅलेजों के अलावा, दिल्ली सरकार और भी कई विश्वविद्यालयों को फंड प्रदान करती है, जो सीधे सरकार के शिक्षा विभाग के प्रशासन के अंतर्गत आते हैं। हम कभी भी उनके यहां फंड की कमी होने या अपने कर्मचारियों को वेतन देने में असमर्थ होने की बात नहीं सुनते हैं। 

*डीयू के कॉलेजों के प्रशासन पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगे हैं- डीएम सीएम मनीष सिसोदिया*

श्री सिसोदिया ने कहा कि पिछले 5 वर्षों में बजट आवंटन में 70 प्रतिशत वृद्धि के बावजूद कर्मचारियों के वेतन का भुगतान करने के लिए दिल्ली सरकार द्वारा वित्त पोषित डीयू कॉलेजों की अक्षमता भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती है। कारण स्पष्ट है कि डीयू के काॅलेज प्रशासन में भ्रष्टाचार के कई आरोप लगे हैं। इसीलिए वे भ्रष्टाचार के कारण गवर्निंग बाॅडी बनाने में देर कर रहे हैं और दिल्ली सरकार मनोनित सदस्यों को लेने से इन्कार कर रहे हैं। उन्होंने पिछले महीने डीयू के कुलपति को इन भ्रष्टाचार के आरोपों के बारे में लिखा था, लेकिन उन्हें अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है।

*दिल्ली सरकार द्वारा वित्त पोषित डीयू कॉलेजों को प्रदान किए गए बजट का विवरण*

2012-13 – 121.82 करोड़ रुपये

2013-14 – 140.65 करोड़ रुपये

2014-15 – 144.39 करोड़ रुपये

2015-16 – 181.94 करोड़ रुपये

2016-17 – 197 करोड़ रुपये

2017-18 – 214.78 करोड़ रुपये

2018-19 – 216.13 करोड़ रुपये

2019-20 – रुपये 242.64 करोड़

2020-21 – 243 करोड़ रुपये

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Maurya/

CM Arvind Kejriwal sends a fresh proposal to LG to allow hotels, gymnasium, and weekly markets to reopen in Delhi #DelhiGovernance #DelhiFightsCorona

 Office of the Chief Minister

Govt. of NCT of Delhi

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*CM Arvind Kejriwal sends a fresh proposal to LG to allow hotels, gymnasium, and weekly markets to reopen in Delhi*

*The situation in Delhi is improving as the number of active cases is decreasing every day, the Delhi govt has the right to decide the unlock guidelines as per the Centre’s guidelines in the state*

*The Central Government has allowed hotels & weekly bazars to open in all those states where COVID situation is much worse than Delhi, why are they not being allowed to open in Delhi?*

*Hotels, gyms and weekly markets should open in Delhi considering the improving situation in Delhi and the sentiments of the Delhiites*

*The Delhi government has requested Hon’ble LG Shri Anil Baijal to reconsider his decision*

New Delhi:  *6th August 2020*

Arvind Kejriwal-led Delhi government on Thursday sent a fresh proposal to Hon’ble Lieutenant Governor Shri Anil Baijal seeking his permission to allow hotels, gymnasium, and weekly markets to reopen in the national capital. The fresh proposal sent by Revenue Minister Shri Kailash Gehlot said that the condition of Delhi is improving and the number of cases are coming down. In many states, the Corona cases are rising but hotels, gyms and weekly markets should be allowed to open. Considering that the situation in Delhi is improving as the number of active cases is decreasing every day, the Delhi govt has the right to decide the unlock guidelines in accordance with the Centre’s guidelines. Hotels, gyms and weekly markets should open in Delhi considering the improving situation in Delhi and the sentiments of the Delhiites. 

In the proposal addressed to Hon’ble LG Shri Anil Baijal, Revenue Minister Shri Kailash Gehlot said, “Hon’ble Lt. Governor is aware that situation in Delhi is fast improving and economic activities need to be opened up so that those people who have been suffering for the last four months due to imposition of lockdown, can resume their jobs and business, albeit with restrictions. 

Shri Kailash Gehlot said that hotels and weekly bazaars have been opened up in the entire country. States like UP, Karnataka etc., which are facing sudden surge in COVID-19 cases, have also kept hotels and weekly bazaars open. Hotels and weekly bazaars are open in the entire country except Delhi. On one hand, Central Government has issued guidelines allowing opening up weekly markets and hotels. On the other hand, Central Government is not permitting them to open in Delhi. Such contradictory conduct of Central Government is not comprehensible. Whereas, Central Government has allowed hotels & weekly bazars to open in all those states where COVID situation is much worse than Delhi, strangely, it is not being allowed to open in Delhi. 

He further wrote that hotels contribute to 8% of State’s GDP & employment. Weekly bazaars provide employment to 5 lakh poor families. After having successfully brought COVID situation under control, it is a challenge to bring economy back on track. Opening up these two sectors will help in that direction.

He wrote, “Since the time Hon’ble LG rejected our recommendation (to open up these sectors) last week, there has been a huge public uproar. The entire Delhi now wants to work towards its economic recovery. Delhi should not be stopped. Delhi showed the way to the country to tackle Corona. Delhi will now show the way for economic recovery also.”

Shri Gehlot said that the Delhiites are conscious of the risk of spread of Corona. But when Central Government is allowing some sectors to be opened in those States which have become hotspots of Corona and at the same time Centre is stopping Delhi from opening these sectors, when Delhi, through its hard work and discipline, has been able to control Corona so well, then Delhiites are asking “why are we being made to suffer? Why is our livelihood under attack?,”

“Therefore, I would urge that considering the improved Corona situation and the sentiments of Delhiites, we should open up these sectors. Also, it has been a week now when our recommendation was rejected by Hon’ble LG. We may now urge Hon’ble LG to reconsider his decision. MHA has also permitted opening of Yoga centres & Gyms in its latest guidelines. These activities should be permitted in Delhi. However, the SOPs issued by Government of India should be followed,” he added. 

*Figures*

State                       Active Cases           Deaths

Maharashtra                 145961              334

Andhra Pradesh             80426               77

Karnataka                      73957                100

Tamil Nadu                    54184                112

Uttar Pradesh              41973                  40

West Bengal                 22992                 61

Bihar                              21,992                 20

Telangana                     20,358               13

Gujarat                        14618                   23

Assam                         14,429                 6

Rajasthan                    13251                  13

Odisha                         13011                 11

Kerala                          11,524               7

Delhi                            10,072               11

*Note – These figures are from 5th August 2020*

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Maurya/,

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*मुख्यमंत्री कार्यालय,*

*एनसीटी, दिल्ली, सरकार*

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*केजरीवाल सरकार ने होटल व साप्ताहिक बाजार खोलने के लिए एलजी को दोबारा प्रस्ताव भेजा*

*- दिल्ली में लगातार कोरोना के मामले कम हो रहे हैं, दिल्ली सरकार को केंद्र की गाइड लाइन्स के अनुसार फैसला लेने का हक है*

*- कई राज्यों में मामले लगातार बढ़ने से हालात बिगड़ रहे हैं, लेकिन वहां होटल, जिम और साप्ताहिक बाजार खुल रहे हैं, तो दिल्ली के लोगों को क्यों उनकी आजीविका कमाने से रोका जा रहा*

*- कोरोना की स्थिति में सुधार और दिल्लीवासियों की भावनाओं को देखते हुए होटल, जिम व साप्ताहिक बाजार खोल देना चाहिए*

*- दिल्ली सरकार ने उपराज्यपाल अनिल बैजल से अपने फैसले पर दोबारा विचार करने का अनुरोध किया है*

*नई दिल्ली, 06 अगस्त 2020*

अरविंद केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में होटल, जिम और साप्ताहिक बाजार खोलने की अनुमति देने के लिए उपराज्यपाल श्री अनिल बैजल को दोबारा अपने प्रस्तावों की फाइल भेजी है। दिल्ली सरकार के राजस्व मंत्री कैलाश गहलोत ने भेजे गए प्रस्तावों में कहा है कि दिल्ली में अब लगातार कोरोना के मामले कम हो रहे हैं और हालात लगातार सुधर रहे हैं। केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार दिल्ली सरकार को फैसले लेने का हक है। देश में कई राज्यों में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन वहां होटल, जिम और साप्ताहिक बाजार खुल रहे हैं, तो दिल्ली के लोगों को क्यों उनकी आजीविका कमाने से रोका जा रहा है। कोरोना की स्थिति में सुधार और दिल्लीवासियों की भावनाओं को देखते हुए होटल, जिम व साप्ताहिक बाजार खोल देना चाहिए। सरकार ने एलजी से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है। 

दिल्ली सरकार के राजस्व मंत्री कैलाश गहलोत ने उपराज्यपाल को भेजे प्रस्ताव में कहा है कि उपराज्यपाल दिल्ली में कोरोना से हालात सुधरने के प्रति भलीभांति वाकिफ हैं और अब आर्थिक गतिविधियां खोलने की आवश्यकता है। लाॅकडाउन के चलते दिल्ली के लोग पिछले चार महीने से परेशान हैं। यह प्रतिबंध हटने से वे अपनी जाॅब और कारोबार फिर से शुरू कर सकते हैं। 

श्री कैलाश गहलोत ने लिखा है कि पूरे देश में होटल और साप्ताहिक बाजार खुल गए हैं। कोविड-19 मामलों में अचानक वृद्धि का सामना कर रहे यूपी, कर्नाटक आदि राज्यों ने भी होटल और साप्ताहिक बाजार खुले रखे हैं। दिल्ली को छोड़कर पूरे देश में होटल और साप्ताहिक बाजार खुले हैं। केंद्र सरकार ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसमें बाजार और होटल खोलने की अनुमति दी गई है। दूसरी ओर, केंद्र सरकार उन्हें दिल्ली में खोलने की अनुमति नहीं दे रही है। केंद्र सरकार का ऐसा विरोधाभासी आचरण समझ से परे है। जबकि केंद्र सरकार ने उन सभी राज्यों में होटल और साप्ताहिक बाजार खोलने की अनुमति दी है, जहां कोविड की स्थिति दिल्ली की तुलना में बहुत खराब है। यह अजीब बात है कि इसे दिल्ली में खोलने की अनुमति नहीं दी जा रही है।

उन्होंने आगे लिखा है कि होटल राज्य के सकल घरेलू उत्पाद और रोजगार में 8 प्रतिशत का योगदान करते हैं। साप्ताहिक बाजार 5 लाख गरीब परिवारों को रोजगार प्रदान करते हैं। कोविड की स्थिति को सफलता पूर्वक नियंत्रण में लाने के बाद अर्थ व्यवस्था को पटरी पर लाना एक चुनौती है। 

उन्होंने लिखा है कि चूंकि पिछले सप्ताह माननीय एलजी ने हमारी सिफारिश (इन क्षेत्रों को खोलने के लिए) को अस्वीकार कर दिया था, इसलिए लोगों का भारी विरोध हुआ। पूरी दिल्ली अब अपने आर्थिक सुधार की दिशा में काम करना चाहती है। दिल्ली को रोका नहीं जाना चाहिए। दिल्ली ने देश को कोरोना से निपटने का रास्ता दिखाया है। दिल्ली अब आर्थिक सुधार का रास्ता भी दिखाएगी।

राजस्व मंत्री ने कहा कि दिल्लीवासी कोरोना के प्रसार के जोखिम के प्रति सचेत हैं। लेकिन जब केंद्र सरकार उन राज्यों में कुछ क्षेत्रों को खोलने की अनुमति दे रही है, जो कोरोना का केंद्र बन गए हैं और उसी समय केंद्र दिल्ली को इन क्षेत्रों को खोलने से रोक रहा है, जब दिल्ली अपनी कड़ी मेहनत और अनुशासन के माध्यम से कोरोना को नियंत्रित करने में सक्षम हो गई है। अब दिल्ली के निवासी पूछ रहे हैं कि हमें परेशान क्यों किया जा रहा है? हमारी आजीविका पर हमला क्यों हो रहा है?

श्री कैलाश गहलोत ने कहा है कि इसलिए, मैं आग्रह करता हूं कि कोरोना की स्थिति में सुधार और दिल्लीवासियों की भावनाओं को देखते हुए हमें इन क्षेत्रों को खोलना चाहिए। इसके अलावा, अब एक सप्ताह हो गया है, जब माननीय एलजी द्वारा हमारी सिफारिश को अस्वीकार कर दिया गया था। अब हम माननीय एलजी से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह कर सकते हैं।

एमएचए ने अपने नए दिशानिर्देशों में योग केंद्र और जिम खोलने की भी अनुमति दी है। इन गतिविधियों को दिल्ली में अनुमति दी जानी चाहिए। हालांकि, भारत सरकार द्वारा जारी किए गए एसओपी का पालन किया जाना चाहिए।

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आंकड़े 

राज्य     सक्रिय केस        मौत

महाराष्ट्र    145961   334

 आंध्र प्रदेश   80426    77

 कर्नाटक   73957       100

 तमिलनाडु  54184     112 

उत्तर प्रदेश  41973     40 

पश्चिम बंगाल   22992   61

बिहार  21,992          20 

 तेलंगाना। 20,358     13 

गुजरात  14618         23

 असम     14,429         6

 राजस्थान  13251      13

 ओडिशा    13011       11 

केरल     11,524          7

 दिल्ली       10,072      11

नोट – आंकड़े 5 अगस्त के हैं।

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Maurya/

Three-day trial of e-ticketing system in Delhi government buses begins #DelhiGovernance #DelhiFightsCorona #Sustainability

*Office of Transport Minister*

*Govt. of NCT of Delhi*

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*Three-day trial of e-ticketing system in Delhi government buses begins from today*

*Transport department is going to introduce e-ticketing system to prevent the spread of COVID-19 in buses: Kailash Gahlot*

*- Trial of e-ticketing system in all the cluster buses of route number 473 will take place from August 5 to 7*

*- Passengers can take an e-ticket after boarding the bus through mobile app*

New Delhi: 05-08-2020

Delhi Transport department has started today the public trial of e-ticketing system in all buses on route no. 473. The trial will continue till 7th August. Adequate publicity was made in all the buses of the route no 473 to inform and apprise the commuters about how to download and use use a mobile app and to buy a mobile ticket. All the conductors were given online training to assist the commuters during the trial by the team of IIIT Delhi. 

Delhi’s Transport Minister Shri Kailash Gahlot had constituted a Task Force under the Chairmanship of Deputy Commissioner (cluster) for timely coordination and implementation of exploring the options of contactless mobile ticketing inside DTC and Cluster buses so that no physical contact between conductor and commuter took place due to exchange of cash or ticket. On the recommendation of this Task Force, the Transport Department had decided to conduct a public trial of the mobile contactless ticketing system.

*Any commuter can avail this contactless ticketing facility by downloading an app*

Any commuter can avail this contactless ticketing facility by downloading a special app developed with the technical support of IIIT Delhi for this project – Chatr. To download the App, the user has to search for ‘Chartr’ app on play store and download the app or the user can send ‘Hi’ on whatsApp to 9910096264, the user will get the app URL. Ticket booking can be done in two ways. In case a user know the ticket fare, he/she can open the app and click on “BY FARE”, scan the QR Code of the bus, select Buy New Ticket and choose the payment option to get the ticket. In case a user know the route, source and destination, he/she can click on “By Destination”, select the Bus Route and Source stop, select Destination stop, click on Buy and Scan Bus QR code and Choose the payment option to pay and get the ticket.

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Maurya/

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*प्रेस विज्ञप्ति*

*दिल्ली सरकार के बसों में ई-टिकटिंग सिस्टम का तीन दिवसीय ट्राॅयल आज से शुरू*

*- बसों में सफर करने के दौरान कोविड के संक्रमण को रोकने के लिए परिवहन विभाग ई-टिकटिंग सिस्टम शुरू करने जा रहा है: कैलाश गहलोत*

*- रूट नंबर 473 की सभी क्लस्टर बसों में ई-टिकटिंग सिस्टम का ट्राॅयल 5 से 7 अगस्त तक होगा*

*- यात्री मोबाइल एप पर बस में बैठने के बाद ई-टिकट ले सकते हैं*

*नई दिल्ली, 05 अगस्त, 2020*

दिल्ली सरकार का परिवहन विभाग कोरोना के संक्रमण के रोकथाम के मद्देनजर सोशल डिस्टेंसिंग को बरकरार रखने के लिए डीटीसी व क्लस्टर बसों में ई-टिकटिंग सिस्टम को शुरू करने जा रहा है। इसके लिए परिवहन विभाग आज से रूट नंबर 473 की सभी क्लस्टर बसों में तीन दिवसीय ई-टिकटिंग सिस्टम का ट्राॅयल शुरू कर दिया है। परिवहन विभाग ने अनुरोध किया है कि इस दौरान इन बसों में चलने वाले यात्रियों को मोबाइल की मदद से टिकट प्राप्त करें। ई-टिकट लेने के लिए यात्रियों को अपने मोबाइल पर चार्टर (Chartr) एप को डाउनलोड करना होगा। इस एप की मदद से यात्री टिकट की कीम (यदि आपको पता हैं) या चढ़ने-उतरने वाले स्टाप के विकल्प को चुन कर ई-टिकट ले सकते हैं। 

दिल्ली परिवहन मंत्री श्री कैलाश गहलोत का कहना है कि यात्रियों और कंडक्टरों के बीच ज्यादा से ज्यादा दूरी सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली सरकार अपनी बसों के लिए ई-टिकटिंग प्रणाली (कॉन्टैक्टलेस टिकट सिस्टम) शुरू करने की योजना बना रही है, ताकि इसकी वजह से कोरोना वायरस का फैलाव न हो सके। यात्रियों और कंडक्टरों के बीच टिकट या नकदी आदान-प्रदान करने के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने में कठिनाई होती है। डिप्टी कमिश्नर (क्लस्टर) की अध्यक्षता में इसके समन्वय और कार्यान्वयन के लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया गया है। टास्क फोर्स में डीटीसी और दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट सिस्टम लिमिटेड (डीआईएमटीएस) के अधिकारियों के अलावा आईआईआईटी दिल्ली के रिसर्चर्स और विश्व संसाधन संस्थान (WRI) के एक्सपर्ट्स भी शामिल हैं। 

टास्क फोर्स की सिफारिशों पर, परिवहन विभाग ने रूट नंबर 473 की क्लस्टर स्कीम की सभी बसों में 5, 6 और 7 अगस्त, 2020 को मोबाइल टिकटिंग का वास्तविक ट्राॅयल किया जाएगा। इसके लिए एक अगस्त से रूट नंबर 473 की क्लस्टर स्कीम की बसों में एप डाउनलोड करने, उपयोग करने और मोबाइल टिकट खरीदने की जानकारी देने के लिए उक्त मार्ग के सभी बसों में पोस्टर लगा कर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। 

दिल्ली के इंद्रप्रस्थ इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (आईआईआईटी) के तकनीकी सहयोग से इस मुहिम के लिए एक ख़ास ऐप भी बनाया गया है, जिसका नाम है चार्टर (Chartr)। डीआईएमटीएस के सुपरविजन में एक टीम ट्रायल के दौरान रूट नंबर 473 की बसों में निरीक्षण करेंगे और टीम अन्य पहलुओं के अलावा यात्रियों से प्रतिक्रिया प्राप्त करेगी। यात्रियों की सुविधा के लिए रूट नंबर 473 पर चलने वाली सभी बसों में हिन्दी और अंग्रेजी के 6 पोस्टर चस्पा किए गए हैं, ताकि यात्री उससे मदद लेकर मोबाइल में एप इंस्टाॅल करके ई-टिकट खरीद सकें। बस की सभी सीटों के पीछे क्यूआर कोड चस्पा किया गया है, ताकि किराये का भुगतान करने में यात्रियों को सहूलियत रहे। साथ ही बसों के कंडक्टर और डिपो के प्रबंधकों को आईआईटी दिल्ली की टीम ने प्रशिक्षण दिया है, ताकि वे यात्रियों की मदद कर सकें। 

 *इस तरह होगा ई-टिकट सिस्टम* 

बस में यात्रा करने वाले यात्रियों को मोबाइल से टिकट खरीदने के लिए चार्टर (Chartr) एप बनाया गया है। यात्रियों को पहले अपने मोबाइल में इस एप को स्टाॅल करना होगा। अपना रजिस्ट्रेशन करने के बाद यात्री दो तरीके से ई-टिकट प्राप्त कर सकते हैं। पहला, यदि आप टिकट की कीमत जानते हैं, तो आप बाई फेयर विकल्प पर जाकर क्यूआर कोड को स्कैन करेंगे और बाई बटन को दबाएंगे और भुगतान का विकल्प चुन कर टिकट ले सकते हैं। दूसरा, यदि आप चढ़ने वाला और गंतव्य बस स्टाॅप का नाम जानते हैं, तो आपको एप के बाई डेस्टिनेशन विकल्प पर जाकर अपना बस मार्ग और बस स्टाॅप चुनेंगे। फिर आखिरी बस स्टाॅप चुनेंगे। इसके बाद बाई बटन दबाएं और क्यूआर कोड स्कैन कर भुगतान करेंगे। ई-टिकटिंग सिस्टम एक एपीआई (एप्लिकेशन इंटरफेस) है, जिसे किसी भी एप जैसे पेटीएम, फोन पे, ओला या उबर के साथ जोड़ा जा सकता है.। इसी के साथ प्रत्येक बस के जीपीएस ट्रैकिंग को भी इनेबल करना होगा। वर्तमान में सभी क्लस्टर बसों में जीपीएस ट्रैकर हैं।

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Maurya/

Death monitoring committees submit report to CM Arvind Kejriwal, CM directs Health dept to bring deaths to zero #DelhiGovernance #DelhiFightsCorona

 Office of the Chief Minister

Govt. of NCT of Delhi

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*Death monitoring committees submit report to CM Arvind Kejriwal, CM directs Health dept to bring deaths to zero* 

*Chief Minister Arvind Kejriwal had set up four committees to analyze the high mortality rate in 10 Covid-dedicated hospitals*

*Health department had sent a checklist to Delhi hospitals on July 16 whose implementation further decreased the death rates* 

*CM Arvind Kejriwal is personally monitoring every critical patient* 

*Delhi govt to implement various suggestions given by the four committees to reduce the death rate in hospitals*

New Delhi: *5th August 2020*

Chief Minister Arvind Kejriwal on Wednesday convened a meeting with the committees which were constituted last month to inspect the 10 hospitals (government and private) in the city with the highest mortality rate, and give hospital-wise recommendations on following standard operating procedures and protocols. In the meeting, each of the four committees submitted their reports and presented recommendations to CM Arvind Kejriwal, to induce measures for the betterment of COVID patient care services and reducing mortality of COVID patients in the hospitals. 

CM Arvind Kejriwal reiterated on Wednesday that all steps should be taken to bring deaths to zero. During the inspection by the committees, it was found that the death rate in all these hospitals has decreased as compared to earlier. Chief Minister Arvind Kejriwal is personally monitoring all critical COVID-19 patients. Due to the direct intervention of the Hon’ble Chief Minister, immediate steps have been taken to reduce the rate of deaths in Delhi. On July 16, a checklist was sent by the Health department to the hospitals for Covid patient management which further helped reduce deaths due to Covid. As a result, the deaths in Delhi have come down to just 11 today. 

The committees were constituted on July 30 as a part of CM Arvind Kejriwal’s efforts to reduce the death rate in the city. Various government and private hospitals such as Lok Nayak Hospital, GTB Hospital, Safdarjung Hospital, Max East & West, Sir Ganga Ram Hospital, RML Hospital, Jaipur Golden Hospital, Sir Balaji Action Medical Institute, Escorts, and St. Stephen’s Hospital are being inspected by the committees. On the suggestions of the committees post their inspections of the hospitals, measures to contain the ward deaths and provide the best services to the COVID patients in the hospitals will be taken on behalf of the Delhi government. 

Following the inspection at various government and private hospitals in Delhi, each of the committees proposed suggestions on reducing the mortality rate in the hospitals. Some of the key suggestions proposed in the meeting were: 

*GTB Hospital*

– COVID wards to be equipped with HFNO/ BiPAP machines for early intervention 

– Early recognition and transfer of sick patients to ICU 

– Increase use of Convalescent Plasma early in the disease process

*Safdarjung Hospital*

– Early warning scorecards should be used to ensure prompt detection and shifting of patients from the wards to the critical areas

– High-risk cases should be transferred to ICU/ HDU at the earliest sign of deterioration on the basis of N/L ratio, qSOFA, raised inflammatory markers/ Trop T. 

– Number of COVID ICU beds may be increased in case there is a second wave

*Lok Nayak Hospital*

– Early warning scorecards should be used to ensure prompt detection and shifting of patients from the wards to the critical areas

– High-risk cases should be transferred to ICU/ HDU at the earliest sign of deterioration on the basis of N/L ratio, qSOFA, raised inflammatory markers/Trop T. 

*Sir Ganga Ram Hospital* 

– Early detection of complications  in patients on prolonged ventilation and management accordingly

*Sir Balaji Action Medical Institute and Jaipur Golden Hospital* 

– Early application of HFNC is desirable and will help in improving patient outcome

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Maurya/

*मुख्यमंत्री कार्यालय,*

*एनसीटी, दिल्ली, सरकार*

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 *समिति ने सीएम अरविंद केजरीवाल को सौंपी रिपोर्ट, सीएम ने डेथ को शून्य पर लाने के दिए निर्देश* 

*- मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 10 कोविड अस्पतालों में हुई अधिक मौत की दरों का विश्लेषण करने के लिए गठित की थी चार समितियां*

 *- दिल्ली के अस्पतालों को स्वास्थ्य विभाग ने 16 जुलाई को भेजी थी चेक लिस्ट, जिसके आधार पर काम करने की वजह से मौत की दरों में आई गिरावट* 

 *- मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कर रहे हर गंभीर मरीज की निगरानी* 

*- चारों समितियों ने जिन अस्पतालों में अब भी हो रही मौत उनके लिए अलग-अलग सुझाव दिए हैं, अब सरकार उन सुझावों पर अमल करेगी* 

*नई दिल्ली, 05 अगस्त, 2020*

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के जिन 10 अस्पतालों में कोरोना मरीजों की सबसे अधिक मौतें हो रही थी, उनकी स्टर्डी के लिए चार सदस्यीय कमिटी बनाई थी, आज उन कमिटियों ने अपनी रिपोर्ट सीएम अरविंद केजरीवाल को सौंप दी है। 16 जुलाई को दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग से दिल्ली के सभी अस्पतालों को चेकलिस्ट दी गई थी। जिसके आधार पर काम करने के कारण दिल्ली में कोरोना से मौत में भारी गिरावट आई है। लेकिन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की कोशिश है कि मौत को शून्य पर लाया जाए। इसके लिए कमिटियों ने 10 अस्पतालों का दौरा कर जांच की है। इसके बाद समितियों ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर मुख्यमंत्री को सौंपा है। इस रिपोर्ट में समितियों ने सभी अस्पतालों के बारे में अलग-अलग सुझाव दिया है, जिसे अब दिल्ली सरकार लागू करेगी। सीएम ने बुधवार को एक बार फिर से दोहराया कि कोरोना से मौत को शून्य पर लाने के लिए हर कदम उठाए जाए।  हालांकि इन सभी अस्पतालों में पहले के मुकाबले मौत की दर में कमी आई है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल स्वयं कोविड-19 मरीजों की निगरानी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री की सीधी निगरानी के कारण ही मौतों की दर में कमी आई है। जिसके परिणाम स्वरूप आज दिल्ली में कोविड से पहले की अपेक्षा काफी कम 11 मौतें हुई हैं। 

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने बीते सप्ताह 4 समितियों का गठन किया था। सभी समितियों में 4-4 सदस्य थे। समिति में दो सदस्य आंतरिक चिकित्सा और दो सदस्य एनेस्थेसिया के विशेषज्ञ थे। इन चारों समिति को 10 अस्पतालों में कोविड मौतों के कारण का अध्ययन करने की जिम्मेदारी दी गई थी साथ ही यह समितियों को आवंटित अस्पतालों में यह भी देखेने के लिए कहा गया था कि कोविड मरीजों के इलाज में मानकों और प्रोटोकाॅल का पालन किया गया था या नहीं? समिति ने चेक लिस्ट के आधार पर सभी अस्पतालों का दौरा कर व्यवस्था का जायजा लिया। जिसकी विस्तृत रिपोर्ट बुधवार शाम मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सौंप दी। इस दौरान समिति की ओर से दिए गए सुझाव को लागू करने पर भी सहमति बनी है। समिति ने अलग-अलग अस्पतालों के लिए अलग-अलग सिफारिश की है। 

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*समितियों द्वारा दिए गए सुझाव*

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*जीटीबी अस्पताल*

-कोविड वार्डों में शुरुआती जांच के लिए एचएफएनओ/ बीआईपीएपी मशीनों से लैस किया जाना चाहिए। 

– बीमार मरीजों को आईसीयू में जल्दी पहुंचाना और शिफ्ट करना चाहिए।

– रोगी के इलाज में जल्दी प्लाज्मा का उपयोग बढ़ाएं।

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*सफदरजंग अस्पताल*

– शुरुआती चेतावनी स्कोर कार्डों का उपयोग किया जाना चाहिए, ताकि मरीजों का तत्काल पता लगाया जा सके और उन्हें वार्डों से क्रिटिकल एरिया में स्थानांतरित किया जा सके।

– अधिक खतरे वाले मामलों को आईसीयू या एचडीयू में एन/एल अनुपात, क्यूएसओएफए, सूजन व जलन के चिन्हों व ट्रोप टी के शुरुआती संकेत पर स्थानांतरित किया जाना चाहिए।

– दूसरी स्थिति में कोविड आईसीयू बिस्तरों की संख्या बढ़ाई जा सकती है।

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*लोक नायक अस्पताल*

– शुरुआती चेतावनी स्कोर कार्डों का उपयोग किया जाना चाहिए, ताकि मरीजों का तत्काल पता लगाया जा सके और उन्हें वार्डों से क्रिटिकल एरिया में स्थानांतरित किया जा सके।

– अधिक खतरे वाले मामलों को आईसीयू या एचडीयू में एन/एल अनुपात, क्यूएसओएफए, सूजन व जलन के चिन्हों व ट्रोप टी के शुरुआती संकेत पर स्थानांतरित किया जाना चाहिए।

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*सर गंगा राम अस्पताल*

– तदनुसार लंबे समय तक वेंटिलेशन और प्रबंधन पर मरीजों में जटिलताओं का शीघ्र पता लगाना चाहिए।

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*श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट व जयपुर गोल्डन अस्पताल*

– एचएफएनसी का प्रारंभिक अनुप्रयोग वांछनीय है और रोगी के स्वास्थ्य को ठीक करने में मदद करेगा।

DDC to carry out a detailed study on measures to improve Delhi government’s revenue base #DelhiGovernance #DelhiFightsCorona

*OFFICE OF DEPUTY CHIEF MINISTER*

*GOVT of NCT of DELHI*

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*DDC to carry out a detailed study on measures to improve Delhi government’s revenue base*

*Delhi has among the higher per capita incomes in the country, but holds 19th position in terms of own tax revenue to GSDP ratio: Dy CM Manish Sisodia*

*Dy CM Manish Sisodia directs DDC to do a detailed study to improve the revenue base of Delhi*

*DDC should suggest short & long-term measures to improve the revenue base of Delhi: Dy CM Manish Sisodia*

*DDC to consult leading experts and organisations in public finance to carry out the study*

NEW DELHI :  05 August, 2020

Deputy Chief Minister and Finance Minister of Delhi Shri Manish Sisodia on Wednesday directed the Dialogue and Development Commission of Delhi (DDC) to prepare a detailed study to improve the revenue base in Delhi. Shri Sisodia said that DDC should suggest short & long-term measures to improve the revenue base of Delhi. He also directed that the DDC should consult with leading experts of the field and relevant organisations working in public finacne to carry out the study.

*The ongoing Covid-19 pandemic has put a huge strain on government revenues: Dy CM Manish Sisodia*

“The ongoing Covid-19 pandemic has put a huge strain on government revenues in the NCT of Delhi and therefore all-out efforts need to be made towards revenue augmentation so that the government is able to undertake all necessary works and programmes for the welfare of people of Delhi,” Dy CM Shri Manish Sisodia noted. 

*Delhi has among the higher per capita incomes in the country, but holds 19th position in terms of own tax revenue to GSDP ratio: Dy CM Manish Sisodia*

Deputy CM Manish Sisodia cited data from Delhi’s Economic Survey 2019-20 to note the sope of improvement in Delhi’s revenue base. As per the Economic Survey, though Delhi is one of the highest per capita income states in the country, its position is 19th in terms of own tax revenue as % of GSDP (4.73%) during 2018-19. The Tax Revenue as % of GSDP in 2019-20 are Uttar Pradesh 9.1%), Kerala (7.7%), Rajasthan (7.2%), Maharashtra (7.1%) and Andhra Pradesh (7.0%).” Looking at Delhi’s trend itself, its Tax Revenue to GSDP was 6.18% in 2019-10, which reduced to 5.38% in 2014-15 and further reduced to 4.73% in 2018-19. In comparison, the average Tax Revenue for all states as a % of their GSDP was 5.94% in 2009-10, which increased to 6.25% in 2014-15 and further increased to 6.69% in 2018-19 (Details in the attached table below).

*DDC should consult with leading experts and organisations in public finance to carry out the study: Dy CM Manish Sisodia*

Directing the DDC to conduct the study he noted, “There is scope for improving tax to GSDP by improving the revenue base. DDC may carry out a detailed study on all contributing factors by analysing all relevant tax-related data of GNCTD and suggest at short and long-term measures that need to be taken to improve the revenue base in GNCTD. DDC should consult with leading experts of the field and relevant organisations in public finance to carry out this study so as to present a holistic analysis of the current situation and improvement measures that hold the maximum potential.” He directed the DDC to present its findings within two months.

*Delhi govt’s early call for opening the economy and a robust healthcare strategy has set the right conditions for an economic revival: Jasmine Shah*

Commenting on this development, DDC Vice Chairman Shri Jasmine Shah said, “Delhi government’s early call for opening the economy and a robust healthcare strategy has set the right conditions for an economic revival. The DDC will perform a rigorous study on the improvement of the revenue base of Delhi. We will involve the field experts to perform this study. Today, the Delhi model of fighting against COVID-19 has become a model for across India and we are confident that with time and a proper strategy, we will be able to overcome the revenue deficit too.”

In a bid to improve Delhi’s revenue deficit situation, the Trade & Taxes Department of Delhi government under the directions of Finance Minister & Deputy Chief Minister Shri Manish Sisodia has started analysing the return filing status of taxpayers registered under GST. Yesterday, Shri Sisodia held a meeting with the officials of the department where it was presented that around 15000 taxpayers were analysed and nearly 970 taxpayers have not filed returns for 2020-21 from January to March. The Delhi government has also found that this year nearly 10800 companies paid lesser or zero tax from January to March. Taking cognizance of these findings the Delhi government has prepared a list of defaulters. Deputy CM Shri Sisodia has appealed all the companies to immediately deposit the taxes. He also said that the Delhi government will take stringent actions against the defaulters. The Delhi has till now evaluated 15,000 companies but in the future evaluation of 7 lakh companies registered under GST will be done. The Delhi government will take strict action against all the defaulters after the evaluation.

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Maurya/

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*उपमुख्यमंत्री कार्यालय,*

*एनसीटी, दिल्ली सरकार*

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*दिल्ली सरकार के राजस्व कलेक्शन में सुधार के लिए डीडीसी करेगी विस्तृत अध्ययन*

– *दिल्ली देश में प्रति व्यक्ति सबसे अधिक आय वाले राज्यों में से एक है, जीएसडीपी का प्रतिशत टैक्स राजस्व के मामले में 19वें स्थान पर है-  उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया*

– *उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने राजस्व कलेक्शन में सुधार के लिए डीडीसी को विस्तृत अध्ययन करने का निर्देश दिया*

– *डीडीसीडी को अध्ययन करने के लिए क्षेत्र के प्रमुख विशेषज्ञों और संबंधित संगठनों के साथ परामर्श करना चाहिए- डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया*

नई दिल्ली, 05 अगस्त, 2020

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने बुधवार को  संवाद एवं विकास आयोग दिल्ली (डीडीसीडी) को दिल्ली सरकार में राजस्व कलेक्शन को सुधारने के लिए एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए है। मनीष सिसोदिया ने कहा कि डीडीसीडी को दिल्ली के राजस्व कलेक्शन में सुधार के लिए छोटे और दीर्घकालिक उपायों का सुझाव देना चाहिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि डीडीसीडी को अध्ययन करने के लिए क्षेत्र के प्रमुख विशेषज्ञों और संबंधित संगठनों से परामर्श करना चाहिए। डीडीसीडी को यह विस्तृत अध्ययन दो महीने के अंदर सौंप देना चाहिए।

 *कोविद -19 महामारी ने सरकार के राजस्व पर काफी प्रभाव डाला – डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया*

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि कोविड -19 महामारी ने दिल्ली में सरकारी राजस्व पर काफी प्रभाव डाला है और इसलिए राजस्व वृद्धि की दिशा में हर संभव प्रयास किए जाने की आवश्यकता है, ताकि सरकार दिल्ली के निवासियों के कल्याण के लिए सभी आवश्यक कार्य और कार्यक्रमों पूरा कर सके। 

*दिल्ली देश में प्रति व्यक्ति सबसे अधिक आय वाले राज्यों में से एक है, जीएसटी का प्रतिशत टैक्स राजस्व के मामले में 19वें स्थान पर है-  उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया *

उपमुख्यमंत्री ने 2019-20 के लिए दिल्ली के आर्थिक सर्वेक्षण का भी संज्ञान लिया।  देश में प्रति व्यक्ति उच्च आय वाले राज्यों में से दिल्ली एक है। 2018-19 में जीएसडीपी (4.73 % ) का प्रतिशत हमारे टैक्स राजस्व के मामले में 19वें स्थान पर था। 2019-20 (बीई) में जीएसडीपी का प्रतिशत टैक्स राजस्व के रूप में उत्तर प्रदेश में (9.1%), केरला (7.7%), राजस्थान (7.2%), महाराष्ट्र (7.1%) और आंध्र प्रदेश (7.0%) है। अगर केवल दिल्ली के आंकड़े देखे तो वर्ष 2009-10 में दिल्ली का टैक्स राजस्व जीएसडीपी (ग्रास स्टेट डोमेस्टिक प्रोडक्ट) का 6.18 प्रतिशत है। जबकि वर्ष 2014-15 में यह 5.38 प्रतिशत और 2018-19 में गिरकर 4.73 प्रतिशत हो गया। इसकी तुलना में देश के अन्य राज्यों का एवरेज टैक्स कलेक्शन जीएसडीपी के प्रतिशत का वर्ष 2009-10 में 5.94 प्रतिशत था जो 2014-15 में बढ़कर 6.25 प्रतिशत और वर्ष 2018-19 में 6.69 फीसद हो गया। इससे साफ है कि दिल्ली में टैक्स कलेक्शन घट रहा, जबकि अन्य प्रदेशों म़े बढ़ रहा। 

(विस्तृत – नीचे टेबल में)

*डीडीसी को अध्ययन करने के लिए क्षेत्र के प्रमुख विशेषज्ञों और संबंधित संगठनों के साथ परामर्श करना चाहिए- डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया*

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने डीडीसी को निर्देशित किया कि वह इस अध्ययन शुरू करे। यहां पर राजस्व के आधार में सुधार करके जीएसडीपी के लिए टैक्स में सुधार की गुंजाइश है। डीडीसी जीएनसीटीडी के कर-संबंधी सभी प्रासंगिक डेटा का विश्लेषण करके टैक्स में योगदान देने वाले सभी कारणों पर एक विस्तृत अध्ययन कर सकती है और जीएनसीटीडी में राजस्व के आधार को बेहतर बनाने के लिए किए जाने वाले दीर्घकालिक उपायों की आवश्यकताओं पर सुझाव दे सकती है। डीडीसी को इस क्षेत्र के अग्रणी विशेषज्ञों और संबंधित संगठनों के विशेषज्ञों से सलाह लेना चाहिए, ताकि वर्तमान स्थिति और अधिक क्षमता के साथ सुधार के उपायों का सभी प्रकार से विश्लेषण प्रस्तुत किया जा सके। उन्होंने डीडीसी को दो महीने के अंदर इसके निष्कर्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

*दिल्ली सरकार की अर्थ व्यवस्था को खोलने और एक मजबूत स्वास्थ्य देखभाल की रणनीति ने आर्थिक पुर्नरुत्थान के लिए सही परिस्थितियों को निर्धारित किया है- जस्मीन शाह*

दिल्ली में राजस्व के आधार में सुधार पर अध्ययन शुरू करने की जिम्मेदारी मिलने के बाद डीडीसी के वाइस चेयरमैन जस्मीन शाह ने कहा कि दिल्ली सरकार की अर्थ व्यवस्था को खोलने और एक मजबूत स्वास्थ्य देखभाल की रणनीति ने आर्थिक पुर्नरुत्थान के लिए सही परिस्थितियों को निर्धारित किया है। दिल्ली के राजस्व के आधार में सुधार के लिए डीडीसी गहराई से अध्ययन करेगा। हम इस अध्ययन को करने के लिए क्षेत्र के विशेषज्ञों को भी शामिल करेंगे। आज, कोविड-19 के खिलाफ लड़ने का दिल्ली मॉडल पूरे भारत के लिए एक मॉडल बन गया है और हमें विश्वास है कि हम उचित रणनीति के साथ राजस्व घाटे को भी समय पर दूर कर पाएंगे।

वित्त मंत्री और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के अधीन दिल्ली राज्य व्यापार और कर विभाग ने जीएसटी में पंजीकृत करदाताओं की रिटर्न फाइलिंग स्थिति का विश्लेषण करना शुरू कर दिया है। कल, श्री सिसोदिया ने विभाग के अधिकारियों के साथ एक बैठक की, जहां यह प्रस्तुत किया गया कि लगभग 15000 करदाताओं का विश्लेषण किया गया था और लगभग 970 करदाताओं ने जनवरी से मार्च 2020-21 तक के लिए रिटर्न दाखिल नहीं किया है। दिल्ली सरकार ने यह भी पाया है कि इस साल लगभग 10800 कंपनियों ने जनवरी से मार्च तक कम या शून्य टैक्स का भुगतान किया। इन निष्कर्षों पर संज्ञान लेते हुए दिल्ली सरकार ने डिफॉल्टरों की एक सूची तैयार की है। डिप्टी सीएम श्री सिसोदिया ने सभी कंपनियों से तुरंत टैक्स जमा करने की अपील की है। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार बकाएदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। दिल्ली ने अब तक 15,000 कंपनियों का मूल्यांकन किया है, लेकिन भविष्य में जीएसटी के तहत पंजीकृत 7 लाख कंपनियों का मूल्यांकन किया जाएगा। दिल्ली सरकार मूल्यांकन के बाद सभी बकाएदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।

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South Korean Ambassador praises Delhi Model of combatting COVID-19 #DelhiGovernance #DelhiFightsCorona

Office of the Chief Minister

Govt. of NCT of Delhi

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*South Korean Ambassador praises Delhi Model of combatting COVID-19*

*Happy that our Delhi Model is being recognized across the globe: CM Arvind Kejriwal*

*I want to thank South Korean Ambassador H.E. Shin Bong-Kil for his encouraging words: CM Arvind Kejriwal*

*All nations are coming together to defeat COVID, it is the need of the hour: CM Arvind Kejriwal*

New Delhi: *4th August 2020*

South Korean Ambassador H.E. Shin Bong-Kil on Tuesday praised the Delhi Model of combatting the COVID pandemic. Delhi Chief Minister Arvind Kejriwal thanked the South Korean Ambassador for his words of appreciation on the Delhi Model. CM Arvind Kejriwal said that he is happy that Delhi Model is being recognized across the globe and that all nations need to join hands to fight and defeat COVID-19. 

In a video message, South Korean Ambassador H.E. Shin Bong-Kil said, “I am very impressed with the Delhi Model. Actually, Korean Model is 3T – Test, Trace and Treat. Delhi Model is Test and Home Quarantine, and it is a very effective and wise measure which has been made in India’s and particularly Delhi’s situation. I am very happy and I would like to congratulate the Delhi government that they made this achievement.”

Thanking Mr. Shin Bong-Kil, CM Arvind Kejriwal tweeted, “Happy that our Delhi Model is being recognized across the globe. I want to thank South Korean Ambassador H.E. Shin Bong-kil for his encouraging words. All nations coming together to defeat Covid is the need of the hour.”

Delhi has seen a sharp decline in the number of active cases in the last 24 hours, with active cases reducing to less than 10000. The number of deaths reported in the last 24 hours have come down to just 12. Home Isolation, maximum testing, increase in number of beds and good medical infrastructure have brought down the positivity and mortality rate in Delhi.

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Maurya/

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*मुख्यमंत्री कार्यालय,*

*एनसीटी, दिल्ली, सरकार*

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*दक्षिण कोरिया के राजदूत ने की कोविड-19 से मुकाबला करने के “दिल्ली मॉडल” की तारीफ*

*- मुझे खुशी है कि हमारे दिल्ली मॉडल को दुनिया भर में पहचाना जा रहा है- सीएम अरविंद केजरीवाल*

*- मैं दक्षिण कोरिया के राजदूत एच.ई. शिन बोंग-किल के उत्साह बढ़ाने वाले शब्दों के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं- सीएम अरविंद केजरीवाल*

*- कोविड को हराने के लिए सभी देश एकजुट हो रहे हैं, यह समय की जरूरत है- सीएम अरविंद केजरीवाल*

*नई दिल्ली: 04 अगस्त 2020*

दक्षिण कोरिया के राजदूत एच.ई. शिन बोंग-किल ने मंगलवार को कोविड महामारी से निपटने के लिए दिल्ली मॉडल की जमकर तारीफ की। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली मॉडल की प्रशंसा करने के लिए दक्षिण कोरिया के राजदूत को धन्यवाद दिया है। सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मुझे खुशी है कि दिल्ली मॉडल को दुनिया भर में पहचाना जा रहा है और कोविड-19 से लड़ने और उसे हराने के लिए सभी देशों को एक साथ हाथ मिलाने की जरूरत है।

एक वीडियो संदेश में, दक्षिण कोरिया के राजदूत एच.ई. शिन बोंग-किल ने कहा, ‘‘मैं दिल्ली मॉडल से बहुत प्रभावित हूं। वास्तव में, कोरियाई मॉडल 3टी- टेस्ट, ट्रेस एंड ट्रीट पर आधारित है। वहीं, दिल्ली मॉडल टेस्ट और होम क्वारंटीन पर आधारित है, और यह एक बहुत ही प्रभावी और बुद्धिमानी भरा उपाय है, जो भारत और विशेष रूप से दिल्ली की परिस्थिति के मद्देनजर बनाया गया है। मैं बहुत खुश हूं और मैं दिल्ली सरकार को बधाई देना चाहूंगा कि उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की।

श्री शिन बोंग-किल को धन्यवाद देते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘‘मुझे खुशी है कि हमारे दिल्ली मॉडल को दुनिया भर में पहचाना जा रहा है। मैं दक्षिण कोरिया के राजदूत एच शिन बोंग-किल को उनके उत्साह बढ़ाने वाले शब्दों के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। सभी देश कोविड को हराने के लिए एक साथ आ रहे हैं और यह समय की जरूरत है।”

दिल्ली में पिछले 24 घण्टे में एक्टिव केस की संख्या में भारी गिरावट देखी गई है। एक्टिव केस 10,000 से कम हो गए हैं। पिछले 24 घंटे में होने वाली मौतों की संख्या भी घटकर केवल 12 हो गई है। होम आईसोलेशन, अधिक जांच, बेड की संख्या में वृद्धि और बेहतर चिकित्सा बुनियादी ढांचे ने दिल्ली में कोविड के सकारात्मकता और मृत्यु दर को कम किया है।

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Maurya/

HoS are the leaders of their respective schools. We have trusted their leadership which has given us 98% results today- Shri Manish Sisodia #DelhiGovernance #AAPatWork #10PointGuarantee

*OFFICE OF THE DEPUTY CHIEF MINISTER*

*GOVT. OF NCT OF DELHI*

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HoS are the leaders of their respective schools. We have trusted their leadership which has given us 98% results today- Shri Manish Sisodia

Each Head of School has his own story to share. We need to learn from each other’s experiences and adopt what suits us to overcome our own shortcomings. In the coming years, this approach will lead to  a record 100% results- Manish Sisodia

Shri Manish Siosdia interacts with HoS of 19 Delhi Govt schools, discusses their experience with a special focus on areas that need improvement.

Delhi Govt. School principals share their individual experiences, highlight the role of Mission Buniyad in improving the learning levels of students and delivering outstanding results. 

New Delhi: *04-08-2020*

Deputy Chief Minister and Education Minister of Delhi, Shri Manish Sisodia met with Heads of Schools from 19 Delhi Government Schools who secured highest turnaround in pass percentage or Quality Index here at the Secretariat on Tuesday. 

The Education team of Delhi adopted three strategies to invite the HoS of the high performing schools. Delhi Govt. Schools  that exhibited highest improvement in pass percentage in class 12, schools that exhibited highest improvement in pass percentage in class 10, and schools that recorded the Highest QI amongst all Govt. schools in their respective district were called upon for this special interaction with the Hon’ble Education Minister of Delhi along with the Education Team of Delhi. 

Mr. Shailendra Sharma, Principal Advisor to Director of Education, Govt of Delhi and Ms Atishi, MLA , Kalkaji were also present at the occasion. 

HoS are the leaders of their respective schools. We have trusted their leadership which has given us 98% results today- Manish Sisodia

Appreciating the efforts of the Heads of Schools who have been committed to help their students by establishing a constant communication channel with them, keeping a tab on their performance and arranging for special classes to get their doubts cleared.

Shri Manish Sisodia said, “Heads of Schools are the leaders of their respective schools and we have entrusted them with this  great responsibility of working on performance of their students and they have delivered.” “I also need our HoS to focus on both the quantity and the quality of education. Our onus is to educate every child of Delhi,” said Shri Manish Sisodia. 

Each Head of School has his own story to share. We need to learn from each other’s experiences and adopt the ones that suits our context to overcome our own shortcomings. In the coming years, this approach will lead to  a record 100% results- Manish Sisodia

Dr. Suresh Kumar, HoS, Sarvodaya Vidyalaya, Narela (whose school recorded a 96.5 pass percentage by improving 27 percentage points)  spoke about a unique experiment that he did by identifying specific teachers with a good grasp on certain topics and making them take classes on those topics. “When these expert teachers used to take class on the topic which they are expert in, I would call all my students, even those from other sections to sit in his/her class and take notes. This helped a lot in getting their doubts cleared in those specific topics,” he said. 

Mr Ram Bharose Verma, HoS, Vijay Enclave , SBV (whose school recorded 98.3 pass percentage and, a 25% jump in class 12 Board exams and 16% jump in class 10 Board exams) stressed on the importance of giving personal time to the students every week, conducting  subject wise analysis and holding meetings with teachers to understand the lapses in teaching-learning. 

Akhil Prakash Gupta, HoS, Bharat Nagar, GBSSS, said, “We first traced the weak students, understood the topics or subjects they were facing difficulty in coping with. I then devised a plan to conduct parallel classes for Science and Maths for these students. Our first target was to get these students securing passing marks.”  The impact of assigning homework in school and checking the copies then and there itself was great, he said. “I also used to be on rounds and do surprise inspection of the classrooms,” he added. The school has recorded 100% pass percentage in both class 10 and 12 board exams.

Ms Indu Gupta, whose school scored 391 QI, highest QI in District East said that small groupings of students facing difficulty in certain topics or subjects helped a lot in improving their performance and marks.

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Maurya/

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उपमुख्यमंत्री कार्यालय

एन.सी.टी., दिल्ली सरकार

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प्रधानाचार्य स्कूल के गार्डियन। उनके नेतृत्व में हमें भरोसा है। 98% रिजल्ट के पीछे उनका नेतृत्व – उप मुख्यमंत्री सिसोदिया

मनीष सिसोदिया ने दिल्ली के 19 स्कूलों के प्रधानाचार्यों से की मुलाकात। बातचीत के जरिये उनके अनुभव को समझने की कोशिश ताकि उन मुद्दों को समझा जा सके जहाँ हमें और काम करने की ज़रूरत है।

प्रधानाचार्यों ने साझा किए अपने अनुभव। कहा, बेहतर नतीजों के पीछे मिशन बुनियाद की सोच।

हर प्रधानाचार्य की अपनी अलग कहानी। हम एक दूसरे से सीखें और अपनी कमियों को दूर करें। आने वाले सालों में यही अनुभव शत प्रतिशत नतीजों का रास्ता दिखायेगा। – उप मुख्यमंत्री सिसोदिया

नई दिल्ली, 04-08-2020

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने अपने स्कूल में पिछली बार की तुलना में इस बार सबसे ज्यादा पास पर्सेटेज या क्वालिटी इंडेक्स में बढ़त दर्ज  करने वाले सरकारी स्कूलों के 19 प्राचार्यों से आज बातचीत की। 

श्री सिसोदिया ने कहा कि स्कूल में प्राचार्य ही सभी बच्चों के अभिभावक हैं, इसलिए उनपर सबसे ज्यादा दायित्व है। श्री सिसोदिया ने कहा कि आपके नेतृत्व पर हमें पूर्ण भरोसा है और बार्ड परीक्षाओं में शानदार रिजल्ट आपलोगों की बदौलत ही संभव हुआ है। 

दिल्ली सचिवालय में आयोजित इस बैठक में श्री सिसोदिया ने खास तौर पर उन रणनीतियों के बारे में बात की जिसके कारण बोर्ड परीक्षाओं में अच्छे नतीजे हासिल हुए। श्री सिसोदिया ने भविष्य में शत-प्रतिशत नतीजे हासिल करने की दिशा में सुझाव भी मांगे और अब तक की कमियों पर भी खुलकर विचार मांगे।

श्री सिसोदिया ने कहा कि पांच साल पहले जब दिल्ली में श्री अरविंद केजरीवाल जी के नेतृत्व में सरकार बनी थी, तब हमने शिक्षा को पहली प्राथमिकता में रखा था। आज लगता है कि हमारा वह निर्णय बिल्कुल सही था। हमें पांच साल के भीतर काफी उत्साहवर्द्धक नतीजे देखने को मिले हैं। समाज के ऐसे पीछे छूटे हुए वंचित तबके के बच्चे भी अब अच्छी तरह पढ़कर टाॅपर बन रहे हैं और मां-बाप का नाम रोशन कर रहे हैं। 

श्री सिसोदिया ने कहा कि दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन के पीछे आपके शिक्षण दृष्टिकोण और रणनीतियों को समझने तथा आपको व्यक्तिगत रूप से बधाई देने के उद्देश्य से आपको आमंत्रित किया है। हम इस पर भी खुलकर चर्चा करें कि अब तक क्या कमी रह गई और आगे हम किस रणनीति पर चलें ताकि शत-प्रतिशत परिणाम हासिल हों।  

श्री सिसोदिया ने कहा कि इस बातचीत के जरिए हम आपके अनुभव को समझने की कोशिश कर रहे हैं ताकि उन मुद्दों को समझा जा सके जहां हमें काम करने की जरूरत है। श्री सिसोदिया ने कहा कि हर प्राचार्य के पास सफलता और अनुभवों की अपनी अलग कहानी है। हम एक दूसरे से सीखें और अपनी कमियों को दूर करें। आने वाले वर्षों में यही अनुभव हमें शत प्रतिशत नतीजों का रास्ता दिखाएंगे।

चर्चा के दौरान कई प्रायार्यों ने कहा कि मिशन बुनियाद के कारण शानदार सफलता मिली है। जो बच्चे किसी वजह से पढ़ाई में पीछे छूट गए थे, उनके लिए विशेष व्यवस्था करने के कारण काफी सकारात्मक माहौल बना। उन बच्चों को भी एहसास हुआ कि विद्यालय को उनकी चिंता है। इसलिए उन्होंने पूरी लगन से पढ़ाई की। 

चर्चा में यह बात भी सामने आई कि ईएमसी कक्षाओं में माइंडफुलनेस गतिविधियों ने छात्रों में एकाग्रता बनाने में मदद की। इसने कक्षा में शिक्षकों-छात्रों को जोड़ने में मदद की। पहले धारणा थी कि शिक्षक केवल तेज, स्मार्ट, मुखर बच्चों पर ध्यान देते हैं। लेकिन इन कक्षाओं के कारण शिक्षकों ने उन सभी छात्रों के साथ बातचीत की जो संकोची स्वभाव के थे या कक्षा में कम बात करते थे। ईएमसी कक्षा के कारण अब ऐसे छात्र बिना किसी हिचक के शिक्षकों के सामने अपनी बात रखते हैं। इस तरह ईएमसी क्लास से सकारात्मक बदलाव लाया है। 

बैठक में यह बात भी सामने आई कि अच्छे रिजल्ट के कारण बच्चों का आत्मसम्मान बढ़ा है। उन्हें अब यह बताने में कोई संकोच नहीं होता कि वे सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं। अब इन हमारे स्कूलों के प्रति सबका नजरिया बदल गया है। इसका श्रेय हमारे उन शिक्षकों और छात्रों को जाता है, जो लगातार प्राइवेट स्कूल के छात्रों को भी मात दे रहे हैं।

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Deputy Chief Minister reaches SKV, Chirag Delhi to hold a fourth review meeting with teachers and parents on online education model #DelhiGovernance #AAPatWork #DelhiFightsCorona

OFFICE OF THE DEPUTY CHIEF MINISTERGOVT. OF NCT OF DELHI
31-07-2020
*Deputy Chief Minister reaches SKV, Chirag Delhi to hold a fourth review meeting with teachers and parents on online education model
-*Soon there will be a vaccine to cure Corona, but there is no vaccine for the loss of education: Mr. Sisodia
-*Delhi created history with 98% result, but instead of being complacent we need to set new goal: Deputy Chief Minister
-*Online education has helped parents to connect more with their children, such experiments should continue even after schools re-open: A parent suggested
-*Once we thought of achieving 90% result, now even 98% seems less: Mr. Sisodia

Deputy Chief Shri Minister Manish Sisodia today interacted with teachers and parents at SKV School, Chirag Delhi. This was the fourth review meeting on online and semi-online education in Delhi government schools. 
Giving credit for this success to parents and teachers, Mr. Sisodia said that the government has only provided the platform, all the hard work has been done by the teachers and parents. He said that the corona epidemic is the worst crisis mankind has seen. We have to keep up the learning process even when everything else is closed.
Mr. Sisodia said, “Soon there will be a vaccine to cure Corona, but there is no vaccine for the loss of education. Therefore, we have to reduce our other expenses so that we continue with our children’s education. If there is a loss in education, it will not only be the loss of that child or family, but it will be a loss for the entire country. Our prudence is to recognize that no matter how difficult it may get, it should not affect our child’s education.” Mr. Sisodia thanked parents for their support and said, “You have transformed your home as a school, this is a big deal.”
Mr. Sisodia said that students who did not have online resources were contacted through the phone call. A semi-online pattern was introduced for them and the material was given. There was a child who did not have access to Online Education, a teacher came forward to help him. She took the help of his neighbor and arranged that facility for him. Only a teacher can do this miracle.
Mr. Sisodia said, “Online education is not an alternative to school. Going to school helps in the all-round development of a child. So we want the school to re-open as soon as possible. We did this experiment so that children do not lose their precious time.” He also spoke about the importance of activities in online education. He said Finland’s education system is considered to be the best in the world. Even in Finland, a lot is taught through various activities.
Mr. Sisodia said, “We had to implement online education suddenly without proper planning. But we can say our experiment has been successful. Parental involvement during these online sessions has been like a blessing in disguise.”
Sisodia said that the government schools of Delhi have created history this time by getting a 98% result. He said, “Five years ago when we got 88% result, we gave ourselves the target of achieving 90%. Today, the result has reached 98 percent. But let us not be complacent, but instead, let’s think of moving forward.” He said, “In a car, the front mirror is bigger, the rearview mirror is smaller. While driving, we look at the front mirror rather than looking at the rearview mirror. Similarly, in life, we have to look forward. If an organization or a family becomes happy and satisfied with its progress and stops working hard for the future, then it cannot move forward.”

A mother said that children are enjoying this form of education a lot. School teachers have worked extremely hard and this is a good opportunity for children to learn and grow. Teachers said that till now we used to connect only with children, but now we are getting the opportunity to interact with parents more. This interaction was not possible during the PTMs. Parents described online education as a useful tool and said teachers guide their children properly throughout these sessions.
The process of reviewing online education in different schools of every district will continue. The rules of social distancing were fully taken care of during the interaction.
***Maurya/

उप मुख्यमंत्री कार्यालयएनसीटी, दिल्ली सरकार
31 जुलाई 2020
ऑनलाइन शिक्षा की चौथी समीक्षा बैठक के लिए एसकेवी, चिराग दिल्ली पहुंचे उपमुख्यमंत्री, शिक्षकों अभिभावकों से लिया फीडबैक 
कोरोना का वैक्सीन बन जाएगा, लेकिन शिक्षा के नुकसान का कोई वैक्सीन नहीं : श्री सिसोदिया
98% रिजल्ट से दिल्ली ने इतिहास रचा, लेकिन इस पर आत्ममुग्ध होने के बदले अब अगला लक्ष्य निर्धारित करना होगा : उपमुख्यमंत्री
ऑनलाइन ने पेरेंट्स को भी शिक्षा से जोड़ा, स्कूल खुलने के बाद भी ऐसे प्रयोग हों : अभिभावक का सुझाव
कभी 90% रिजल्ट की सोचते थे, अब 98% भी कम लगता है : श्री सिसोदिया

उपमुख्यमंत्री श्री मनीष सिसोदिया ने आज एसकेवी, चिराग दिल्ली में शिक्षकों और अभिभावकों के साथ संवाद किया। दिल्ली सरकार के स्कूलों में सेमी आॅनलाइन शिक्षा पर यह चौथी समीक्षा बैठक हुई। 
श्री सिसोदिया ने कोरोना संकट में ऑनलाइन शिक्षा की सफलता का श्रेय अभिभावकों और शिक्षकों को देते हुए कहा कि सरकार ने सिर्फ सुविधा बढ़ाई है, सारी मेहनत तो आपने की है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी मानव जाति का सबसे बड़ा संकट है। जब सारी चीजें बंद हैं, तब भी हमें बच्चों को पढ़ाना है।
श्री सिसोदिया ने कहा कि कोरोना का वैक्सीन बन जाएगा, लेकिन शिक्षा में नुकसान की भरपाई किसी वैक्सीन से नहीं हो सकती। इसलिए हम अपने अन्य खर्च कम करके किसी भी तरह बच्चों की पढ़ाई जारी रखें। अगर पढ़ाई में नुकसान हुआ तो यह बच्चे या परिवार का नहीं, बल्कि पूरे देश का नुकसान होगा। हमारी समझदारी की पहचान यह है कि कितनी भी मुश्किल क्यों न हो, हम अपने बच्चों को जरूर पढ़ाएंगे। श्री सिसोदिया ने पेरेंट्स से मिले सहयोग के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि आपने अपने घर को स्कूल बना दिया, यह बड़ी बात है। 
श्री सिसोदिया ने कहा कि जिन बच्चों के पास ऑनलाइन साधन नहीं थे, उनके लिए सेमी ऑनलाइन व्यवस्था करते हुए स्कूल में मैटेरीयल दिया गया, फोन पर संपर्क किया गया। 
श्री सिसोदिया ने कहा कि स्कूल का कोई विकल्प नहीं है। स्कूल जाने से बच्चों का सर्वांगीण विकास होता है। इसलिए हम चाहते हैं कि स्कूल जल्द से जल्द खुले। अभी बच्चों को नुकसान ना हो, इसके लिए हमने यह प्रयोग किया। उन्होंने ऑनलाइन शिक्षा में एक्टिविटीज का महत्व भी बताया। कहा कि फिनलैंड की दुनिया में सबसे अच्छा माना जाता है। वहां भी एक्टिविटीज के जरिए काफी कुछ सिखाया जाता है।
श्री सिसोदिया ने कहा कि ऑनलाइन का प्रयोग हमें बगैर योजना के अचानक करना पड़ा। बगैर योजना इतना अच्छा प्रयोग बड़ी सफलता है। इसमें पेरेंट्स का जुड़ना ब्लेसिंग इन डिसगाइस है। 
श्री सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों ने इस बार 98% रिजल्ट ला कर इतिहास कायम किया है। पांच साल पहले जब 84% से बढ़कर 88% रिजल्ट आया था, तब हमने 90% का टारगेट रखा था। आज रिजल्ट 98 प्रतिशत पहुंच गया। लेकिन हम इससे आत्ममुग्ध न हों, बल्कि और आगे बढ़ने की सोचें। उन्होंने कहा कि कुछ अच्छा होने पर हम खुश हों, लेकिन हमेशा आगे की तरफ सोचना चाहिए। जब हम कार चलाते हैं, तो आगे की तरफ देखने का शीशा बड़ा होता है, पीछे का छोटा। हमें आगे की ओर देखते जाना है। कोई संस्था या परिवार अपनी तरक्की पर खुश होकर इत्मीनान हो जाए, तब आगे नहीं बढ़ सकती।

संवाद के दौरान शिक्षकों और अभिभावकों ने विस्तार से अपने अनुभव शेयर किए।
एक पेरेंट ने कहा कि ऑनलाइन शिक्षा ने पेरेंट्स को भी पढ़ाई से जोड़ा और हमें भी शिक्षा का मतलब समझ में आ रहा है। इसलिए स्कूल खुलने के बाद भी ऐसे प्रयोग जारी रखे जाएं।
एक पेरेंट ने कहा कि बच्चे इस पढ़ाई को खूब इंजॉय कर रहे हैं। स्कूल के टीचर्स ने बच्चों पर काफी मेहनत की है तथा बच्चों को सीखने का अच्छा अवसर मिल रहा है। टीचर्स ने कहा कि अब तक हम सिर्फ बच्चों से जुड़ते थे, लेकिन अब पेरेंट्स से भी जुड़ने का अवसर मिल रहा है। यह बात पीटीएम में इतनी अच्छी नहीं हो पाती। पेरेंट्स ने ऑनलाइन शिक्षा को काफी उपयोगी बताते हुए कहा कि शिक्षकों ने बच्चों का अच्छा मार्गदर्शन किया। 
हर जिले के विभिन्न स्कूलों में आॅनलाइन शिक्षा की समीक्षा का सिलसिला जारी रहेगा। संवाद के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पूरा ध्यान रखा गया।

Social Welfare Minister Shri Rajendra Pal Gautam hands over cheques for loans under various schemes of DSFDC #DelhiGovernance #AAPatWork #10PointGuarantee

Office of Minister of Social WelfareGovernment of NCT of Delhi**** 
Social Welfare Minister Shri Rajendra Pal Gautam hands over cheques for loans under various schemes of DSFDC
102 beneficiaries receive loans of amount worth 80 lakhs NEW DELHI :  July 31 2020
Delhi Social Welfare Minister Shri Rajendra Pal Gautam on Friday distributed cheques for loans under various schemes of DSFDC. Nearly 94 beneficiaries received a loan of upto Rs.50,000 and 8 beneficiaries received a loan of up to Rs.3,00,000. The minister on Friday disbursed a total amount of 80 lakhs as loans to the beneficiaries. 
The DSFDC provides need-based loans at concessional rates to people belonging to SC, ST, OB or Minority communities or are specially-abled and are living below the poverty line in Delhi.  The Corporation also extends the loan for starting or expanding the income-generating activity.  There is a provision of a moratorium of six months, which helps these poor persons to start their ventures systematically.
In order to benefit small time vendors who sell fruits, vegetables and other items in the weekly bazaar and have been adversely affected due to corona pandemic, the department is planning to disburse loans of upto Rs.20,000 at a low rate of interest of 4% per annum. This scheme will help these people to avoid money lenders (Mahajans).****
Maurya/****

*समाज कल्याण मंत्री कार्यालय**एनसीटी, दिल्ली सरकार*————— 

*-समाज कल्याण मंत्री ने डीएसएफडीसी योजना के तहत ऋण वितरित किए*
*- 102 व्यक्तियों को कुल 80,00,000 रुपए धनराशि का ऋण वितरण किया गया*
*नई दिल्ली, 31 जुलाई, 2020*
दिल्ली के समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने आज आयोजित एक कार्यक्रम में दिल्ली सरकार के उपक्रम, दिल्ली अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, विकलांग वित्तीय एवं विकास निगम (डीएसएफडीसी) की तरफ से संचालित की जा रही योजनाओं के तहत 94 व्यक्तियों को 50,000 रूपए और 08 लोगों को 3,00,000 रुपए की धनराशि ऋण के तौर पर प्रदान किए। इस कार्यक्रम में कुल 80,00,000 रुपए धनराशि के ऋण वितरित किए गए।
दिल्ली अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, विकलांग वित्तीय एवं विकास निगम दिल्ली में निवास करने वाले व गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, विकलांग व्यक्तियों को सस्ते ब्याज दर पर ऋण प्रदान करता है। निगम आवेदकों को यह ऋण कोई भी आय सृजन करने वाले व्यवसाय को शुरू करने अथवा उसके विस्तार के लिए प्रदान करता है। ऋण में छह माह का विलम्बकाल भी होता है, जिससे ऋण लेने वालों को अपना व्यवसाय सुचारू रूप से आरंभ करने में मदद मिलती है। दिल्ली अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, विकलांग वित्तीय एवं विकास निगम कोरोना महामारी से प्रभावित अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, विकलांग वर्ग के व्यक्तियों, जो रेहड़ी अथवा पटरी पर फल, सब्जी बेचते हैं या किसी साप्ताहिक बाजार में अपना माल बेचते हैं, उनको 20,000 रूपए का ऋण 4 प्रतिशत ब्याज की दर पर देने का विचार कर रहा है। इसके अतिरिक्त, निगम बेरोजगार युवाओं को अपना रोजगार आरम्भ करके आजीविका कमाने के हिसाब से कई योजनाओं को शुरू करने जा रहा है।****
Maurya/